करंट टॉपिक्स

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग / 11

बलिदान से पहले मातृभूमि की वंदना, ‘रख दे कोई जरा सी खाक-ए-वतन कफ़न पे’ बिस्मिल, अशफाक, लाहिड़ी, रोशन सिंह ने पिया शहादत का जाम नरेन्द्र...

सर्वविदित, सुस्पष्ट भारत की पहचान, भारत के “स्व” को नकारा गया..!!

[caption id="attachment_28204" align="aligncenter" width="1280"] File Photo[/caption] सर्वानुमति से लिया गया ध्वज समिति का निर्णय क्यों नहीं स्वीकार हुआ? डॉ. मनमोहन वैद्य सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

वे पंद्रह दिन… / 03 अगस्त, 1947

https://www.youtube.com/watch?v=NrZcRs_EQVY   स्वाधीनता का अमृत महोत्सव आज के दिन गांधीजी की महाराजा हरिसिंह से भेंट होना तय थी. इस सन्दर्भ का एक औपचारिक पत्र कश्मीर...

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का शिक्षा दर्शन

डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और में इसे लेकर रहूँगा” की उद्‌घोषणा करने वाले तिलक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में...

राष्ट्र कल्याण में ही मानव कल्याण

गोरखपुर. विश्व संवाद केंद्र गोरखपुर के तत्वाधान में नारद जयंती के उपलक्ष्य में सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में "वर्तमान परिवेश में पत्रकारिता की भूमिका"...

स्वामी श्रद्धानंद जी – स्वराज्य, स्वधर्म व स्वाभिमान हेतु बलिदान महात्मा

विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिन्दू परिषद एडवोकेट मुंशीराम से स्वामी श्रद्धानंद तक की जीवन यात्रा प्रत्येक व्यक्ति के लिए बेहद प्रेरणादायी है. स्वामी श्रद्धानंद उन बिरले...

काशी विश्वनाथ धाम और महात्मा गांधी

महात्मा गांधी 3 फरवरी, 1916 को काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने गए थे. अपनी इस तीर्थयात्रा का जिक्र उन्होंने अगले दिन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय...

लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान हैं

लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री याद करते हैं - "1965 की लड़ाई के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति लिंडन जॉन्सन ने शास्त्री को धमकी दी...

अंत्योदय से भारत उदय की यात्रा के शिल्पकार दीनदयाल उपाध्याय

प्रणय विक्रम सिंह राष्ट्रीय और जनपक्षधर राजनेता, तत्वदर्शी, चिंतक, दूरद्रष्टा, स्वप्नदर्शी दीनदयाल उपाध्याय की आत्मा ने आज ही के दिन दस्तक दी थी. आज ही...

नि:स्वार्थ संघर्ष से ही पूरा होगा अखंड भारत का लक्ष्य

  सुखदेव वशिष्ठ पृथ्वी पर जिस भू-भाग अर्थात् राष्ट्र के हम निवासी हैं, उस भू-भाग का वर्णन अग्नि, वायु एवं विष्णु पुराण में लगभग समानार्थी...