करंट टॉपिक्स

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग 18 (अंतिम)

स्वतंत्रता संग्राम के अज्ञात सेनापति डॉ. हेडगेवार के साथ अन्याय क्यों? नरेन्द्र सहगल चिर सनातन अखण्ड भारत की सर्वांग स्वतंत्रता के लिए कटिबद्ध राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

राष्ट्र ध्वज की निर्माण कथा – भाग दो

तिरंगे के प्रति पूर्ण निष्ठा, श्रद्धा और सम्मान रखता है संघ लोकेन्द्र सिंह राष्ट्रीय विचारधारा का विरोधी बुद्धिजीवी वर्ग अक्सर एक झूठ को समवेत स्वर...

वे पन्द्रह दिन… / 07 अगस्त, 1947

https://www.youtube.com/watch?v=_D3VUrIhsDQ स्वाधीनता का अमृत महोत्सव गुरुवार, 07 अगस्त. देश भर के अनेक समाचार पत्रों में कल गांधी जी द्वारा भारत के राष्ट्रध्वज के बारे में...

वे पंद्रह दिन… / 05 अगस्त, 1947

https://www.youtube.com/watch?v=NYbZSIDthHs   स्वाधीनता का अमृत महोत्सव आज अगस्त महीने की पांच तारीख... आकाश में बादल छाये हुये थे, लेकिन फिर भी थोड़ी ठण्ड महसूस हो...

महज राजनीतिक संकेतवाद नहीं द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति निर्वाचित होना

उमेश उपाध्याय (वरिष्ठ पत्रकार) राजनीति और समाज जीवन में संकेतों की अपनी जगह होती है. बड़े लक्ष्य के लिए यदि संकेत के तौर पर किसी...

वैश्‍विक परिदृष्‍य में बढ़ता भारत और श्रीगुरुजी

डॉ. मयंक चतुर्वेदी विश्वतश्चक्षुरुत विश्वतोमुखो विश्वतोबाहुरुत विश्वतस्पात्. सं बाहुभ्यां धमति सं पतत्रैर्द्यावाभूमी जनयन्देव एकः ॥ यह वेदमंत्र जब भी पढ़ने में या सुनने में आया,...

स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन

जयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से संचालित संस्थाओं ने विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया. जिसमें करीब 160 यूनिट रक्त एकत्र हुआ....

श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के ध्वजवाहक अशोक सिंहल

श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के दौरान जिनकी हुंकार से रामभक्तों के हृदय हर्षित हो जाते थे, वे अशोक सिंहल संन्यासी भी थे और योद्धा भी; पर स्वयं...

07 सितम्बर / जन्मदिवस – प्रचारक परिवार के रत्न अरविन्द कृष्णराव चौथाइवाले

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य को देश-विदेश में फैलाने में प्रचारकों का बहुत बड़ा योगदान है. कई परिवार ऐसे हैं, जहां एक से...

विश्व हिन्दू परिषद के छप्पन वर्ष – सामाजिक समरसता के लिए एक मंच पर आया संत समाज

विनोद बंसल स्वतंत्रता के पश्चात तुष्टीकरण के कारण हिन्दू समाज के साथ बढ़ते अन्याय तथा ईसाईयों को लेकर 1957 में आई नियोगी कमीशन की आँखें खोल देने वाली...