करंट टॉपिक्स

मां जानकी शक्ति वाहन शोभायात्रा से राममय हुआ कानपुर

कानपुर. रविवार (31 जनवरी) को श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण निधि समर्पण अभियान के अंतर्गत मातृशक्ति द्वारा भव्य #माँ_जानकी_शक्ति_वाहन_शोभायात्रा का आयोजन किया गया. अखिल भारतीय सह...

शिक्षा स्वजनों के प्रति गौरव, स्वदेश के प्रति भक्ति जगाने वाली होनी चाहिए – डॉ. मोहन भागवत

वृंदावन. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि शिक्षा समाज जीवान का एक महत्वपूर्ण अंग है, मनुष्य के जीवन का...

भारत केंद्रित शिक्षा से ही भारत का भाग्योदय संभव – शिवप्रसाद

चित्तौड़. विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री शिवप्रसाद ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत की शिक्षा का केंद्र पश्चिम ही रहा क्योंकि...

अनूपगढ़ – श्रीराम जानकी सामूहिक विवाह समारोह संपन्न

जयपुर (विसंकें). सेवा भारती प्रति वर्ष सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन करती है. इसी क्रम में 7 दिसम्बर को सेवा भारती अनूपगढ़ द्वारा श्रीराम जानकी...

‘The Sangh and Swaraj’ – पंजाबी में अनुवादित पुस्तक का विमोचन

चंडीगढ़. विभाजन के समय अपने हिन्दू और सिक्ख भाइयों को बचाने के लिये अपने घर, परिवार और जान गंवाने वाले हजारों गुमनाम स्वयंसेवकों को समर्पित...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-२०२० पर विद्याभारती द्वारा प्रतियोगिता का आयोजन

मुंबई (विसंकें). केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० की घोषणा की गयी. इस नीति के बारे में जनजागरण के उद्देश्य से विद्या भारती अखिल...

बच्चों को समझने के लिए हमें भी बनना होगा 21वीं सदी का अभिभावक

रोहतक (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा प्रांत के बाल कार्य विभाग द्वारा ‘बाल संस्कारशाला’ में बच्चों के बचपन को संवारने के साथ-साथ अभिभावकों को भी...

बालिका को किशोरावस्था से ही शिक्षा के साथ-साथ स्वावलंबी बनने की ओर अग्रसर करना चाहिए -रेखा चूड़ासम्मा

रोहतक. विद्या भारती की बालिका शिक्षा प्रमुख रेखा चूड़ासम्मा ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बालिका की नैसर्गिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक इस्त्रियोचित गुणों का विकास...

कच्छ – सीमावर्ती क्षेत्र में संघ की संस्थाओं ने किया पक्के घरों का निर्माण

चतुर्थ सरसंघचालक सुदर्शन जी की इच्छा को मिला साकार स्वरूप कच्छ (विसंकें). सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले, तथा वंचित समाज के लोगों को भी जीवन...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति – अतीत के अनुभव, वर्तमान की चुनौतियों तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया

छह वर्ष तक शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विचारकों, शैक्षिक, प्रशासकों तथा अन्य शिक्षा क्षेत्र के हितग्राहियों के परामर्श, भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से लगभग एक लाख गांवों...