करंट टॉपिक्स

सनातन धर्म-संस्कृति के संवाहक

इन वनवासियों ने कभी विष्णु पुराण में 'उत्तरम यत समुदस्य' वाला श्लोक नहीं पढ़ा होगा, उन्होंने ऋग्वेद के हिरण्यगर्भ सूक्त को नहीं सुना होगा, उनके...

गूढ़ार्थ के पर्यायवाची – भगवान शिवशंकर

प्रशांत पोळ सृष्टि में असीम आनंद का वातावरण है. वसंत की उत्फुल्लता चहुं ओर दृष्टिगोचर हो रही है. ऋतुओं के संधिकाल का यह महापर्व अपने...

शब्द की शक्ति

हृदयनारायण दीक्षित शब्द की शक्ति असीम होती है. प्रत्येक शब्द के गर्भ में अर्थ होता है. अर्थ से भरा पूरा शब्द बहुत दूर दूर तक...

सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की कालजयी वीरांगना ‘झलकारी बाई’

ब्रिटिश शिविर में पहुँचने पर उसने चिल्लाकर कहा कि वो जनरल ह्यूरोज़ से मिलना चाहती है. ह्यूरोज़ और उसके सैनिक प्रसन्न थे कि न सिर्फ...

पर्व संस्कृति का द्वंद्वात्मक बाजारवाद

जयराम शुक्ल बाजार के ढंग निराले होते हैं. वह हमारी जिंदगी को भी अपने हिसाब से हांकता है. कभी कुछ लोग तय करते थे कि...

घर-घर में संस्कारक्षम वातावरण बनाने की आवश्यकता 

नर - नारी तत्वतः कोई भेद नहीं डॉ. किशन कछवाहा नारी की महत्ता का उल्लेख ऋग्वेद (4.14.30) में मिलता है. ऊषा के समान प्रकाशवती, हे...

प्रकृति वन्दन – भारतीय जीवन पद्धति का अभिन्न अंग

डॉ. नीरोत्तमा शर्मा भारतीय मनीषियों ने आविर्भाव काल से ही प्रकृति का महत्व अनुभूत कर लिया था और सामान्य जन में प्रसारित कर जन-जन को...

भारतीय ज्ञान का खजाना – 16……….हमारा श्रेय, जो हमसे छिन गया…

हमारा श्रेय, जो हमसे छिन गया... हाल ही में एक समाचार पत्र में यह समाचार प्रकाशित हुआ था कि विभिन्न प्रकार की खोज और शोध...