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    वे पन्द्रह दिन… / 04 अगस्त, 1947

    आज चार अगस्त... सोमवार. दिल्ली में वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की दिनचर्या, रोज के मुकाबले जरा जल्दी प्रारम्भ हुई. दिल्ली का वातावरण उमस भरा था, बादल घिरे हुए थे, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी. कुल मिलाकर पूरा वातावरण निराशाजनक और एक बेचैनी से भरा था. वास्तव में देखा जाए तो सारी जिम्मेदारियों से मुक्त होने के लिए माउंटबेटन के सामने अभी ग्यारह रातें और बाकी थीं. हालांकि उसके बाद भी वे भारत में ही रहने वाले थे, भारत ...

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    22 जुलाई / पुण्यतिथि – वीरेन्द्र मोहन जी का असमय प्रयाण

    नई दिल्ली. इसे शायद विधि का क्रूर विधान ही कहेंगे कि वीरेन्द्र मोहन जी ने एक दुर्घटना में बाल-बाल बच जाने पर प्रचारक बनने का संकल्प लिया था, पर प्रचारक बनने के बाद एक दुर्घटना में ही उनकी जीवन-यात्रा पूर्ण हुई. वीरेन्द्र जी का जन्म 1963 में ग्राम खिजराबाद (जिला यमुनानगर, हरियाणा) में ज्ञानचंद सिंगला जी एवं शीलादेवी जी के घर में हुआ था. उनके पिताजी की छोटी सी हलवाई की दुकान थी. बड़े भाई सुरेन्द्र जी ने चिकित ...

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    12 जुलाई / पुण्यतिथि – जुगल किशोर जी – घड़ी बेच, उधार लेकर भी जारी रखा संघकार्य

    नई दिल्ली. मध्यभारत प्रांत की प्रथम पीढ़ी के प्रचारकों में से एक जुगल किशोर जी का जन्म इंदौर के एक सामान्य परिवार में वर्ष 1919 में हुआ था. भाई-बहिनों में सबसे बड़े होने के कारण घर वालों को उनसे कुछ अधिक ही अपेक्षाएं थीं, पर उन्होंने संघकार्य का व्रत अपनाकर आजीवन उसका पालन किया. जुगल जी किशोरावस्था में संघ के सम्पर्क में आकर शाखा जाने लगे. उन्होंने इंदौर के होल्कर महाविद्यालय से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की ...

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    10 जुलाई / जन्मदिवस – संकल्प के धनी जयगोपाल जी

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में अनेक कार्यकर्ता प्रचारक जीवन स्वीकार करते हैं, पर ऐसे लोग कम ही होते हैं, जो बड़ी से बड़ी व्यक्तिगत या पारिवारिक बाधा आने पर भी अपने संकल्प पर दृढ़ रहते हैं. जयगोपाल जी उनमें से ही एक थे. उनका जन्म अविभाजित भारत के पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त स्थित डेरा इस्माइल खां नगर के एक प्रतिष्ठित एवं सम्पन्न परिवार में 10 जुलाई, 1923 को हुआ था. अब यह क्षेत्र पाकिस्तान में ...

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    05 जुलाई / पुण्यतिथि – हंसकर मृत्यु को अपनाने वाले अधीश जी

    नई दिल्ली. किसी ने लिखा है - तेरे मन कुछ और है, दाता के कुछ और. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अधीश जी के साथ भी ऐसा ही हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए उन्होंने जीवन अर्पण किया, पर विधाता ने 52 वर्ष की अल्पायु में ही उन्हें अपने पास बुला लिया. अधीश जी का जन्म 17 अगस्त, 1955 को आगरा के एक अध्यापक जगदीश भटनागर तथा उषा देवी के घर में हुआ. बालपन से ही उन्हें पढ़ने और भाषण देने का शौक था. वर्ष 1968 में विद ...

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    आपातकाल, पुलिसिया कहर और संघ

    भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 में उस समय एक काला अध्याय जुड़ गया, जब देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं, राजनीतिक शिष्टाचार तथा सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर मात्र अपना राजनीतिक अस्तित्व और सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल थोप दिया. उस समय इंदिरा गांधी की अधिनायकवादी नीतियों, भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा और सामाजिक अव्यवस्था के विरुद्ध सर्वोदयी नेता जयप्रकाश नार ...

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    राष्ट्र के प्रति समर्पण सिखाने वाली पाठशाला है संघ की शाखा – स्वान्त रंजन

    उदयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वान्त रंजन जी ने कहा कि संघ की शाखा केवल खेल खेलने का स्थान नहीं है. संघ के तृतीय सरसंघचालक बाला साहब देवरस ने कहा था कि संघ की शाखा सज्जनों की सुरक्षा का बिन बोले अभिवचन है, तरुणों को व्यसन मुक्त रखने वाला संस्कार पीठ है, आपत्ति-विपत्ति में त्वरित निरपेक्ष सहायता का आशा केन्द्र है, महिला सुरक्षा और सभ्य आचरण का आश्वासन है, दुष ...

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    08 जून / जन्मदिवस – तपस्वी प्रचारक : मधुसूदन देव जी

    नई दिल्ली. यूं तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में पले-बढ़े सभी प्रचारक परिश्रम, सादगी, प्रेमभाव और सरलता की प्रतिमूर्ति होते हैं, पर उनमें से कुछ के तपस्वी जीवन की छाप सामान्य कार्यकर्त्ता के मन-मस्तिष्क पर बहुत गहराई से अंकित हो जाती है. मधुसूदन गोपाल देव जी ऐसे ही एक प्रचारक थे. कार्यकर्ताओं में वे ‘देव जी’ के नाम से लोकप्रिय थे. देव जी का जन्म आठ जून, 1918 को धन्तोली, नागपुर में गोपाल देव जी एवं उ ...

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    14 मई / पुण्यतिथि – उत्कृष्ट लेखक भैया जी सहस्रबुद्धे

    नई दिल्ली. प्रभावी वक्ता, उत्कृष्ट लेखक, कुशल संगठक, व्यवहार में विनम्रता व मिठास के धनी प्रभाकर गजानन सहस्रबुद्धे का जन्म खण्डवा (मध्य प्रदेश) में 18 सितम्बर, 1917 को हुआ था. उनके पिताजी वहां अधिवक्ता थे. वैसे यह परिवार मूलतः ग्राम टिटवी (जलगाँव, मध्य प्रदेश) का निवासी था. भैया जी जब नौ वर्ष के ही थे, तब उनकी माताजी का देहान्त हो गया. इस कारण तीनों भाई-बहिनों का पालन बदल-बदलकर किसी सम्बन्धी के यहां होता रह ...

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    23 सितम्बर / जन्मदिवस – नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले जी

    नई दिल्ली. अनुशासन के प्रति अत्यन्त कठोर श्री अनंत रामचंद्र गोखले जी का जन्म 23 सितम्बर, 1918 (अनंत चतुर्दशी) को म.प्र. के खंडवा नगर में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था. ‘’ संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिता श्री सदाशिव गोलवलकर जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे उनके घर में ही रहते थे. नागपुर से इंटर करते समय गोखले जी धंतोली सायं शाखा में जाने लगे. एक सितम्बर, 1938 को वहीं उन्होंने प्रतिज्ञा ली. इंटर की ...

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