करंट टॉपिक्स

अलगाववादी आसिया अंद्राबी पर चलेगा देशद्रोह का मुकदमा, NIA कोर्ट ने तय किए आरोप

नई दिल्ली. दिल्ली की NIA अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. उनके खिलाफ देशद्रोह की धाऱाओं के तहत मुकदमा चलेगा. कश्मीरी अलगाववादी और दुख्तारन-ए-मिल्लत की संस्थापक आसिया अंद्राबी और उसके सहयोगियों के खिलाफ NIA कोर्ट ने IPC की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने) 121-ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध की साजिश), 124-ए (राजद्रोह), 153-ए (विभिन्‍न समूहों के बीच वैमनस्‍यता को बढ़ावा देना), 153-बी (राष्‍ट्र की एकता को चोट पहुंचाना और 505 (लोगों को भड़काने के लिए बयान देना) के तहत आरोप तय किए हैं. इसके अलावा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18 (आतंकी गतिविधि करना या उसकी साजिश या कोशिश, सलाह या उकसाना), 20 (आतंकी गैंग या संगठन का सदस्‍य होना), 38 (आतंकी संगठन की सदस्‍यता से जुड़े अपराध) और 39 (आतंकी संगठन को दिए समर्थन से जुड़े अपराध) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं.

इससे पहले भी पिछले साल 2020 में पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, देशद्रोह और आतंकी साजिश रचने के आरोपों के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी. इस मामले में आसिया के साथ उसकी दो सहयोगियों नाहिदा नसरीन और सोफी फहमीदा पर भी इन्हीं आरोपों के तहत मुकदमा चलेगा…

आसिया पर जम्मू कश्मीर में टेरर फंडिंग करने से लेकर पत्थरबाजी के लिए महिलाओं को उकसाने तक के गंभीर आरोप हैं. इसके अलावा भड़काऊ भाषण, मादक पदार्थों की तस्करी के भी कई मामले दर्ज किए गए हैं.

अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत ने 23 मार्च, 2018 को ‘पाकिस्तान दिवस’ के रूप में मनाया था. कार्यक्रम में मौजूद आसिया अंद्राबी ने यहां भड़काऊ भाषण दिया था, साथ ही पाकिस्तान का राष्ट्रगान भी गाया गया था. इसी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आसिया अंद्राबी और उसके संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों के खिलाफ 23 मार्च, 2018 को देश विरोधी नारे लगाने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का मामला दर्ज किया था….

दिल्ली की तिहाड़ जेल में आसिया अंद्राबी बंद हैं. 2019 में NIA ने आसिया पर शिकंजा कसते हुए उसके मकान को जब्त कर लिया था. इस मकान को आतंकवाद संबंधी निधि से खरीदा गया था. मकान को गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून के तहत जब्त किया गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *