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वंचित और जरूरतमंद छात्रों की सहायता के लिए सेवा सहयोग ने लॉंच किया मोबाइल एप

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मुंबई. सेवा सहयोग फाउंडेशन हर साल वंचित और जरूरतमंद छात्रों को स्कूल किट वितरित करता है. 2020 में कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन शुरू होने के बाद छात्रों को घर पर ही पढ़ाई करना अनिवार्य हो गया था. चूंकि स्कूल बंद था और बच्चों को स्कूल नहीं जाना पड़ता था, सेवा सहयोग ने छात्रों को स्कूल किट की बजाय केवल गृह अध्ययन के लिए नोटबुक का वितरण किया था.

हालांकि, इस शैक्षणिक वर्ष में सेवा सहयोग की ओर से छात्रों को सेल्फ स्टडी मोबाइल एप (ऑनलाइन)वितरित किया जाएगा. चूंकि स्कूल बंद हैं, इसलिए छात्रों को मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं. ऑनलाइन पढ़ाई करते समय बच्चों की एकाग्रता कम होती है. उनके लिए स्कूल की तुलना में ऑनलाइन अध्ययन करना अक्सर कठिन होता है. इसलिए, वर्तमान ऑनलाइन प्रणाली में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी खल रही है. समस्या को देखते हुए सेवा सहयोग ने सेल्फ स्टडी मोबाइल एप (ऑनलाइन) शुरू करने का निर्णय लिया  है ताकि बच्चों को शैक्षणिक नुकसान न हो.

यह एप दो तरह से उपलब्ध है. जिन छात्रों के पास उचित इंटरनेट कनेक्शन नहीं है या जिनके पास इंटरनेट के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, उन्हें 16 जीबी मेमरी कार्ड पर सेल्फ स्टडी मोबाइल एप (ऑफ़लाइन) प्रदान किया जाएगा, जबकि जहां अच्छा इंटरनेट कनेक्शन है, वहाँ के छात्रों को ऑनलाइन एप प्रदान किया जाएगा. यह मेमरी कार्ड अलग-अलग कक्षा के अध्ययन से परिपूर्ण है तथा छात्र साल भर इसका उपयोग कर सकेंगे.

न केवल वीडियो, ऑडियो फॉर्मेट में होगा, बल्कि इसमें कॉन्सेप्ट भी शामिल होंगे. कॉन्सेप्ट पर आधारित कुछ प्रश्न और उत्तर  तथा परीक्षा का भी समावेश रहेगा. प्रत्येक छात्र को इसमें शामिल प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य होगा. छात्र एप का उपयोग कैसे कर रहा है, प्रत्येक छात्र ने कौन सा पाठ पढ़ा, उस पाठ को उसने कितना समझा, उसने कौन से पाठ के प्रश्न लिखे हैं, छात्रों ने साल भर कैसे इस एप का इस्तेमाल किया है. इस संबंध में एप में एक डेटाबेस भी तैयार होता है, इससे छात्रों की प्रगति का पता चल सकेगा. शैक्षणिक वर्ष के तीन-तीन महीने की अवधि में भी छात्रों की प्रगति एप के माध्यम से देखना संभव है.

यदि कोई छात्र अपेक्षित प्रगति नहीं कर रहा है, तो उसका मार्गदर्शन करने के लिए कुछ स्कूल मुख्याध्यापक और शिक्षकों के साथ भी चर्चा की गई है. छात्रों को 1 दर्जन किताबें और ड्राइंग बुक्स भी दी जाएंगी. ऑनलाइन और ऑफलाइन एप के माध्यम से छात्रों को केवल जानकारी, ज्ञान, अध्ययन पाठ प्रदान करना यही इसका मुख्य उद्देश्य नहीं है, बल्कि बच्चों को विषय को सरल शब्दों में समझाना भी है.

सेवा सहयोग को महाराष्ट्र के 15 जिलों के स्कूलों के साथ-साथ मुंबई, पालघर, दहानू, वाडा और रायगढ़ जिलों के 25,000 से अधिक छात्रों तक यह एप पहुंचाना है. छात्रों की पढ़ाई में नुकसान न हो, इसके लिए सेवा सहयोग की ओर से  मोबाइल एप का एक साल का सब्सक्रिप्शन मुफ्त दिया जाएगा. यह ई-स्कूल किट दो विकल्पों में उपलब्ध होगी.

विकल्प 1: सेल्फ स्टडी मोबाइल एप (ऑनलाइन) + 12 नोटबुक्स  + 1 ड्राइंग बुक = रु. 500 प्रति छात्र

विकल्प 2: सेल्फ स्टडी मोबाइल एप (ऑफलाइन) + 12  नोटबुक्स  + 1 ड्राइंग बुक = रु. 1 हजार प्रति छात्र (16 जीबी मेमरी कार्ड और वितरण लागत सहित)

इन विकल्पों में से एक या दोनों विकल्प चुनकर इच्छुक दाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार एक या अधिक छात्रों की सहायता करने का आग्रह सेवा सहयोग की ओर से किया गया है. सेवा सहयोग फाउंडेशन पंजीकृत संस्था है और कई प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ सीएसआर के तहत सेवा परियोजनाओं को लागू कर रहा है. आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत दान कर कटौती योग्य होगा. https://donations.sevasahayog.in/eschoolkit लिंक पर जाकर सहयोग राशि दे सकते हैं.

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