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    पत्रकारिता में गंगा जैसी निर्मलता का भाव रहना जारूरी है – हितेश शंकर

    सीकर. पाञ्चजन्य के सम्पादक हितेश शंकर ने कहा कि पत्रकारिता जीवन की आवश्यक एवं महत्वपूर्ण विधा है. पत्रकारिता का समाज में बड़ा महत्व है तथा नारद जी ने पत्रकारिता को दिव्यता प्रदान की थी. पत्रकारिता में तथ्यों के साथ खबर प्रकाशित करने से पाठकों में खबर की विश्वसनियता कायम रहती है. हितेश शंकर शनिवार को भारतीय शिक्षा संकुल में आयोजित नारद जयन्ती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे ...

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    भारतीय संस्कृति में विद्यमान है समन्वय का तत्व – रामकृपाल सिंह

    भोपाल. वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में समन्वय का तत्व विद्यमान है. भारतीय संस्कृति सबको साथ लेकर चलती है. सबकी चिंता और सबके कल्याण की कामना करती है. हम जो शांति पाठ करते हैं, उसमें प्रकृति के सभी अव्यवों की शांति की प्रार्थना शामिल है. हमारी यह संस्कृति ही हमें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाती है. रामकृपाल जी देवर्षि नारद जयंति के उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में मुख्य ...

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    पत्रकारिता में आध्यात्मिकता के समावेश से आएगा समाज में परिवर्तन – डॉ. मनमोहन वैद्य

    नई दिल्ली. पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में पत्रकारों को देवर्षि नारद पत्रकार सम्मान प्रदान किए गए. इन्द्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र के तत्वाधान में आयोजित देवर्षि नारद पत्रकार सम्मान समारोह-2019 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य मुख्य वक्ता, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. डॉ. मनमो ...

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    देवर्षि नारद पत्रकारों के लिये श्रेष्ठ आदर्श – राहुल देव

    जयपुर (विसंकें). वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने कहा कि वामपंथ ने हमारे भारतीय आत्मबोध को बहुत नुकसान पहुंचाया है, किन्तु वामपंथ अब भारत में चुनौती नहीं रहा है. अंग्रेजी तथा अंग्रेजियत भारतीयता के लिए सबसे बड़ा खतरा है. भारतीय भाषाओं के घटते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी भाषा बदलने के साथ-साथ चेतना भी बदल रही है. आने वाले समय में भारत आर्थिक रूप से निश्चित तौर पर प्रगति करेगा, किंतु भारतीयता के स ...

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    1976 में सब एडिटर नहीं, सब इंस्पेक्टर तय करता था कि कौन सा समाचार छापना है या नहीं

    मुरादाबाद (विसंकें). साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि केवल हम ही नहीं मानते कि देवर्षि नारद जी प्रथम संवादवाहक थे, बल्कि 02 जून 1826 को भारत का प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड शुरू हुआ था. उस दिन पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया यानि देवर्षि नारद जयंती थी. हितेश शंकर ने पत्रकारिता के मुख्य कार्य सूचना, शिक्षा एवं संचार पर बल दिया तथा नकारात्मक समाचार लेखकों और संपादको ...

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    मीडिया को अपने सामर्थ्य का समाजहित में उपयोग करना आवश्यक – विजय कुवलेकर

    मुंबई (विसंकें). झी24 तास व झी मराठी दिशा के प्रमुख संपादक विजय कुवलेकर ने कहा कि विश्वसनीयता, राष्ट्र निर्माण की नींव है. लेकिन, आज मीडिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न निर्माण हो रहा है. तथापि, मीडिया को अपने सामर्थ्य का उपयोग समाजहित में, राष्ट्रहित में करना आवश्यक है. इसी से विश्वसनीयता का निर्माण होगा और यही हमारे अस्तित्व का आधार है. वे विश्व संवाद केंद्र मुंबई द्वारा आयोजित देवर्षि नारद पत्रकारिता सम ...

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    समाज व राष्ट्र हित की पत्रकारिता युगधर्म – रमेश शुक्ला

    उदयपुर (विसंकें). रमेश शुक्ला ने कहा कि समाज हित व राष्ट्र हित की पत्रकारिता युगधर्म है. पत्रकार समाज का दर्पण है. वह अपने समाचारों से समाज एवं राष्ट्र की संस्कृति के अनुरूप समाचार लिख समाज को दिशा देने का काम करता है. वे विश्व संवाद केन्द्र, उदयपुर द्वारा नारद जयंती के उपलक्ष्य में "वर्तमान परिदृश्य में पत्रकारिता की चुनौतियां व समाधान" विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी – परिचर्चा में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि ...

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    पश्चिम की पत्रकारिता पूंजीवादी, भारतीय पत्रकारिता पुरुषार्थी पत्रकारिता है – प्रो. राकेश सिन्हा जी

    गुरुग्राम. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने कहा कि पत्रकार जगत पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए गहन चिंतन होना चाहिए. देवर्षि नारद सृष्टि के पहले पत्रकार थे, वह दैवीय शक्तियों से भी मिलते थे और दानवों से भी मिलते थे, पर उनका उद्देश्य हमेशा समाज हित ही रहा. इसलिए पत्रकार की पहली प्राथमिकता राष्ट्रीय विचार ही होना चाहिए. वे रविवार को गुरुग्राम के सेक्टर 14 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में नारद ...

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    ‘सेवा हो पत्रकारिता का लक्ष्य’ – जे. नंदकुमार जी

    भोपाल (विसंकें). प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक व केसरी समाचार पत्र के पूर्व संपादक जे. नंदकुमार जी ने कहा कि पत्रकारिता के लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए महात्मा गाँधीजी ने अपने समाचार पत्र में लिखा था कि पत्रकारिता का लक्ष्य सेवा होना चाहिए. पत्रकारिता समाज को दिशा देने वाली और सृजन करने वाली शक्ति है. महात्मा गाँधी, महर्षि अरविन्द और डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने पत्रकारिता के जिन मूल्यों को स्थापित किया है, आज ...

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    सामाजिक विभाजन से देश को खतरा – प्रो. राकेश सिन्हा जी

    नारद जयन्ती - पत्रकार सम्मान समारोह जयपुर (विसंकें). प्रो. राकेश सिन्हा जी ने कहा कि इस देश को खतरा जयचंद और मीर जाफरों से नहीं, बल्कि इस देश को खतरा सामाजिक विभाजन से है. जिस दिन भारत इस सामाजिक विभाजन को समाप्त कर लेगा. भारत को विश्व गुरू बनने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती. प्रो. राकेश सिन्हा जी रविवार, 29 अप्रैल को जयपुर में विश्व संवाद केन्द्र एवं पाथेय कण के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नारद जयन्ती एवं प ...

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