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पूरी दुनिया में भारत की नई पहचान बनेगा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर – भय्याजी जोशी

धर्मशाला. भारत सहित पूरी दुनिया में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिए श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान की शुरुआत 15 जनवरी से हो गई. इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश में निधि समर्पण अभियान का प्रारंभ धर्मशाला नगर के भगवान वाल्मीकि मंदिर से हुआ. अभियान की शुरुआत वाल्मीकि समुदाय के रतन हंस, विक्रम हंस और मायादेवी द्वारा निधि समर्पण से हुई. भय्याजी जोशी ने महर्षि वाल्मीकि मंदिर में शीष नवाया.

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए निधि समर्पण अभियान की शुरूआत करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह माननीय भय्या जी जोशी ने कहा कि सम्पूर्ण देश में निधि समर्पण अभियान का कार्य श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ-क्षेत्र न्यास की तरफ से चलाया जा रहा है. इसमें देश भर के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन सहयोग कर रहे हैं. एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन होने के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इसमें सहयोगी के नाते अपनी भूमिका निभा रहा है.

उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की हमेशा से यह मान्यता रही है कि मन्दिर निर्माण सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज का कार्य रहा है. सोमनाथ मन्दिर के निर्माण के समय भी जनसहयोग से ही मन्दिर का निर्माण किया गया था. उसी तरह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भी जनसहयोग और रामभक्तों के समर्पण से बनेगा. श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर पूरी दुनिया में भारत की नई पहचान बनेगा. इससे भारत के सांस्कृतिक-आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और हिन्दू समाज में गौरव-बोध बढ़ेगा.

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान में पहली निधि समर्पित करने वाले रतन हंस, विक्रम हंस और मायादेवी ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गौरव का क्षण है कि हमें श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान में पहला योगदान करने का अवसर प्राप्त हुआ. भगवान वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम का जीवन चरित्र लोगों के सामने रखकर दुनिया को मर्यादा का पाठ पढ़ाया. अब उनका मन्दिर बन रहा है तो उससे जुड़ना कई पीढ़ियों के स्वप्न के साकार होने जैसा है.

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र सह क्षेत्र कार्यवाह विजय कुमार, प्रांत संघचालक प्रो. वीर सिंह रांगड़ा, प्रांत कार्यवाह किस्मत कुमार, प्रांत प्रचारक संजय सिंह सहित धर्मशाला नगर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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