You Are Here: Home » Posts tagged "नारद जयंती"

    कोरोना के बाद भविष्य का मीडिया मोबाइल स्क्रीन पर – प्रो. बीके कुठियाला

    शिमला (विसंकें). माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं हरियाणा उच्च शिक्षा आयोग के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि कोरोना महामारी ने विश्वभर में मीडिया में होने वाले परिवर्तनों को अत्याधिक गति दी है. परिणामस्वरूप पारंपरिक मीडिया के माध्यमों जैसे अखबारों, टेलीविजन का स्थान मोबाइल व टेब आधारित माध्यमों ने लिया है. जिस तरह इस माध्यम ने परम्परागत माध्यमों का स्थान लिया है, उस ...

    Read more

    देवर्षि नारद जी के सिद्धांत पत्रकार जगत में ग्रहण करने योग्य – प्रो. बी.के. कुठियाला

    आगरा (विसंकें). आदि पत्रकार देवर्षि नारद की जयंती पर विश्व संवाद केंद्र ब्रज प्रांत द्वारा वेबिनार का आयोजन किया गया. जिसमें माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के पूर्व कुलपति एवं हरियाणा उच्च शिक्षा आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर बी.के. कुठियाला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि वर्तमान में नारद जी के सिद्धांत पत्रकार जगत में ग्रहण करने योग्य हैं. पत्रकारिता में राष्ट्री ...

    Read more

    कोरोना महामारी ने मीडिया के समक्ष खड़ी की अनेक चुनौतियां – उमेश उपाध्याय

    शिमला (विसंकें). वरिष्ठ पत्रकार एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज़, मीडिया के प्रेजीडेंट उमेश उपाध्याय ने कहा कि आम से लेकर खास लोगों की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा रहे अखबारों के प्रकाशन पर कोरोना महामारी का बुरा प्रभाव पड़ा है. देश ही नहीं, बल्कि विदशों में भी बडे़-बडे़ अखबारों के प्रकाशन में कमी आई है. इसके विपरीत सोशल मीडिया में सक्रियता बढ़ने के कारण अब सूचनाओं का अंबार लग गया है, लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर संदेह बना ...

    Read more

    पत्रकारिता के आदर्श व्यक्तित्व – देवर्षि नारद

    प्रशांत पोळ आज जेष्ठ कृष्ण द्वितीया, अर्थात देवर्षि नारद जयंती. देवाधिदेवों के ऋषि यानि नारद मुनि. अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के, अनेक विषयों के ज्ञाता. अनेक ग्रन्थों के रचयिता. नारद जी द्वारा रचित ग्रन्थों में से कुछ हैं – नारद पुराण (ऐसा कहा जाता हैं, यह २५,००० श्लोकों का पुराण हैं. किन्तु अभी उपलब्ध हैं, २२,००० श्लोक), नारद स्मृति (समाज जीवन के, प्रशासन के, यम-नियम का वर्णन करने वाला ग्रंथ), नारद संहिता, नारद ...

    Read more

    इतिहास का विस्मरण कर कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता – डॉ. संबित पात्रा

    पुणे (विसंकें). डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि इतिहास का विस्मरण हो जाए तो आत्मविश्वास नहीं आता है और आत्मविश्वास खोने वाला देश कभी भी आगे नहीं जा सकता है. अपने गौरवशाली इतिहास को भूल जाना भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है. डॉ. पात्रा विश्व संवाद केंद्र और डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित देवर्षि नारद पत्रकारिता पुरस्कार समारोह में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक दुर्भाग ...

    Read more

    पत्रकारिता में गंगा जैसी निर्मलता का भाव रहना जारूरी है – हितेश शंकर

    सीकर. पाञ्चजन्य के सम्पादक हितेश शंकर ने कहा कि पत्रकारिता जीवन की आवश्यक एवं महत्वपूर्ण विधा है. पत्रकारिता का समाज में बड़ा महत्व है तथा नारद जी ने पत्रकारिता को दिव्यता प्रदान की थी. पत्रकारिता में तथ्यों के साथ खबर प्रकाशित करने से पाठकों में खबर की विश्वसनियता कायम रहती है. हितेश शंकर शनिवार को भारतीय शिक्षा संकुल में आयोजित नारद जयन्ती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे ...

    Read more

    देव, दानव, मानव सभी में देवर्षि नारद की स्वीकार्यता थी

    हिंडौन. विश्व संवाद केन्द्र द्वारा 30 जून को "देवर्षि नारद महोत्सव एवं पत्रकार सम्मान समारोह" आयोजित किया गया. मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार मनीष शुक्ला ने कहा कि देवर्षि नारद लोक कल्याण की भावना से सभी लोकों में भ्रमण करते हुए संदेशों व सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे. नारद जी देवता, दानव और मानव, सभी में समान रूप से सहज संपर्क रखते थे और निष्पक्ष रहते हुए संवाद का कार्य करते थे. किन्तु दुर्भाग्य की बात है कि ...

    Read more

    भारतीय संस्कृति में विद्यमान है समन्वय का तत्व – रामकृपाल सिंह

    भोपाल. वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में समन्वय का तत्व विद्यमान है. भारतीय संस्कृति सबको साथ लेकर चलती है. सबकी चिंता और सबके कल्याण की कामना करती है. हम जो शांति पाठ करते हैं, उसमें प्रकृति के सभी अव्यवों की शांति की प्रार्थना शामिल है. हमारी यह संस्कृति ही हमें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाती है. रामकृपाल जी देवर्षि नारद जयंति के उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में मुख्य ...

    Read more

    देवर्षि नारद पत्रकारों के लिये श्रेष्ठ आदर्श – राहुल देव

    जयपुर (विसंकें). वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने कहा कि वामपंथ ने हमारे भारतीय आत्मबोध को बहुत नुकसान पहुंचाया है, किन्तु वामपंथ अब भारत में चुनौती नहीं रहा है. अंग्रेजी तथा अंग्रेजियत भारतीयता के लिए सबसे बड़ा खतरा है. भारतीय भाषाओं के घटते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी भाषा बदलने के साथ-साथ चेतना भी बदल रही है. आने वाले समय में भारत आर्थिक रूप से निश्चित तौर पर प्रगति करेगा, किंतु भारतीयता के स ...

    Read more

    हिन्दू समाज निष्ठावान हो सकता है, कट्टर नहीं – डॉ. मनमोहन वैद्य

    निष्ठा और कट्टरता पूर्णतः भिन्न शब्द नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने हिन्दू समाज को कट्टर कहने को अनुचित बताया. उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज निष्ठावान हो सकता है, कट्टर नहीं. इसलिए हिन्दुओं को कट्टर कहना अनुचित होगा. सह सरकार्यवाह विश्व संवाद केन्द्र, विदर्भ द्वारा नागपुर के साई सभागार में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top