करंट टॉपिक्स

भारतीय तत्वज्ञान में ही मिलेगा सच्चा सुख – दत्तात्रेय होसबाळे जी

पुणे (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाळे जी ने कहा कि "हमारे दैनंदिन व्यवहार की हर बात (काम) सरकार करे, ऐसी सोच भारतीय...

भारतीय अवधारणाओं का सटीक अर्थ देने वाले शब्दकोश का विमोचन 11 नंवबर को

पुणे. भारतीय संकल्पनाओं के सटीक अर्थ की व्याख्या करने वाले 'एकात्म मानव दर्शन - ग्लोसरी ऑफ कांसेप्ट्स' विशेष कोश का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के...

सत्य, करुणा, शुचिता और परिश्रम सभी भारतीय धर्मों के मूलभूत गुण – मोहन भागवत जी

भोपाल. प्रज्ञा प्रवाह की अखिल भारतीय चिंतन बैठक रविवार (17 अप्रैल) को भोपाल में संपन्न हुई. दो दिवसीय चिंतन बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत...

पं. दीनदयाल जी की दृष्टि में ; अखंड भारत इसलिए.. !!

पंडित जी लिखते हैं कि - अखंड भारत के आदर्श की ओर सबका रुझान होने के बाद भी अनेक लोग इसे अव्यवहारिक मानते हैं. उनकी...

राष्ट्र का सांस्कृतिक एकात्म

जयराम शुक्ल निष्काम कर्मयोगी पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करते हुए... पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वतंत्र भारत के तेजस्वी, तपस्वी व यशस्वी चिन्तकों में...

मानव जीवन का सम्पूर्ण प्रकृति के साथ एकात्म सम्बंध स्थापित करना ही एकात्म मानवदर्शन

चित्रकूट. राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख ने 1968 में पं. दीनदयाल उपाध्याय के निर्वाण के उपरांत दीनदयाल स्मारक समिति बनाकर उनके अधूरे कार्यों को पूर्ण करने का...

पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों का ‘अखंड भारत’

जयराम शुक्ल पण्डित दीनदयाल उपाध्याय स्वतंत्र भारत के सबसे तेजस्वी, तपस्वी व यशस्वी चिन्तक हैं. उनके चिन्तन के मूल में लोकमंगल और राष्ट्र का कल्याण...

भारत  के ऋषि मुनियों का चिंतन चिरंतन और शाश्वत है – सुरेश भय्याजी जोशी

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों के चिंतन की प्रासंगिकता पर कोई प्रश्न चिह्न नहीं...