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    09 अक्तूबर / जन्मदिवस – गृहस्थ प्रचारक भैया जी दाणी

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में प्रचारक अविवाहित रहकर काम करते हैं; पर कुछ अपवाद भी होते हैं. ऐसे गृहस्थ प्रचारकों की परम्परा के जनक प्रभाकर बलवन्त दाणी का जन्म नौ अक्तूबर, 1907 को उमरेड, नागपुर में हुआ था. आगे चलकर ये भैया जी दाणी के नाम से प्रसिद्ध हुए. ये अत्यन्त सम्पन्न पिता के इकलौते पुत्र थे. उनके पिता श्री बापू जी लोकमान्य तिलक के भक्त थे. अतः घर से ही देशप्रेम के बीज उनके मन में पड़ गये थे, ज ...

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    05 अक्तूबर / जन्मदिवस – केरल में हिन्दू शक्ति के सर्जक भास्कर राव कलम्बी

    क्षेत्रफल में बहुत छोटा होने पर भी संघ की सर्वाधिक शाखाएं केरल में ही हैं. इसका बहुतांश श्रेय 05 अक्तूबर, 1919 को रंगून (बर्मा) के पास टिनसा नगर में जन्मे श्री भास्कर राव कलंबी को है. उनके पिता श्री शिवराम कलंबी वहां चिकित्सक थे. रंगून में प्राथमिक शिक्षा पाकर वे मुंबई आ गये. मुंबई के प्रथम प्रचारक श्री गोपालराव येरकुंटवार के माध्यम से वे 1935 में शिवाजी उद्यान शाखा में जाने लगे. डॉ. हेडगेवार जी के मुंबई आन ...

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    24 सितंबर / पुण्यतिथि – अजातशत्रु श्री महीपति बालकृष्ण चिकटे

    चिकटे जी के बड़े भाई श्री गोविन्द बालकृष्ण चिकटे मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री चांडी के पी.ए. रहे थे. वे अनेकों मंत्रियों के भी पी.ए रहे. चिकटे जी की पूज्य माता जी का स्वर्गवास हुआ, तब वे केवल एक वर्ष के ही थे. उनके मैट्रिक करते ही पिताजी का भी स्वर्गवास हो गया. किन्तु भाई-बहनों का प्रेम उन्हें भरपूर मिला. सबसे छोटे होने के कारण सब प्यार से उन्हें बाल बुलाते थे. अतः स्वाभाविक ही अपने भाई-बहनों से उनका अथाह स ...

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    30 अगस्त / पुण्यतिथि – तरुण तपस्वी, रामानुज दयाल

    नई दिल्ली. उ.प्र. में गाजियाबाद के पास पिलखुआ नगर वस्त्र-निर्माण के लिए प्रसिद्ध है. यहीं के एक प्रतिष्ठित व्यापारी व निष्ठावान स्वयंसेवक श्री रामगोपाल तथा कौशल्या देवी के घर में 1943 में जन्मे रामानुज दयाल ने अपना जीवन संघ को अर्पित किया; पर काल ने अल्पायु में ही उन्हें उठा लिया. सन् 1948 में संघ पर प्रतिबंध लगा, तो पिलखुआ के पहले सत्याग्रही दल का नेतृत्व रामगोपाल जी ने किया. रामानुज पर इसका इतना प्रभाव पड ...

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    04 अगस्त / जन्मदिवस – साहस एवं मनोबल के धनी राधेश्याम जी

    नई दिल्ली. संघ के वरिष्ठ प्रचारक राधेश्याम जी का जन्म चार अगस्त, 1949 को उत्तर प्रदेश के हाथरस नगर में राजबहादुर जी एवं द्रौपदी देवी जी के घर में हुआ था. उनके घर में पहले हलवाई का कारोबार था, पर फिर उनके पिताजी ने डेरी के व्यवसाय को अपना लिया. इस कारण तीन भाई और एक बहन वाले परिवार के खानपान में सदा दूध, घी आदि की प्रचुरता रही. राधेश्याम जी वर्ष 1961 में हाथरस में स्वयंसेवक बने. अपने एक कक्षा मित्र सतीश के स ...

