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    राष्ट्र के नव निर्माण के लिए छात्रों में शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करें – दत्तात्रेय होसबले

    कुरुक्षेत्र. गीता निकेतन आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की साधारण सभा के समापन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि विद्या भारती समाज के बीच, समाज के सहयोग से, समाज के लिए कार्य करने वाली संस्था है. उन्होंने शिक्षा पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी स्तरों पर चिंतन करते हुए अध्ययन व शोध के कार्यों पर बल देकर नए ज्ञान का सृ ...

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    अपनी जीवनशैली ऐसी बनाएं कि चिकित्सा की आवश्यकता न पड़े – वी. भगय्या

    दिल्ली में सेवा भारती की पैथ लैब का शुभारम्भ नई दिल्ली. सेवा भारती के वढेरा भवन केन्द्र में वंचित वर्ग के लिए पैथ लैब का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह वी. भगय्या जी ने किया. अशोक विहार फेज-2 में लैब का शुभारम्भ करने के पश्चात उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों में समर्पण के कारण ही यह देश अब तक जीवित है. जितने भी लोग सेवा भारती केन्द्रों में काम करते हैं, सभी प्रेम और सम्मान का व्यवहार करते हैं ...

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    केंद्र सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे – दत्तात्रेय होसबले

    मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि इलाहाबाद कोर्ट के निर्णय से स्पष्ट हो चुका है कि रामजन्मभूमि पर जहां विवादित ढांचा खड़ा किया गया था, उस जगह उत्खनन में राम मंदिर के पुरातात्त्विक अवशेष अर्थात् सबूत प्राप्त हुए हैं. इसके पश्‍चात् भी यह जमीन मंदिर निर्माण के लिये उपलब्ध नहीं हुई. भगवान विष्णु ने वामनावतार में केवल तीन चरणों में तीनों लोकों को नाप लिया था ...

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    मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं, अपितु आस्था का केंद्र हैं – डॉ. कृष्णगोपाल जी

    वृंदावन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि श्रीराम धर्म की धुरी हैं. जनता के मन में राम का आदर्श, उनका दर्शन और चरित्र गहराई से बैठ गया है. राम को लेकर देश प्रेरणा और दिशा पाता है. हमें राम का मंदिर केवल एक भवन के रूप में नहीं बनाना, बल्कि समाज में राम के चरित्र और आदर्शों के प्रतीक के रूप में स्थापित भी करना है. मुगलकाल में बाबा तुलसी ने रामनाम का गान किया और आज ...

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    शाश्वत मूल्यों के प्रकाश में चलने वाली परम्परा के लिए ग्लास्नोस्त शब्द अप्रासंगिक है

    सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत की तीन दिवसीय व्याख्यानमाला के पश्चात अपेक्षित बहस जनमाध्यमों में चल पड़ी है. अनेक लोगों ने इसका स्वागत किया है. कुछ लोगों ने जो कहा गया उसकी प्रामाणिकता पर संदेह जताया है. कुछ ने यह सब नीचे ज़मीनी स्तर तक कैसे पहुँच पाएगा, इस की चर्चा की है या चिंता व्यक्त की है. विभिन्न विषयों पर संघ के जिस दृष्टिकोण को सरसंघचालक ने रखा, वह कई लोगों को एकदम नया, क्रांतिकारी विचार लगा होगा. परंत ...

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    जिस कार्य से संपूर्ण समाज का हित हो, वही कार्य ठीक होता है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

    प्रयागराज (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे वर्ग संघर्ष एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त तत्वों से सावधान रहें. ऐसे लोग शिक्षक, अधिवक्ता, डॉक्टर, किसान के रूप में समाज में छिपे हुए हैं. ऐसे लोग देशद्रोही कार्यों में लिप्त लोगों की मदद देते और उग्रवादियों की न्यायालय में सहायता करते हैं. सह सरकार्यवाह जी परेड ग्राउंड में विजयादशमी ...

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    विरोध, दुष्प्रचार, कुठाराघात के बावजूद संघ कार्य व विचार सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी बन रहा

    दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की तीन दिवसीय व्याख्यानमाला, भविष्य का भारत : संघ का दृष्टिकोण, पूर्णतया सफल रही. इस व्याख्यानमाला में प्रतिपादित विषयों की कुछ चर्चा अभी भी चल रही है. श्रोताओं में ज्यादातर नए लोग थे, इसलिए उन्हें संघ की जानकारी या तो नहीं थी, या बहुत कम थी या भ्रामक थी. इसलिए अनेकों को यह अच्छा तो लगा पर साथ साथ अचरज भी हुआ कि क्या संघ सही में ऐसा है? संघ के, रा ...

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    अपने स्वत्व, मेधा व महापुरुषों पर गर्व करें – डॉ. कृष्णगोपाल जी

    नई दिल्ली.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि अपनी सही बात को साबित करने के लिए भी आज प्रमाण की आवश्यकता आ गई है, यह पुस्तक स्वयं को स्वीकारने का प्रामाणिक दस्तावेज है. सह सरकार्यवाह जी प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित ‘‘रामायण की कहानी विज्ञान की जुबानी’’ पुस्तक के लोकार्पण समारोह में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि तर्कसंगत व वैज्ञानिक तथ्यों द्वारा हम अपने गौरवपूर्ण अतीत ...

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    स्वामी विवेकानंद ने विश्व बंधुत्व का विचार सबके सम्मुख रखा था – डॉ. मनमोहन वैद्य

    कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ के साथ करने पर संघ से परिचित और राष्ट्रीय विचार के लोगों आश्चर्य होना स्वाभाविक है. भारत के वामपंथी, माओवादी और क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र विरोधी तत्वों के साथ खड़े तत्वों को इससे आनंद होना भी अस्वाभाविक नहीं है. वैसे, इसका अर्थ ये नहीं कि राहुल गांधी जिहादी मुस्लिम आतंकवाद की वैश्विक त्रासदी से अनजान ह ...

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    भारत का अध्यात्म एवं दर्शन ही भारत का परिचय है – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

    जबलपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि भारत की मूल धारा अध्यात्म है, इसलिए हिन्दू समाज में सबके प्रति स्वीकार्यता है. ये प्राचीन भारतीय दर्शन का सार है. धर्म एक विशुद्ध भारतीय शब्द है, जिसका अर्थ पूजा पद्धति नहीं है. धर्म का अर्थ है - जीवन के संतुलन को बनाए रखना. और ये संतुलन जब बिगड़ता है, तब धर्म की हानि होती है. सह सरकार्यवाह जी संघ के स्वयंसेवकों के राष्ट ...

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