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ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से 30 हजार मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति

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नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच भारतीय रेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. खाद्यान्न व अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई सुनिश्चित करने के साथ ही ऑक्सीजन एक्सप्रेस का भी संचालन किया, तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 हजार मीट्रिक टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) पहुंचाई. रेल मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक भारतीय रेलवे ने 1734 से अधिक टैंकरों में करीब 20,182 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन देश के विभिन्न राज्यों में पहुंचाई है. अब तक कुल 421 ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपना सफर पूरा कर चुकी हैं.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से देश के दक्षिणी राज्यों में 15 हजार मीट्रिक टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है. इनके माध्यम से आंध्र प्रदेश में 3600 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 3700 मीट्रिक टन और तमिलनाडु में 3700 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई गई है. रेल मंत्रालय ने बताया कि रविवार दोपहर तक दो ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन 10 टैंकरों में 177 मीट्रिक टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर रवाना हुईं.

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत करीब 50 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र में 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाने के साथ हुई थी. रेल मंत्रालय ने बताया, ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से अब तक देश के 15 राज्यों तक ऑक्सीजन राहत के रूप में पहुंचाई जा चुकी है. इन राज्यों में उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम शामिल हैं.’

रविवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा  5722 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दिल्ली में पहुंचाई है. महाराष्ट्र में 614, उत्तर प्रदेश में करीब 3797 मीट्रिक टन और मध्यप्रदेश में 656 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई. इसके अलावा हरियाणा में 2354, राजस्थान में 98, कर्नाटक में 3782, उत्तराखंड में 320, तमिलनाडु में 4941, आंध्र प्रदेश में 3664, पंजाब में 225, केरल में 513, तेलंगाना में 2972, झारखंड में 38, असम में 480 एमटी ऑक्सीजन पहुंचाई है.

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