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सावित्रीबाई फुले महिला एकात्म समाज मंडल – बच्चों का सर्वांगीण विकास करने वाला शिक्षा प्रकल्प

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मुंबई (विसंकें). पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम कहते थे – शिक्षा सबसे शक्तिशाली शस्त्र है, जिस में विश्व को बदलने की क्षमता है. समाज के सभी स्तरों तक शिक्षा पहुंचना आवश्यक है. शहरों में, विकसित गावों में शिक्षा पाना आसान है. अनेक स्कूल, कॉलेज बच्चों के विकास के लिए उपलब्ध हैं. परंतु देश में कई गांव ऐसे भी हैं, जहां के बच्चों तक शिक्षा का प्रकाश आज भी पहुंचा नहीं है. मराठवाडा के ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत सावित्रीबाई फुले महिला एकात्म समाज मंडल (SPMESM) संस्था ग्रामीण बच्चों को, सेवा बस्ती के बच्चों को शिक्षित करने के लिए पिछले कई साल से निरंतर कार्यरत है.

गांवों में पूर्व प्राथमिक शिक्षा के अवसर कम रहते हैं. ऐसे में SPMESM द्वारा अनेक गावों में बालवाड़ी केंद्र चलाए जाते हैं. औरंगाबाद में बीड बाईपास रोड पर ओमकार बालवाड़ी तथा चाइल्ड एजूकेशन रिसर्च सेंटर है. यह पूर्व प्राथमिक शिक्षा केंद्र है. मूल्यवर्धित शिक्षा प्रणाली बालवाड़ी की विशिष्टता है. वात्सल्य बालवाड़ी, ओमकार बालवाड़ी की ही एक शाखा है जो मुकुंद वाड़ी में चलायी जाती है. आनंद बालवाड़ी भी ओमकार बालवाड़ी की ही शाखा है जो ब्रिज वाड़ी में चलायी जाती है. मिलिंद नगर में संचालित ममता बालवाड़ी भी ओमकार बालवाड़ी की ही शाखा है.

विद्यार्थी विकास प्रकल्प SPMESM द्वारा चलाया जाने वाला एक अनोखा प्रकल्प है, जिसमें सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए लड़कों की पूरक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास का कार्य किया जाता है. किशोरी विकास प्रकल्प लड़कियों के करिअर मार्गदर्शन, शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और स्वास्थ्य जागृति के लिए चलाया जाता है. विहंग स्पेशल एजूकेशन सेंटर विशेष बच्चों के विकास के लिए चलाया जाता है एवं संगोपन प्रकल्प सर्टिफिकेट कोर्स है जो विशेष बच्चों के पालकों के लिए चलाया जाता है.

औरंगाबाद जिले के तक़रीबन २० गावों की १५ सेवा बस्तियों में रहने वाले बच्चों को SPMESM द्वारा चलाए जाने वाले इन प्रकल्पों का लाभ मिल रहा है. सभी प्रकल्पों में अलग-अलग उपक्रम चलाए जाते हैं. स्कूल जाने वाली लड़कियों का समुपदेशन किया जाता है, वीडियो शो, पथ नाट्य, युवती मंडल द्वारा लड़कियों को समाज के बारे में जागृत किया जाता है. बालवाड़ी के बच्चों को माता-पिता, दादा दादी के साथ स्कूल में मिलन, हमारे पर्व उत्सवों की जानकारी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आधार लेकर सिखाया जाता है. सर्वसाधारण को विशेष बच्चों के बारे में, उनकी विशेषता के बारे में जागृत करने के लिए विहंग स्कूल द्वारा कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं.

व्यक्तित्व विकास कैम्प, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक सामग्री वितरण, सेवा बस्ती के बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष प्रयास किये जाते हैं. लॉकडाउन के कारण पिछले कई दिनों से घर में बैठे बच्चों के लिए होम स्कूलिंग अभियान चलाया जा रहा है. इस वर्ष की शुरुआत में शिशु शिक्षण परिषद का आयोजन संस्था द्वारा किया गया था.

आज शिक्षा के क्षेत्र में SPMESM द्वारा चलाए जाने वाले सभी उपक्रम औरंगाबाद और क्षेत्र में लोगों के लिए लाभदायक सिद्ध हुए है. केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास पर बल दिया जा रहा है. इसी समय नयी पीढ़ी को समाज से, संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है.

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