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    भौतिक व आध्यात्मिक तरक्की का समन्वय ही आर्थिक विषय में गांधी-चिंतन है – बजरंग लाल गुप्त जी

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर क्षेत्र संघचालक बजरंग लाल गुप्त जी ने कहा कि गांधी विश्व मानव थे, उन्होंने भारत का ही नहीं वरन पूरे विश्व का मार्ग प्रशस्त किया है. गांधी एक दृष्टा ही नहीं, सृष्टा भी थे. उन्होंने विचार भी दिए, साथ ही उन्हें व्यवहार में लाने का मार्ग भी दिखाया. वे शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा लक्ष्मीबाई महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय में “21वीं सदी के भारत में गांधी-चिंतन क ...

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    हिंसक प्रदर्शनों के पीछे की साजिशों का पर्दाफाश करना जरूरी – कर्नल जयबंस सिंह

    नागरिकता संशोधन अधिनियम पर हिंसा को लेकर रक्षा विशेषज्ञ व बुद्धिजीवियों ने जताई चिंता जालंधर (विसंकें). विश्व संवाद समिति द्वारा ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम - भ्रम और वास्तविकता’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में रक्षा विशेषज्ञों व बुद्धिजीवियों ने देश में जारी हिंसा के दौर पर चिंता जताई और इसे देशविरोधी ताकतों की साजिश बताया. रक्षा विशेषज्ञ व रक्षा मामलों के लेखक कर्नल (से.नि.) जयबंस सिंह ने इन साजिशों का पर्दाफाश कर ...

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    नागरिकता संशोधन विधेयक – 1947 का कार्य 2019 में पूर्ण हुआ

    अंततः देश विभाजन के तुरंत बाद किया जाने वाला बहू प्रतीक्षित व प्राकृतिक न्याय वाला कार्य संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के साथ अब पूर्ण हुआ. चाणक्य ने कहा था कि ऋण, शत्रु और रोग को समय रहते ही समाप्त कर देना चाहिए. जब तक शरीर स्वस्थ और आपके नियंत्रण में है, उस समय आत्म साक्षात्कार के लिए उपाय अवश्य ही कर लेना चाहिए, क्योंकि मृत्यु के पश्चात कोई कुछ भी नहीं कर सकता. नीतिशास्त्र व अर्थशास्त्र के प ...

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    जब महात्मा गांधी ने श्रीराम मंदिर में सीता-राम की प्रतिमा के दर्शन किये थे

    जब महात्मा गांधी ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर में सीता-राम की मूर्ति के दर्शन किये थे..... महात्मा गांधी अयोध्या गए थे. गांधी जी की अयोध्या यात्रा का विवरण “गांधी वाङ्गमय" खंड 19 पृष्ठ 461 पर दिया गया है जो “नवजीवन अखबार" में  मार्च 1921 में प्रकाशित हुआ था. महात्मा गांधी ने इस यात्रा का विवरण इस प्रकार बताया - “अयोध्या में जहां भगवान रामचंद्र का जन्म हुआ कहा जाता है, उसी स्थान पर एक छोटा सा मंदिर है. जब मै ...

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    हमें अपनी विरासत को संजोये रखना है – अनिरुद्ध देशपांडे जी

    मुंबई. हिन्दी विवेक मासिक पत्रिका द्वारा प्रकाशित ‘नया भारत विशेषांक’ का विमोचन 24 सितंबर को संपन्न हुआ. कार्यक्रम का आयोजन हिन्दी विवेक तथा एच.जे. दोशी घाटकोपर हिन्दू सभा हॉस्पिटल ने वरली स्थित सास्मिरा कॉलेज के सभागृह में संयुक्त रूप से किया था. प्रमुख अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. 10 वर्षीय कुमारी मुद्रा देवगीरिकर ने श्री गणेश पञ्चस्तोत्र का गायन कर सभा को भक्ति के रंग में रंगा ...

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    वे पन्द्रह दिन – समापन, 15 अगस्त के बाद…

    भारत तो स्वतंत्र हो गया. विभाजित होकर..! परन्तु अब आगे क्या..? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के बारे में जो मासूम सपने पाल रखे थे, वे टूट कर चूर-चूर हो गए. गांधी जी को लगता था, कि ‘मुस्लिम लीग को पाकिस्तान चाहिये, उन्हें वो मिल गया. अब वो क्यों किसी को तकलीफ देंगे..?’ पांच अगस्त को ‘वाह’ के शरणार्थी शिबिर में उन्होंने यह कहा था, कि मुस्लिम नेताओं ने उन्हें आश्वासन दिया है कि ‘हिन्दुओं को कुछ नहीं होग ...

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    अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 15

    नरेंद्र सहगल अखंड भारत की सर्वांग स्वतंत्रता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग की पूर्ण सहमति के बाद विश्व के सबसे प्राचीन राष्ट्र के टुकड़े कर के अंग्रेज अपने घर चले गए. इस दुर्भाग्यशाली अवसर पर ‘अखंड भारत की पूर्ण स्वतंत्रता’ के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा कितना रोई होगी, कितना तड़पी होगी, इसका अंदाजा वह कांग्रेसी नहीं लगा सकते जो हाथ में कटोरा लेकर अंग्रेजों ...

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    अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 12

    नरेंद्र सहगल 14 फरवरी 1930 को अपने दूसरे कारावास से मुक्त होकर डॉक्टर हेडगेवार ने पुनः सरसंघचालक का दायित्व सम्भाला और संघ कार्य को देशव्यापी स्वरूप देने के लिए दिन-रात जुट गए.अब डॉक्टर जी की शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक शक्तियां संघ-स्वयंसेवकों के शारीरिक, मानसिक तथा बौद्धिक विकास में लगने लगीं.स्वभाव से परिश्रमी, मन से दृढ़ निश्चयी और बुद्धि से चतुर इस महापुरुष ने अपने स्वास्थ्य की तनिक भी चिंता न करते हुए  ...

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    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 9

    नरेंद्र सहगल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अनुशीलन समिति समेत कई क्रांतिकारी दलों, विभिन्न संस्थाओं, लगभग 30 छोटी बड़ी परिषदों/मंडलों, समाचार पत्रों, आंदोलनों, सत्याग्रहों और व्यायाम शालाओं की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा एक वर्ष की सश्रम जेल यात्रा करने के पश्चात डॉक्टर हेडगेवार ने एक ऐतिहासिक शक्ति सम्पन्न और आत्मनिर्भर हिन्दू संगठन बनाने के निश्चय को व्यवहार में परिणत करने का निर्णय ले लिया.विदेशि ...

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    वे पंद्रह दिन… / 03 अगस्त, 1947

    आज के दिन गांधीजी की महाराजा हरिसिंह से भेंट होना तय थी. इस सन्दर्भ का एक औपचारिक पत्र कश्मीर रियासत के दीवान, रामचंद्र काक ने गांधीजी के श्रीनगर में आगमन वाले दिन ही दे दिया था. आज 03 अगस्त की सुबह भी गांधीजी के लिए हमेशा की तरह ही थी. अगस्त का महीना होने के बावजूद किशोरीलाल सेठी के घर अच्छी खासी ठण्ड थी. अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार गांधी जी मुंह अंधेरे ही उठ गए थे. उनकी नातिन ‘मनु’ तो मानो उनकी परछाईं ...

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