करंट टॉपिक्स

राष्ट्र ध्वज की निर्माण कथा – भाग एक

ध्वज समिति के अनुशंसा, भगवा रंग का हो राष्ट्र ध्वज लोकेन्द्र सिंह ध्वज किसी भी राष्ट्र के चिंतन और ध्येय का प्रतीक तथा स्फूर्ति का...

हमारी लोक परंपराएं सेवा व समर्पण जैसे हमारे गुणों को भी दर्शाती हैं – जे. नंदकुमार जी

शिमला. पंचनद शोध संस्थान, अध्ययन केन्द्र शिमला, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व भाषा एवं संस्कृति अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में 'लोक परंपराओं में भारत बोध' विषय...

अमृत महोत्सव : 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का अद्भुत एवं अद्वितीय विस्मृत योद्धा – सूबेदार बलदेव तिवारी

"राजा शंकर शाह, रघुनाथ के बलिदान का  प्रतिशोध"..... भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनेक योद्धा हुए, जिनका स्मरण देश आज भी करता है. लेकिन अनेक योद्धा...

भारत जैसा स्वतंत्रता संग्राम संपूर्ण विश्व में कहीं नहीं हुआ – जे. नंदकुमार जी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्वाधीनता का अमृत महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व मुख्यवक्ता जे. नंदकुमार...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग आठ

वायसराय पर बम विस्फोट से काँप उठा ब्रिटिश साम्राज्यवाद, चार क्रांतिकारियों का बलिदान नरेन्द्र सहगल बीसवीं सदी के दूसरे दशक के प्रारंभ होते ही विश्वयुद्ध...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग छह

खुदीराम बोस ने मातृभूमि को अपने रक्त से अर्ध्य देकर खोद दी अंग्रेजों की कब्र नरेन्द्र सहगल सन् 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के बाद...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग चार

कानून और इंसानियत का गला घोटकर, तोप से उड़ा दिए गए नामधारी सेनानी नरेन्द्र सहगल स्वधर्म और स्वराज के लिए 1857 में हुए देशव्यापी स्वतंत्रता...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग तीन

वासुदेव बलवंत फड़के ने थामी स्वतंत्रता संग्राम की मशाल नरेन्द्र सहगल इतिहास साक्षी है जहाँ एक ओर हमारे देश में राष्ट्र समर्पित संत-महात्मा, वीरव्रती सेनानायक, देशभक्त...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग दो

राष्ट्रव्यापी स्वतंत्रता संग्राम – 1857 का उद्घोष – ‘मारो फिरंगी को’ नरेन्द्र सहगल सात समुद्र पार से आए ईसाई व्यापारियों की निरंकुश सत्ता को जड़...

अमृत महोत्सव – महिदपुर के बलिदानी अमीन सदाशिव राव, जिन्हें अंग्रेजों ने तोप से उड़ा दिया था

1857 का स्‍वतंत्रता संग्राम, अंग्रेजी दासता के विरुद्ध लाखों क्रांतिकारियों के बलिदान का साक्षी है. लेकिन, अनेकों बलिदानियों के बारे में जानकारी नहीं दी गई....