करंट टॉपिक्स

भविष्यदृष्टा सावरकर

प्रशांत पोळ निर्भयता, निडरता, निर्भीकता. इनका पर्यायवाची शब्द हैं – वीर सावरकर. इस सामान्य कद-काठी के व्यक्ति में असामान्य और अद्भुत धैर्य था. अपने ८३...

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव – 1857 की क्रांति के प्रतिसाद

रवि कुमार 10 मई, 1857 को प्रारंभ हुआ स्वतंत्रता समर 1859 आते-आते समाप्त हो गया. क्या देशभक्ति का ज्वार मात्र दो वर्ष में ही भाटे...

सन् 1857 का स्वातंत्र्य समर – स्वतंत्रता का एक सुनियोजित प्रयास

रवि कुमार भारत की स्वतंत्रता की चर्चा जब होती है तो ध्यान आता है उन क्रान्तिकारियों का, जिन्होंने स्वतंत्रता की बलि वेदी पर अपने प्राणों...

अमृत महोत्सव – स्वतन्त्रता संग्राम में आर्य समाज की भूमिका

डॉ. रवि प्रकाश भारत जब पराधीन था, उस समय देश में कई कुरीतियां और अन्य सामाजिक बुराइयाँ देश में फैली हुई थी. इन बुराईयों और...

‘स्व’ पर आधारित जीवनदृष्टि को पुनः स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध हों – दत्तात्रेय होसबाले जी

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव - स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर कर्णावती. भारत स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है. स्वतंत्रता आंदोलन सार्वदेशिक और सर्वसमावेशी था....

राष्ट्रीय-चारित्र्य की कसौटी पर हम कितना खरा उतरते हैं?

प्रणय कुमार युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं होता. शांति, संवाद, सहयोग, सह-अस्तित्व का कोई विकल्प नहीं. विश्व-मानवता के लिए यह सुखद है कि इजरायल...

बलिदान दिवस पर प्रताप गौरव केंद्र में पुष्पांजलि कार्यक्रम

उदयपुर. देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू के बलिदान दिवस पर प्रताप गौरव केन्द्र राष्ट्रीय तीर्थ...

क्या कभी ‘संघ-फोबिया’ से बाहर निकलेंगे…?

बलबीर पुंज गत 20 दिसंबर को हिंदी दैनिक में स्तंभकार रामचंद्र गुहा का आलेख, संघ क्या चाहता है प्रकाशित हुआ. इसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ...

फैक्ट चैक – भगत सिंह के मामले में अंग्रेजों के वकील का संघ से कोई संबंध नहीं था

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुछ देश विरोधी ताकतों की आंख की किरकिरी बना हुआ है. संघ उन्हें अपने मंसूबों की सफलता में सबसे बड़ी...

15 अगस्त सिर्फ जश्न का नहीं आत्ममंथन का भी दिन…!

डॉ. नीलम महेंद्र भारत हर वर्ष 15 अगस्त को अपना स्वाधीनता दिवस मनाता है. यह दिन जहां हमारे आजाद होने की खुशी लेकर आता है, वहीं इसमें...