करंट टॉपिक्स


Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/sandvskbhar21/public_html/wp-content/themes/newsreaders/assets/lib/breadcrumbs/breadcrumbs.php on line 252

शिकागो धर्म संसद की वर्षगांठ – हिन्दुत्व के दर्शन से परिचित होने का दिन

नरेन्द्र जैन जब अफगानिस्तान में कट्टर इस्लामिक उभार के कारण मानवता त्राहि-त्राहि कर रही है, तब कम्युनिस्ट जमात ‘हिन्दुत्व’ को समाप्त करने के लिए उस...

वैक्सीन मैत्री – चीन के बाज़ारवाद पर भारी भारत की मानवीय संवेदना

वर्ष 2020 वैश्विक आपदा का रहा, जिससे सम्पूर्ण मानव जीवन गंभीर संकट मंडराता रहा. यह संपूर्ण विश्व के लिए कठिन परीक्षा का समय था. संकट...

अ. भा. प्र. स. प्रस्ताव दो : कोविड महामारी के सम्मुख खड़ा एकजुट भारत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, बेंगलूरु युगाब्द 5122,  19, 20 मार्च 2021 अ. भा. प्र. स. प्रस्ताव दो : कोविड महामारी के सम्मुख...

वैक्सीन मैत्री – विश्व बंधुत्व के अपने दायित्व को निभा रहा भारत

सुखदेव वशिष्ठ विश्व के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी कोरोना से बचने के लिए कई जगहों पर नए सिरे से लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं....

‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ में निहित मानवाधिकार

सूर्यप्रकाश सेमवाल सर्वे भवन्तु सुखिनः के भारतीय सनातन विचार में “शन्नो अस्तु द्विपदे शन्नो अस्तु चतुष्पदे”  का व्यापक भाव विद्यमान है. बुद्धि, विवेक और चेतना...

सबको विश्वास देने वाली, अभय देने वाली, आश्वस्त करने वाली शक्ति केवल भारत की शक्ति है – डॉ. मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा “वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका” विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि वैश्विक...

मामाजी – जस की तस धर दीनी चदरिया

जयराम शुक्ल मामा माणिकचंद्र वाजपेयी स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद स्वतंत्रता संग्राम के समय की पत्रकारिता के ध्येय को लेकर चलने वाले अंतिम ध्वजवाहक थे. जलियांवाला...

ना ‘राष्ट्रवाद’ शब्द भारतीय है और ना ही उसकी अवधारणा

भारतीय विचार में ‘राष्ट्रवाद’ नहीं ‘राष्ट्रीयता’ का भाव है डॉ. मनमोहन वैद्य भारत और विश्व एक नए भारत का अनुभव कर रहे हैं क्योंकि भारत की...

मन में राष्ट्र प्रेम का जागरण करना होगा……

रवि प्रकाश देश और तेजी से बदल सकता है, अगर बाबू में कुछ बदलाव हो जाए, बाबुओं की व्यवस्था थोड़ी बदल जाए. यह बाबुओं की...

भाग तीन, नवसृजन की प्रसव पीड़ा है – ‘कोरोना महामारी’

नरेंद्र सहगल भारत का वैश्विक लक्ष्य विश्व कल्याण सर्व सक्षम भारत की आध्यात्मिक परंपरा एकात्म मानववाद ही भारतीयता है            ...