करंट टॉपिक्स

इंडिजेनस डे – यूरोपियन्स के लिए पश्चाताप व क्षमा मांगने का दिन

प्रवीण गुगनानी मूलनिवासी दिवस या इंडिजिनस पीपल डे, भारत में एक नया षड्यंत्र है. सबसे बड़ी बात यह कि इस षड्यंत्र को जिस जनजाति समाज...

जनजाति समाज – अंग्रेजों ने षड्यंत्रपूर्वक बार-बार बदला धर्म कोड, पर जीवन व पूजा पद्धति नहीं बदल सके

ईसाई मिशनरियां और कुछ ताकतें पिछले लगभग डेढ़ सदी से यह स्थापित करने में लगी हैं कि वनवासी हिन्दू नहीं हैं. हालाँकि, उनके नेरेटिव को...

भारतवासी मूलनिवासी – बालासाहब देशपांडे ने दशकों पहले ही भांप ली थी साजिश, किया था आगाह

भारत में 700 से अधिक जनजातियां निवास करती हैं, जिनकी जनसंख्या लगभग 10 करोड़ से अधिक है. अपने पारंपरिक ज्ञान के विशाल भंडार के साथ...

कैसे भारत के जनजातीय समाज को ‘आदिवासी’ बनाया जा रहा है..?

09 अगस्त को "विश्व मूलनिवासी दिवस" मनाया जा रहा है. भारत में "विश्व आदिवासी दिवस" के रूप में मनाया जाता है. देश के विभिन्न हिस्सों...

आदिवासी हिन्दू हैं – देवीलाल फलोत

सागवाड़ा. देवीलाल फलोत बरबोदनिया ने कहा कि कोई कुछ भी कहे वागड़ में निवासरत सभी आदिवासियों की आस्था हिन्दू धर्म में सदियों से चली आ...

सब भारतवासी मूलनिवासी – जनजातियों के धर्मान्तरण के पीछे राष्ट्र को खंडित करने का षड्यंत्र

भारतीय सनातन संस्कृति सदैव  से आक्रांताओं के निशाने पर रही है, जिसका क्रम मुगलों एवं अंग्रेजों से स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भी थम नहीं पाया...

हमारे जनजाती भाइयों और बहनों ने सनातनी संस्कारों को जीवित रखा है

1193 में मुहम्मद गौरी के मनहूस कदम पड़ने से लेकर 1947 में अंग्रेजों की वापसी तक जिस घने अंधकार ने हिन्दुस्थान की अस्मिता को ढाँक...

शहरी कनेक्शन टूटने पर ही नक्सली खत्म हो पाएंगे – फारूख अली

नई दिल्ली. दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में know your Urban Naxal, कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के बारे में बताया...