करंट टॉपिक्स


Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/sandvskbhar21/public_html/wp-content/themes/newsreaders/assets/lib/breadcrumbs/breadcrumbs.php on line 252

संगठन के नाते देश की कला और संस्कृति के लिए कार्य करते रहना हमारी श्रद्धांजलि होगी – दत्तात्रेय होसबाले जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्रद्धेय अमीर चंद जी कला और संस्कृति के लिए आजीवन कार्य करने वाले...

श्रद्धासुमन – भारत माता की सेवा के लिए नई देह लेकर पुनः आएंगे अमीरचंद जी

जगदीश गुप्त संस्कार भारती के अखिल भारतीय संगठन महामंत्री वरिष्ठ प्रचारक अमीरचंद जी का पूर्वोत्तर प्रवास के दौरान ऑक्सीजन की कमी की वजह से निधन...

स्व. अमीर चंद जी का उनके पैतृक गांव हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली. संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री स्व. अमीर चंद जी (56 वर्षीय) जी का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव बलिया जिले के हनुमानगंज...

पीर पराई जाने रे – कलाकारों की सहायतार्थ अभिनेता अक्षय कुमार ने दी पचास लाख रु की सहयोग राशि

नई दिल्ली. कोरोना महामारी से उपजी स्थिति में आर्थिक संकट का सामना कर रहे कलाकारों की सहायता के लिए अभिनेता अक्षय कुमार आगे आकर पचास...

कलाकार सहायतार्थ वर्चुअल कॉन्सर्ट “पीर पराई जाणे रे” का सफल आयोजन

नई दिल्ली. कोरोना महामारी ने समाज के हर हिस्से को प्रभावित किया है. कला जगत भी इससे अछूता नहीं रहा. कलाकार, विशेष रूप से छोटे...

“पीर पराई जाने रे” – कलाकारों की सहायता के लिए संस्कार भारती आयोजित करेगी वर्चुअल कन्सर्ट

नई दिल्ली. संस्कार भारती द्वारा "पीर पराई जाने रे" अभियान के तहत कलाकारों की सहायता के लिए वर्चुअल कन्सर्ट का आयोजन किया जाएगा. संस्कार भारती...

संस्कार भारती ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन सौंपा

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच विभिन्न कला विधाओं के कलाकारों की आर्थिक सहायता हेतु संस्कार भारती दिल्ली प्रान्त द्वारा प्रारंभ विशेष अभियान “पीर पराई...

संस्कार भारती – ‘पीर पराई जाने रे’ अभियान की समिति का गठन

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच विभिन्न कला विधाओं के कलाकारों की आर्थिक सहायता हेतु संस्कार भारती द्वारा प्रारंभ विशेष अभियान “पीर पराई जाने रे”...

भीमबेटका के शिलाचित्रों के अन्वेषक – विष्णु श्रीधर वाकणकर

डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर (उपाख्य : हरिभाऊ वाकणकर ; 4 मई 1919 – 3 अप्रैल 1988) भारत के प्रमुख पुरातत्वविद् थे. उन्होंने भोपाल के निकट...

वैश्‍विक परिदृष्‍य में बढ़ता भारत और श्रीगुरुजी

डॉ. मयंक चतुर्वेदी विश्वतश्चक्षुरुत विश्वतोमुखो विश्वतोबाहुरुत विश्वतस्पात्. सं बाहुभ्यां धमति सं पतत्रैर्द्यावाभूमी जनयन्देव एकः ॥ यह वेदमंत्र जब भी पढ़ने में या सुनने में आया,...