करंट टॉपिक्स

इजरायल पर प्रधानमंत्री नेहरू की कथित विदेश नीति पर मुस्लिम तुष्टीकरण हावी..!

  देवेश खंडेलवाल संविधान सभा में 4 दिसंबर, 1947 को भारत की विदेश नीति पर जवाहरलाल नेहरू ने कहा - अरब और यहूदियों के मामले...

गीता पूरी दुनिया और हर प्राणी के लिए एक महत्वपूर्ण पुस्तक है – प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने श्रीमद्भगवद्गीता की पांडुलिपि के साथ इसके श्लोकों पर 21 विद्वानों के भाष्य का लोकार्पण किया नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीमद्भगवद्गीता की...

दिल्ली की खानदानी सल्तनत ने अपनी श्रेष्ठता के आगे सबको तुच्छ माना..?

जयराम शुक्ल 31 अक्तूबर की तारीख का बड़ा महत्व है. आज के दिन ही सरदार बल्लभ भाई पटेल पैदा हुए थे. इस महान हस्ती को...

जेपी और नानाजी – लोकनीति को राजनीति से ऊपर रखा

जयराम शुक्ल अक्तूबर का महीना बड़े महत्व का है. पावन, मनभावन और आराधन का. भगवान मुहूर्त देखकर ही विभूतियों को धरती पर भेजता है. 02...

सामाजिक संगठन – सरकार के साथ मिलकर विकास में दे सकते हैं अहम योगदान

रवि प्रकाश सच्‍चाई यही है कि जब तक सरकार, सामाजिक संगठन व समाज एक साथ मिलकर काम करना शुरू नहीं करेंगे, तब तक न तो...

खिलाफत आंदोलन – जबरदस्ती और नरसंहार!

डॉ. श्रीरंग गोडबोले खिलाफत आंदोलन का अगस्त 1920 से मार्च 1922 तक का दूसरा चरण ज़बरदस्ती और नरसंहार का चरण था. इसमें असहयोग आंदोलन ने...

खिलाफत आंदोलन – याचिका और अनुनय

डॉ. श्रीरंग गोडबोले साधारणतया यह कहा जा सकता है कि अपनी शक्ति के क्षीण होने के पहले खिलाफत आन्दोलन दो चरणों  में विभाजित था. पहला...

मुस्लिम-ब्रिटिश सांठगांठ और हिन्दुओं का भोलापन  (1857-1919)

डॉ. श्रीरंग गोडबोले खिलाफत आंदोलन (1919-1924) की शुरुआत 27 अक्टूबर 1919 से मानी जा  सकती है, जब यह दिन पूरे भारत में खिलाफत दिवस के...

पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों का ‘अखंड भारत’

जयराम शुक्ल पण्डित दीनदयाल उपाध्याय स्वतंत्र भारत के सबसे तेजस्वी, तपस्वी व यशस्वी चिन्तक हैं. उनके चिन्तन के मूल में लोकमंगल और राष्ट्र का कल्याण...

राम, कृष्ण, मुक्ति संघर्ष और स्वतंत्रता – राम-कृष्ण के चरित को व्यवहारिक जीवन में उतारें

जयराम शुक्ल ऋतुराज वसंत शौर्य, उत्सव और उत्सर्ग के लिए जाना जाता है तो पावस (वर्षा ऋतु) की हरीतिमा में पवित्रता, मुक्ति, विजय और क्रांति...