करंट टॉपिक्स

विश्व की हर समस्या का समाधान हैं श्रीराम

राज चावला 'सब के राम' – इन शब्दों का अर्थ अपनी-अपनी भावना के अनुसार अलग-अलग समझा जा सकता है, पर सभी का सार यही है...

तब राजनीतिक स्वाधीनता मिली और अब सांस्कृतिक स्वाधीनता का अवसर

अयोध्या. भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासिचव चंपत राय ने कहा कि...

हिन्दू समाज शक्ति की आराधना डराने के लिए नहीं, सज्जन शक्ति की रक्षा के लिए करता है

गाजियाबाद. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस विजयादशमी के अवसर पर इन्दिरापुरम, गाजियाबाद में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की...

राष्ट्र को समर्पित मदन जी का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी – पुष्कर सिंह धामी

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वर्गीय मदन दास देवी की अस्थियां गंगा में विसर्जित हरिद्वार. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भीमगोडा स्थित...

गांव के गांव जलाए – हजारों लोगों को मौत के घाट उतारा

17 से 21 जुलाई 1857 - अंग्रेजों द्वारा कानपुर में भीषण नरसंहार रमेश शर्मा जलियांवाला बाग में हुए सामूहिक नरसंहार को सब जानते हैं. पर...

समाज के ताने बाने को बनाए रखते हुए सही दिशा देना ही वास्तविक पत्रकारिता – डॉ. मनमोहन वैद्य

काशी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि उत्तम पत्रकारिता का उद्देश्य भारत की संस्कृति एवं भारत की मौलिकता...

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में वर्णित पेड़ पौधे

डॉ. अलका यतींद्र यादव भगवान श्री राम के जीवन का लंबा समय वनवास में व्यतीत हुआ था, अतः वनों से भारतीय संस्कृति का सम्बंध उनके...

1857 की क्रांति में बंजारों ने भी दिया था बलिदान

सन् 1857 की क्रांति के दौरान गूजर और रांघड़ों की तरह सहारनपुर जिले के बंजारों ने भी युद्ध लड़ा था. सहारनपुर जिले के बंजारों की...

संस्कार, संकल्प, जन-प्रबोधन से होगा प्रकृति संरक्षण – भय्याजी जोशी

अमरकंटक. गंगा, नर्मदा जैसी प्रमुख जीवनदायिनी नदियों के प्रति लोगों की बड़ी आस्था है. लेकिन सिर्फ इससे काम नहीं चल सकता. जब नदियों, जंगलों, पर्वतों...

मकर संक्रांति – वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और धार्मिक पर्व

विनोद जोहरी संक्रान्ति का अर्थ है, ‘सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में संक्रमण (जाना)’. एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय...