करंट टॉपिक्स

15 अगस्त, 2022 – सर्व सामर्थ्य संपन्न, समरसता युक्त, शोषणमुक्त बनकर भारत सारे विश्व को सुख शांति का मार्ग दिखलाएगा

(नागपुर स्थित महाल संघ कार्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का उद्बोधन) सभी नागरिक सज्जन, माता भगिनी. स्वतंत्रता के...

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव – समरस समाज से ही बनेगा सशक्त भारत

दत्तात्रेय होसबाले सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज जब देश की स्वाधीनता को ७५ वर्ष हो रहे हैं तो इस अवसर पर देश का हर नागरिक...

नए ‘काल और पात्र’ के माध्यम से स्वतंत्रता की कहानी कहता है ’स्वराज’

डॉ. जय प्रकाश भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी को अभी तक प्लासी के युद्ध के बाद से कहने-सुनने का प्रचलन रहा है. स्वतंत्रता के नायकों...

देश की स्वतंत्रता के लिए समाज के सभी वर्गों ने योगदान दिया – प्रो. गणेशी लाल

भुवनेश्वर. स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के निमित्त आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल ने कहा कि स्वाधीनता एक व्यापक अर्थ वाला शब्द...

दिवा स्वप्न का नहीं, अपितु संकल्पित होने का अवसर है अमृत काल

आकाश अवस्थी मनुष्य का स्वभाव है स्वप्न देखना और कहा भी जाता है कि देश वैसा ही बनेगा जैसा उसके नागरिक चाहेंगे. भारत भी इससे...

हर घर तिरंगा अभियान – तिरंगा विरोधी वामपंथी, अभियान को किया नजरअंदाज

नई दिल्ली. भारत की स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है. महोत्सव के निमित्त...

अमृत महोत्सव – संकल्पबद्ध होकर त्याग व परिश्रम से भारत को परमवैभव संपन्न बनाना है

डॉ. मोहन भागवत सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कल (15 अगस्त) भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होंगे, स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के निमित्त समारंभ...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग 13

असेंबली में बम के धमाके से देश-विदेश में गूंजी सशस्त्र क्रांति की आवाज नरेन्द्र सहगल सरदार भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों ने लाहौर में...

वे पन्द्रह दिन… / 13 अगस्त, 1947

https://www.youtube.com/watch?v=r7G_scTEaic स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मुंबई... जुहू हवाई अड्डा. टाटा एयर सर्विसेज के काउंटर पर आठ-दस महिलाएं खड़ी हैं. सभी अनुशासित हैं और उनके चेहरों...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग / 11

बलिदान से पहले मातृभूमि की वंदना, ‘रख दे कोई जरा सी खाक-ए-वतन कफ़न पे’ बिस्मिल, अशफाक, लाहिड़ी, रोशन सिंह ने पिया शहादत का जाम नरेन्द्र...