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    मूल्यों का ध्यान रख, उन पर कायम रहते हुए परिवर्तन करना है – डॉ. मोहन भागवत

    श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी समारोह का शुभारंभ नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि दत्तोपंत ठेगड़ी जी संघ परिवार के उन शख्सियतों में आते हैं, जिनमें तत्व चिंतक, उत्कृष्ट व्यक्तित्व और बेहतर संगठक के गुण थे. समाज के हर क्षेत्र में उनका समान नेतृत्व था. उनके सम्पर्क में जो भी रहा, उसे कुछ न कुछ सीखने को ही मिला है. उन्हें स्नेह, करुणा और नेतृत्व के गुण अप ...

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    10 नवम्बर / जन्मदिवस – राष्ट्रयोगी दत्तोपंत ठेंगड़ी

    नई दिल्ली. दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी का जन्म दीपावली वाले दिन (10 नवम्बर, 1920)  को ग्राम आर्वी, जिला वर्धा, महाराष्ट्र में हुआ था. वे बाल्यकाल से ही स्वतन्त्रता संग्राम में सक्रिय रहे. वर्ष 1935 में वे ‘वानरसेना’ के आर्वी तालुका के अध्यक्ष थे. जब उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार जी से हुआ, तो संघ के विचार उनके मन में गहराई से बैठ गये. उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे, पर दत्तोपन्त जी एमए तथा कानून की शिक्षा पूर्णक ...

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    07 नवम्बर / जन्मदिवस – संघ समर्पित माधवराव मूले जी

    नई दिल्ली. 7 नवम्बर, 1912 (कार्तिक कृष्ण 13, धनतेरस) को ग्राम ओझरखोल (जिला रत्नागिरी, महाराष्ट्र) में जन्मे माधवराव कोण्डोपन्त मूले जी प्राथमिक शिक्षा पूरी कर आगे पढ़ने के लिए वर्ष 1923 में बड़ी बहन के पास नागपुर आ गये थे. यहां उनका सम्पर्क संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी से हुआ. मैट्रिक के बाद उन्होंने डिग्री कॉलेज में प्रवेश लिया, पर क्रान्तिकारियों से प्रभावित होकर पढ़ाई छोड़ दी. इसी बीच पिताजी का देहान् ...

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    कर्मयोगी सोहन सिंह जी का राष्ट्र को सम्पूर्ण समर्पण

    एक ऐसी पद्धति जिस पर चलकर असंख्य कर्म योगियों ने अपने जीवन को खपा दिया व इस राष्ट्र मंदिर को महकाया. उन्हीं पूजनीय डॉक्टर हेडगेवार की माला के मोती उस पथ के पथिक स्वर्गीय श्री सोहन सिंह जी थे. जिन्होंने दधिची की तरह अपने जीवन को गला दिया. जीवन का हर क्षण, हर पल राष्ट्र को समर्पित कर दिया. उनका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया था, किन्तु देश सेवा के निमित्त उन्होंने नौकरी को ठुकरा दिया था. राष्ट्रीय आपातकाल के ...

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    09 अक्तूबर / जन्मदिवस – गृहस्थ प्रचारक भैया जी दाणी

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में प्रचारक अविवाहित रहकर काम करते हैं; पर कुछ अपवाद भी होते हैं. ऐसे गृहस्थ प्रचारकों की परम्परा के जनक प्रभाकर बलवन्त दाणी का जन्म नौ अक्तूबर, 1907 को उमरेड, नागपुर में हुआ था. आगे चलकर ये भैया जी दाणी के नाम से प्रसिद्ध हुए. ये अत्यन्त सम्पन्न पिता के इकलौते पुत्र थे. उनके पिता श्री बापू जी लोकमान्य तिलक के भक्त थे. अतः घर से ही देशप्रेम के बीज उनके मन में पड़ गये थे, ज ...

