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    मूल्यों का ध्यान रख, उन पर कायम रहते हुए परिवर्तन करना है – डॉ. मोहन भागवत

    श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी समारोह का शुभारंभ नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि दत्तोपंत ठेगड़ी जी संघ परिवार के उन शख्सियतों में आते हैं, जिनमें तत्व चिंतक, उत्कृष्ट व्यक्तित्व और बेहतर संगठक के गुण थे. समाज के हर क्षेत्र में उनका समान नेतृत्व था. उनके सम्पर्क में जो भी रहा, उसे कुछ न कुछ सीखने को ही मिला है. उन्हें स्नेह, करुणा और नेतृत्व के गुण अप ...

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    श्री रामजन्मभूमि मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर सरसंघचालक मोहन भागवत जी की प्रेस वार्ता

    श्री रामजन्मभूमि के संबंध में मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस देश की जनभावना, आस्था एवं श्रद्धा को न्याय देने वाले निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है। दशकों तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह विधिसम्मत अंतिम निर्णय हुआ है। इस लंबी प्रक्रिया में श्री रामजन्मभूमि से संबंधित सभी पहलुओं का बारीकी से विचार हुआ है। सभी पक्षों के द्वारा अपने-अपने दृष्टिकोण से रखे हुए तर्कों का मूल्यांकन हुआ। धैर ...

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    अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मुद्दा राजनैतिक नहीं, देश की आस्था का विषय है – डॉ. मनमोहन वैद्य

    देश में संघ कार्य का निरंतर विस्तार हो रहा है पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय विचारों के लोगों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण भुवनेश्वर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों के कठोर परिश्रम एवं सतत प्रयास और समाज की अनुकूलता के कारण संघ कार्य का लगातार विस्तार हो रहा है. विशेष कर युवा व छात्र संघ से जुड रहे हैं. स्थानीय शिक्षा व अनुसंधान विश्वविद्यालय में र ...

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    विश्व कल्याण के लिए वेदों के पुनर्तेजस्वीकरण की आवश्यकता है – डॉ. मोहन भागवत

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारतवर्ष के सभी लोगों के नित्य जीवन का वेदों से सम्बन्ध है. वेद का अर्थ जानना होता है. जिसको हम साइंस कहते हैं वो बाहर की बातें जानना है, वेद में विज्ञान भी है और ज्ञान भी, वह भी है जो समझ में नहीं आता. वेदों का ज्ञान अपने अंदर की खोज करता है. वेद समाज को उन्नत करते हैं, समाज को उन्नत धर्म करता है और धर्म का मूल वेद हैं. अध्यात्म वि ...

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    अपना जीवन स्वार्थ के लिए नहीं, सबका भला करने के लिए है – डॉ. मोहन भागवत जी

    नई दिल्ली. दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने The RSS: Roadmaps for the 21st Century पुस्तक का विमोचन किया. कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमारा विविधताओं वाला देश है. देश एकता की विविधता को समझने वाला देश है. अपना जीवन स्वार्थ के लिए नहीं है, अपना जीवन सबका भला करने के लिए है. संघ का चिंतन है कि व्यवस्था ...

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    सरसंघचालक जी ने की विदेशी मीडिया के पत्रकारों से भेंट

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज नई दिल्ली में 30 से अधिक देशों के मीडिया प्रतिनिधियों से भेंट की. इस अवसर पर 50 से अधिक मीडिया संगठनों के 80 से अधिक पत्रकार उपस्थित थे. आज का कार्यक्रम एक सतत चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके अन्तर्गत सरसंघचालक जी समाज के विभिन्न वर्गों से निरंतर रचनात्मक संवाद करते हैं. यह संवाद लगभग ढाई घंटे चला. श्री मोहन भागवत जी ने विदेशी म ...

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    राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की सार्थक भूमिका होनी चाहिए – डॉ. मोहन भागवत

    विभिन्न पूजा पद्धतियां होने के बावजूद हमारी संस्कृति संपूर्ण देश को जोड़ती है – डॉ. मोहन भागवत सोलन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संतों, महात्माओं ने भारत की विशेषता सदियों से चली आ रही संस्कृति को बताया है, सदियों से अपने देश की एक संस्कृति रही है, जो विभिन्न पूजा-पद्धतियां होते हुए भी सम्पूर्ण देश को जोड़ती है. इसलिए हमें अपनी संस्कृति का गौरव होना चाहिए. जिस म ...

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    कर्म ही हमें धर्म की ओर प्रेरित करता है – डॉ. मोहन भागवत

    सोलन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारतीय सभ्यता-संस्कृति, पांच हजार वर्ष से भी अधिक प्राचीन है तथा विविधता में एकता के सह-अस्तित्व की विशिष्टता को दर्शाती है. धर्म वास्तविकता में एकता का एकीकृत दृश्य प्रदान करता है क्योंकि भगवान एक हैं और उनके द्वारा बनाई गई वास्तविकता, एकता और अखंडता का प्रतीक है. धर्म का उद्देश्य मानवता को एकजुट करना है और मानव जाति की सेवा ई ...

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    सरसंघचालक के काफिले की गाड़ी से टकराया असन्तुलित बाइक सवार

    अलवर. आज (11 सितंबर) गहनकर आश्रम से बहरोड जाते समय दोपहर करीब 12:10 बजे हरसौली-मुंडावर के बीच चतरपुरा गांव के निकट एक बाईक सवार सामने से आ रहा था, उसके आगे गाड़ी  थी. बाईक पर बुजुर्ग व एक बच्चा सवार थे. बाईक तेज रफ्तार में थी व हेंडल पर सामान लटका हुआ था. बाइक सवार गाड़ी ओवरटेक करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक के काफिले की गाड़ी से टकराकर असंतुलित होकर गिर गया. बाइक काफिले की मुख्य गाड़ी से दो गाड़ ...

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    09 सितम्बर / जन्मदिवस- भारती पत्रिका के संस्थापक – दादा भाई

    नई दिल्ली. आज सब ओर अंग्रेजीकरण का वातावरण है. संस्कृत को मृत भाषा माना जाता है. ऐसे में गिरिराज शास्त्री जी (दादा भाई) ने संस्कृत की मासिक पत्रिका ‘भारती’ का कुशल संचालन कर लोगों को एक नयी राह दिखाई है. दादा भाई का जन्म नौ सितम्बर, 1919 (अनंत चतुर्दशी) को राजस्थान के भरतपुर जिले के कामां नगर में आचार्य आनंदीलाल जी और चंद्राबाई जी के घर में हुआ था. इनके पूर्वज राजवैद्य थे. कक्षा छह के बाद दादा भाई ने संस्कृ ...

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