करंट टॉपिक्स

भारत की विशिष्टताओं और विविधताओं को एक सूत्र में पिरोता संविधान

ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष आज भारत विश्व के सबसे बड़े, गतिशील एवं जीवंत लोकतंत्र के रूप में प्रतिष्ठित है. लोकतंत्र की यह संकल्पना हमारे संविधान...

“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – संविधान के ध्येय के अनुरूप राष्ट्रहित में कार्यरत”

प्रो. मनीषा शर्मा हमारे देश का संविधान भले ही 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था. परंतु 26 नवंबर, 1949 को ही देश की...

लोकतंत्र को कलंकित करने वाली हिंसा एवं अराजकता

प्रणय कुमार लोकतांत्रिक मूल्यों को धत्ता बताते हुए सरकार का विरोध करते-करते कुछ लोग (राजनीतिक दल) देशविरोधी, समाज विघातक तत्वों के हाथों में खेलने लगते...

72वें गणतंत्र दिवस पर देशविरोधियों की कलुषित कलंक कथा

सूर्यप्रकाश सेमवाल देश के 72वें गणतंत्र दिवस पर लाल किले की प्राचीर से लेकर दिल्ली पुलिस के मुख्यालय आईटीओ में किसानों की ट्रैक्टर परेड के...

राष्ट्रीय मतदाता दिवस और हमारी जिम्मेदारी

प्रणय कुमार लोकतांत्रिक मूल्यों एवं मानवाधिकारों की रक्षा का दंभ भरने वाले अमेरिका और पश्चिमी जगत के यथार्थ से हम अनभिज्ञ नहीं. ट्रंप-बाइडेन विवाद और...

मीडिया – तथ्यों को तोड़ मरोड़कर परोसने वालों की मानसिकता समझने की आवश्यकता…!!!

लोकतंत्र में मीडिया की अहम भूमिका है. देश के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक फलक पर क्या कुछ घटित हो रहा है, इससे आम जनता...

भारत में लोकतंत्र – भगवान बसवेश्वर ने मैग्नाकार्टा से पहले लिख दिया था लोकतंत्र का चार्टर

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन की नींव रखने के बाद अपने संबोधन में भगवान बसवेश्वर का स्मरण किया. उन्होंने कहा कि...

लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत विचार-विमर्श को विवाद में नहीं बदलने देती – राष्‍ट्रपति कोविंद

25 नवम्‍बर, 2020 को गुजरात के केवडिया में पीठासीन अधिकारियों के 80वें अखिल भारतीय सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि...

रानी दुर्गावती शोध संस्थान में ‘निष्पक्ष चुनाव, स्वस्थ प्रजातंत्र’ विषय पर परिचर्चा

परिचर्चा में रूस, जर्मनी, जापान, ब्राजील के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया भारत विश्व का सबसे बड़ा स्वस्थ प्रजातंत्र है और इसकी मजबूती का कारण...

पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ –  रामदत्त चक्रधर जी

समाज में हो रहे सकारात्मक काम को दिखाने की जरूरत आद्य संपादक महर्षि वेद व्यास - अतीत और वर्तमान विषय पर गोष्ठी आयोजित रांची (विसंकें)....