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    02 अगस्त / जन्मदिवस – गौभक्त प्रचारक राजाराम जी

    नई दिल्ली. राजाराम जी का जन्म दो अगस्त, 1960 को राजस्थान के बारां जिले के ग्राम टांचा (तहसील छीपाबड़ौद) में हुआ था. उनके पिता श्री रामेश्वर प्रसाद यादव एक किसान थे. इस कारण खेती और गाय के प्रति उनके मन में बचपन से ही प्रेम और आदर का भाव था. आगे चलकर संघ के प्रचारक बनने के बाद भी उनका यह भाव बना रहा और वह कार्यरूप में परिणत भी हुआ. राजाराम जी की लौकिक शिक्षा केवल कक्षा 11 तक ही हुई थी. वर्ष 1977 में आपातकाल ...

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    24 जुलाई / जन्मदिवस – प्रखर ज्योतिपुंज ज्योति स्वरूप जी

    नई दिल्ली. छोटा कद, पर ऊंचे इरादों वाले ज्योति जी का जन्म 24 जुलाई, 1928 को अशोक नगर (जिला एटा, उत्तर प्रदेश) में हुआ था. इनका परिवार मूलतः इसी जिले के अवागढ़ का निवासी था, पर पिताजी नौकरी के लिए अशोक नगर आ गये थे. छात्र जीवन में ही उनका संपर्क संघ से हुआ और फिर वह उनके मन और प्राण की धड़कन बन गया. बचपन में ही माता-पिता के देहांत के बाद एक बड़ी बहन ने उनका पालन किया. एटा से कक्षा दस उत्तीर्ण कर वे बरेली आ ग ...

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    23 जुलाई / पुण्यतिथि – आपातकाल के शिकार पांडुरंग पंत क्षीरसागर

    नई दिल्ली. पांडुरंग पंत क्षीरसागर का जन्म वर्धा (महाराष्ट्र) के हिंगणी गांव में हुआ था. बालपन में ही स्थानीय शाखा में जाने लगे. आगामी शिक्षा के लिए नागपुर आकर वे इतवारी शाखा के स्वयंसेवक बने, जो संख्या, कार्यक्रम तथा वैचारिक रूप से बहुत प्रभावी थी. बालासाहब देवरस जी उस शाखा के कार्यवाह थे. शीघ्र ही वे बालासाहब जी के विश्वस्त मित्र बन गये. उनकी प्रेरणा से पांडुरंग जी ने आजीवन संघ कार्य करने का निश्चय कर लिया ...

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    22 जुलाई / पुण्यतिथि – वीरेन्द्र मोहन जी का असमय प्रयाण

    नई दिल्ली. इसे शायद विधि का क्रूर विधान ही कहेंगे कि वीरेन्द्र मोहन जी ने एक दुर्घटना में बाल-बाल बच जाने पर प्रचारक बनने का संकल्प लिया था, पर प्रचारक बनने के बाद एक दुर्घटना में ही उनकी जीवन-यात्रा पूर्ण हुई. वीरेन्द्र जी का जन्म 1963 में ग्राम खिजराबाद (जिला यमुनानगर, हरियाणा) में ज्ञानचंद सिंगला जी एवं शीलादेवी जी के घर में हुआ था. उनके पिताजी की छोटी सी हलवाई की दुकान थी. बड़े भाई सुरेन्द्र जी ने चिकित ...

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    10 जुलाई / जन्मदिवस – संकल्प के धनी जयगोपाल जी

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में अनेक कार्यकर्ता प्रचारक जीवन स्वीकार करते हैं, पर ऐसे लोग कम ही होते हैं, जो बड़ी से बड़ी व्यक्तिगत या पारिवारिक बाधा आने पर भी अपने संकल्प पर दृढ़ रहते हैं. जयगोपाल जी उनमें से ही एक थे. उनका जन्म अविभाजित भारत के पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त स्थित डेरा इस्माइल खां नगर के एक प्रतिष्ठित एवं सम्पन्न परिवार में 10 जुलाई, 1923 को हुआ था. अब यह क्षेत्र पाकिस्तान में ...

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