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    लिबरल गैंग और कांग्रेस के झूठ की खुली पोल

    दिल्ली में “शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास” द्वारा आयोजित ज्ञानोत्सव-2076 के समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मुख्य वक्ता थे. समापन सत्र में उपस्थितजनों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी उत्तर दिया. ऐसे ही आरक्षण के विषय पर पूछे गए प्रश्न का उत्तेर देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रश्न का हल भी सद्भावना में ही है. आरक्षण के पक्ष के लोग आरक्षण के विपक्ष के लोगों का विचार करके जब कुछ बोलेंगे-करेंगे, ...

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    आर्थिक स्वतंत्रता तथा समाज के स्वावलंबन के लिये लघु उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता – डॉ. मोहन भागवत जी

    नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देश की आर्थिक स्वतंत्रता तथा समाज के स्वावलंबन की प्राप्ति के लिये बड़ी संख्या में लघु उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता है. सरसंघचालक जी लघु उद्योग भारती की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि “1994 में लघु उद्योग भारती की स्थापना हुई थी. इसमें म ...

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    27 जुलाई / जन्मदिवस – सरसंघचालकों के पत्रलेखक बाबूराव चौथाइवाले

    नई दिल्ली. श्री कृष्णराव एवं श्रीमती इंदिरा के सबसे बड़े पुत्र मुरलीधर कृष्णराव (बाबूराव) चौथाइवाले का जन्म 27 जुलाई,  1922 को बारसी (जिला सोलापुर, महाराष्ट्र) में हुआ था. यह परिवार मूलतः यहीं का निवासी था, पर बाबूराव के पिता पहले कलमेश्वर और फिर नागपुर में अध्यापक रहे. बाबूराव के छह में से तीन भाई (शरदराव, शशिकांत तथा अरविन्द चौथाइवाले) प्रचारक बने. जिन दिनों वे कक्षा नवमी में पढ़ते थे, तब कलमेश्वर में डॉ. ...

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    संस्कृत को जाने बिना भारत को समझना मुश्किल है – डॉ. मोहन भागवत

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संस्कृत को जाने बिना भारत को पूरी तरह से समझना मुश्किल है. नागपुर में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में सभी मौजूदा भाषाएं, जिनमें आदिवासी भाषाएं भी शामिल हैं, कम से कम 30 प्रतिशत संस्कृत शब्दों से बनी हैं. सरसंघचालक ने कहा कि यहां तक कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने भी इस बात पर अफसोस जताया था कि उन्हें संस्कृत सीखने का अवस ...

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    संघ शिक्षा वर्ग – तृतीय वर्ष के समापन समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के उद्बोधन के अंश…

    चुनाव के बाद, इस वर्ग का प्रारंभ हुआ और समापन हो रहा है। संयोग की बात है, पांच वर्ष पूर्व 2014 में भी ऐसा ही हुआ था और उस समय जो तिथिमान बना वर्ष का, उसमें संयोग ऐसा हुआ कि हिन्दू साम्राज्य दिवस की तिथि शिविर समापन के पहले दिन थी, और इस बार भी हिन्दू साम्राज्य दिवस की तिथि वर्ग समापन से एक दिन पहले है। चुनाव में स्पर्द्धा होती ही है। प्रजातंत्र है, राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ने ही पड़ते हैं। स्पर्द्धा होने क ...

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    08 जून / जन्मदिवस – तपस्वी प्रचारक : मधुसूदन देव जी

    नई दिल्ली. यूं तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में पले-बढ़े सभी प्रचारक परिश्रम, सादगी, प्रेमभाव और सरलता की प्रतिमूर्ति होते हैं, पर उनमें से कुछ के तपस्वी जीवन की छाप सामान्य कार्यकर्त्ता के मन-मस्तिष्क पर बहुत गहराई से अंकित हो जाती है. मधुसूदन गोपाल देव जी ऐसे ही एक प्रचारक थे. कार्यकर्ताओं में वे ‘देव जी’ के नाम से लोकप्रिय थे. देव जी का जन्म आठ जून, 1918 को धन्तोली, नागपुर में गोपाल देव जी एवं उ ...

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    कला देश सेवा का माध्यम है – डॉ. मोहन भागवत

    मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि कला यह व्यक्तिगत नहीं होती, अपितु वह देश सेवा का एक माध्यम है. अपनी प्रगति के कारण कहीं देश की उन्नति का लक्ष्य धूमिल न हो जाए, इसके प्रति हमें सजग रहना चाहिये. उन्होंने कहा कि केवल गुणवान होना उपयोगी नहीं. बल्कि अपने गुणों के आधार पर, अपने कर्तृत्व से देश को और अच्छा कैसे बनाया जाए, इसके लिये हम सबको प्रयत्नशील रहना आवश्यक है. क ...

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    05 अप्रैल / जन्मदिवस – बाबू जगजीवनराम और सामाजिक समरसता

    नई दिल्ली. समाज के निर्धन और वंचित वर्ग के जिन लोगों ने उपेक्षा सहकर भी अपना मनोबल ऊंचा रखा, उनमें ग्राम चन्दवा (बिहार) में पांच अप्रैल, 1906 को जन्मे बाबू जगजीवनराम का नाम उल्लेखनीय है. उनके पिता शोभीराम थे. उनकी माता बसन्ती देवी ने आर्थिक अभावों के बीच अपने बच्चों को स्वाभिमान से जीना सिखाया. विद्यालय में हिन्दू, मुसलमान तथा दलित हिन्दुओं के लिए पानी के अलग घड़े रखे जाते थे. उन्होंने अपने मित्रों के साथ म ...

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    स्वयंसेवक के अनुशासित आचरण से अन्य समाज भी प्रेरणा लेता है – डॉ. मोहन भागवत

    इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी मध्य क्षेत्र के प्रवास पर हैं. 20 फरवरी को सरसंघचालक जी ने इंदौर महानगर की सभी शाखाओं से आए गटनायकों व प्रवासी कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग लिया. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गटनायक का कार्य हम सभी निभा रहे हैं, यह हमारे तंत्र का एक मुख्य कार्य है. गटनायक स्वयंसेवकों के एक समूह का नायक है. वह स्वयंसेवकों के समूह का स ...

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    संघ ने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की निंदा की. संघ ने आशा व्यक्त की कि केंद्र की सरकार हमले के प्रत्युत्तर में कड़ा कदम उठाएगी. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए कायराना आतंकी हमले की हम घोर निंदा करते हैं. आतंकवाद पर कसते हुए शिकंजे की बौखलाहट और निराशा ही इस घटना से साफ दिखाई देती है. सरकार इस घटना के दोषियों पर शीघ्र कड़ी से कड ...

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