करंट टॉपिक्स

अंग्रेजों का भारत में प्रवेश

प्रशांत पोळ ईस्ट इंडिया कंपनी - २४ सितंबर, १५९९ को शुक्रवार था. इस दिन, लंदन के फाउंडर्स हॉल में, इंग्लैंड के ८० व्यापारी इकट्ठा हुए...

भीमा कोरेगांव का सच

देवेश खंडेलवाल 31 अक्तूबर, 1817 को रात 8 बजे ईस्ट इंडिया कंपनी के कप्तान फ्रांसिस स्टोंटो के नेतृत्व में 500 सिपाही, 300 घुड़सवार, 2 बंदूकों...

सुनो कहानी भारत की………एक

योगेश गढ़ा गया इतिहास अब न छुपने पाएगा 12 अगस्त, 1765 को व्यापारिक मंशा लेकर भारत में आई ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुग़ल बादशाह शाहआलम...

हिन्दू पुनरोत्थान का क्रम जारी रहने वाला है – पं. वामदेव शास्त्री

अमेरिका के न्यू मैक्सिको में अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक स्टडीज के प्रणेता पद्मभूषण डॉ. डेविड फ्रॉले उपाख्य पंडित वामदेव शास्त्री ने वेदों, पुराणों और अन्य भारतीय धर्मग्रंथों...

अयोध्या – फैज़ाबाद के जिला जज (ब्रिटिश जज) ने राम जन्मस्थान पर बाबरी ढांचे को दुर्भाग्यपूर्ण कहा था…

भारत में मुग़ल काल से ही यूरोपियन व्यापारियों और यात्रियों का आना प्रारंभ हो गया था. इनमें से बहुतों ने अपने यात्रा वृत्तांत संस्मरण आदि...

12 जून / बलिदान दिवस – 1857 की महाक्रान्ति के योद्धा बाबासाहब नरगुन्दकर

नई दिल्ली. भारत मां को दासता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए 1857 की महाक्रान्ति के अनेक ज्ञात और अज्ञात योद्धा हैं, जिन्होंने अपने शौर्य, पराक्रम और...