करंट टॉपिक्स

दुर्भाग्य है कि राहुल को भारतीय प्रतिमान के शिक्षण संस्थान में पढ़ने का अवसर नहीं मिला

सुखदेव वशिष्ठ विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान एक जीवन्त संस्था है. अंतर्मन से विद्याभारती के लक्ष्य को स्वीकार कर सब कार्यकर्ताओं द्वारा प्रारंभ किया...

एक बहुआयामी व्यक्तित्व – लाला लाजपत राय

डॉ. अरुण मेहरा लोग कहते हैं - बदलता है जमाना, बहादुर वो हैं जो जमाने को बदल देते हैं. यह पंक्तियां शेर-ए-पंजाब लाला लाजपतराय जी...

गुरु गोविंद सिंह जी ने श्रीराम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए दो बार युद्ध किया – विनोद बंसल

नई दिल्ली. खालसा पंथ के संस्थापक दशमेश गुरु जी का हमारे देश, धर्म व संस्कृति की रक्षा हेतु योगदान विश्व इतिहास में अनुपम है. उन्होंने...

रामप्रसाद बिस्मिल

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाजूए कातिल में है. इन पंक्तियों के रचयिता, राम प्रसाद बिस्मिल, उन महान...

शून्य से शिखर तक – भामाशाह महाशय धर्मपाल आर्य

विनोद बंसल कुछ लोग कर्म शील होते हैं तो कुछ धर्मशील. कोई विद्यावान होता है तो कोई गुणवान. कोई धनवान होता है तो कोई बलवान....

ब्रिटिश साम्राज्य पर अंतिम निर्णायक प्रहार करने वाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस

पुण्यतिथि पर विशेष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” नरेंद्र सहगल यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद...

11 जून / जन्मदिवस – काकोरी कांड के नायक पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को नमन

नई दिल्ली. पंडित रामप्रसाद का जन्म 11 जून, 1897 को शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था. इनके पिता मुरलीधर जी शाहजहांपुर नगरपालिका में कर्मचारी थे. पर, आगे चलकर उन्होंने नौकरी...

तबलीगी जमात के एजेंडे से अनजान देश….!

तबलीगी जमात का नाम अभी घर-घर पहुंच जाने के बाद भी उसके काम और उद्देश्य के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. पूछने पर...

धर्म संसद में पारित प्रस्ताव – शबरीमला में परम्परा और आस्था की रक्षा करने का संघर्ष – अयोध्या आन्दोलन के समकक्ष

धर्मसंसद दिनांक 31 जनवरी, 2019 सेक्टर-14, ओल्ड जी. टी. रोड, कुम्भ मेला क्षेत्र, प्रयागराज   प्रस्ताव (1) - शबरीमला में परम्परा और आस्था की रक्षा...

तर्कपूर्ण और योग्य विचारों को अपनाना ही स्वामी श्रद्धानंद को सच्ची श्रद्धांजलि – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत वैदिक दर्शन का देश है, तर्कपूर्ण योग्य बातों को...