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    05 अक्तूबर / जन्मदिवस – केरल में हिन्दू शक्ति के सर्जक भास्कर राव कलम्बी

    क्षेत्रफल में बहुत छोटा होने पर भी संघ की सर्वाधिक शाखाएं केरल में ही हैं. इसका बहुतांश श्रेय 05 अक्तूबर, 1919 को रंगून (बर्मा) के पास टिनसा नगर में जन्मे श्री भास्कर राव कलंबी को है. उनके पिता श्री शिवराम कलंबी वहां चिकित्सक थे. रंगून में प्राथमिक शिक्षा पाकर वे मुंबई आ गये. मुंबई के प्रथम प्रचारक श्री गोपालराव येरकुंटवार के माध्यम से वे 1935 में शिवाजी उद्यान शाखा में जाने लगे. डॉ. हेडगेवार जी के मुंबई आन ...

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    24 सितंबर / पुण्यतिथि – अजातशत्रु श्री महीपति बालकृष्ण चिकटे

    चिकटे जी के बड़े भाई श्री गोविन्द बालकृष्ण चिकटे मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री चांडी के पी.ए. रहे थे. वे अनेकों मंत्रियों के भी पी.ए रहे. चिकटे जी की पूज्य माता जी का स्वर्गवास हुआ, तब वे केवल एक वर्ष के ही थे. उनके मैट्रिक करते ही पिताजी का भी स्वर्गवास हो गया. किन्तु भाई-बहनों का प्रेम उन्हें भरपूर मिला. सबसे छोटे होने के कारण सब प्यार से उन्हें बाल बुलाते थे. अतः स्वाभाविक ही अपने भाई-बहनों से उनका अथाह स ...

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    30 अगस्त / पुण्यतिथि – तरुण तपस्वी, रामानुज दयाल

    नई दिल्ली. उ.प्र. में गाजियाबाद के पास पिलखुआ नगर वस्त्र-निर्माण के लिए प्रसिद्ध है. यहीं के एक प्रतिष्ठित व्यापारी व निष्ठावान स्वयंसेवक श्री रामगोपाल तथा कौशल्या देवी के घर में 1943 में जन्मे रामानुज दयाल ने अपना जीवन संघ को अर्पित किया; पर काल ने अल्पायु में ही उन्हें उठा लिया. सन् 1948 में संघ पर प्रतिबंध लगा, तो पिलखुआ के पहले सत्याग्रही दल का नेतृत्व रामगोपाल जी ने किया. रामानुज पर इसका इतना प्रभाव पड ...

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    04 अगस्त / जन्मदिवस – साहस एवं मनोबल के धनी राधेश्याम जी

    नई दिल्ली. संघ के वरिष्ठ प्रचारक राधेश्याम जी का जन्म चार अगस्त, 1949 को उत्तर प्रदेश के हाथरस नगर में राजबहादुर जी एवं द्रौपदी देवी जी के घर में हुआ था. उनके घर में पहले हलवाई का कारोबार था, पर फिर उनके पिताजी ने डेरी के व्यवसाय को अपना लिया. इस कारण तीन भाई और एक बहन वाले परिवार के खानपान में सदा दूध, घी आदि की प्रचुरता रही. राधेश्याम जी वर्ष 1961 में हाथरस में स्वयंसेवक बने. अपने एक कक्षा मित्र सतीश के स ...

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    02 अगस्त / जन्मदिवस – गौभक्त प्रचारक राजाराम जी

    नई दिल्ली. राजाराम जी का जन्म दो अगस्त, 1960 को राजस्थान के बारां जिले के ग्राम टांचा (तहसील छीपाबड़ौद) में हुआ था. उनके पिता श्री रामेश्वर प्रसाद यादव एक किसान थे. इस कारण खेती और गाय के प्रति उनके मन में बचपन से ही प्रेम और आदर का भाव था. आगे चलकर संघ के प्रचारक बनने के बाद भी उनका यह भाव बना रहा और वह कार्यरूप में परिणत भी हुआ. राजाराम जी की लौकिक शिक्षा केवल कक्षा 11 तक ही हुई थी. वर्ष 1977 में आपातकाल ...

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