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जनजातियों के समग्र विकास के लिये ‘स्टफ फॉर गुड हेल्थ’

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मुंबई. दीप्ती अग्रवाल, भारत विकास परिषद मुंबई की समर्पण शाखा की सदस्य हैं. और फिलहाल वे पीपीई किट पहनकर सब्जियाँ बेचती दिखाई दे रही हैं. स्टफ फॉर गुड हेल्थ, प्रकल्प के अंतर्गत मीरा रोड के सृष्टी सेक्टर 3 में रसायनमुक्त सेंद्रीय सब्जियां निवासियों के लिये उपलब्ध करा रही हैं. अच्छे स्वास्थ्य के दृष्टीकोण से आज बहुत से लोग पारंपरिक भारतीय पद्धति से खेती कर रहे हैं. तो फिर आत्मनिर्भर भारत प्रकल्प के अंतर्गत जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिये यही पद्धति क्यों न उपयोग में लाई जाए, भारत विकास परिषद मुंबई प्रांत की समर्पण शाखा ने यह विचार किया. और ‘स्टफ फॉर गुड हेल्थ’ – सेंद्रीय सब्जियां एवं फल के प्रकल्प ने आकार लिया. प्रकल्प के अंतर्गत वनवासी बंधुओं द्वारा सेंद्रीय सब्जियों एवं फलों का उत्पादन किया जाता है और मुंबई के ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है.

वानगांव, डहाणू, सफाला और कोस्बाड के समीप रहने वाली जनजातियों को पैसों के अभाव के कारण कुछ भी करना संभव नहीं था. आज वही जनजाति बंधु सम्मान से अपना जीवन बिता रहे हैं. इसका श्रेय भारत विकास परिषद की समर्पण शाखा को जाता है. समर्पण शाखा ने घोडीपाडा के निवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने व धर्मपरिवर्तन को रोकने के लिये प्रयास शुरू किये थे. जनजाति समाज आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा होगा तो इसका लाभ धर्मपरिवर्तन करने वाले संगठन उठाते हैं.

यह कार्य तीन स्तरों पर शुरू किया गया —

  1. उस गांव में रहने वाले चार लोगों को पांच-पांच हजार रुपये मूल्य के चूजे उपलब्ध कराए गए. अब ये बड़े हो चुके हैं और इन परिवारों को अंडों की बिक्री से लगभग दो सौ रुपये की प्रतिदिन आमदनी होने लगी है. तीन चार महीनों के बाद इनकी आयु लगभग दोगुनी हो जाएगी.
  2. उसी गांव में शाखा की तरफ से सुवर्णा नामक महिला को सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई. सुवर्णा भी सिलाई के छोटे-छोटे काम कर प्रतिदिन लगभग पचास साठ रुपये कमा लेती है. उनके इतने पैसे भी बहुत होते हैं.
  3. किसानों और कृषि श्रमिकों को खड़ा करना. आज लगभग दस किसान और लगभग पचास श्रमिक अपने’आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत’ प्रकल्प से जुड़ चुके हैं. प्रकल्प को क्रियान्वित करने के लिए  STUFF for good health नामक संगठन खड़ा किया गया है. इस प्रकल्प के तहत किसानों से ऑर्गेनिक पद्धति से सब्जियों की खेती कराई जा रही है. इन सब्जियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम महिलाओं द्वारा किया जा रहा है. वर्तमान समय में प्रकल्प में 75 से अधिक पुरुष और महिलाओं को रोजगार मिल चुका है. सब्जियां मुंबई में हर जगह उपलब्ध कराई जा रही हैं.

स्टफ फॉर गुड हेल्थ सिर्फ ऑर्गेनिक सब्जियां नहीं हैं. यह एक सामाजिक पहल है. किसी भी समाज के विकास में चार सूत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. एक धर्म, दूसरा सामाजिक व्यवस्था, तीसरा समाज में रहने वालों का स्वास्थ्य और चौथा अर्थ व्यवस्था. स्टफ फॉर गुड हेल्थ की स्थापना चारों सूत्र को केंद्र में रखकर की गई है.

भारत विकास परिषद की आत्मनिर्भर भारत स्वस्थ पहल है. जनजाति बंधुओं के विकास के लिये एवं स्वास्थ्यदायी जीवन के लिये यह सेंद्रीय सब्जियाँ उपयोगी हैं.

 

 

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