करंट टॉपिक्स

दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल?

नरेन्द्र सहगल परतंत्रता के विरुद्ध निरंतर एक हजार वर्षों तक सशस्त्र संघर्ष करने के फलस्वरूप अंततः हमारा अखंड भारतवर्ष दो भागों में विभाजित होकर ‘स्वतंत्र’...

घुमंतू-विमुक्त जनजातियों का योगदान समझना आवश्यक

अपने देश का एक बड़ा वर्ग घुमन्तु व विमुक्त समुदायों से आता है. आज अत्यंत दयनीय दशा में रह रहे समाज में सबसे पिछड़े ये...

साफिया जुबैर का वक्तव्य विघटनकारी शक्तियों की आंख खोलने के लिए पर्याप्त

जयपुर. गत दिनों कांग्रेस विधायक साफिया जुबैर विधानसभा में दिए अपने एक वक्तव्य को लेकर चर्चा में रहीं. राजस्थान विधानसभा में शिक्षा विभाग की अनुदान...

अमर बाल बलिदानी – हठ का धनी शंभुनारायण

मातृ-भू घायल दिखे तब घाव अपने कौन गिनता? यातनाएँ क्या डिगाएँ मृत्यु तक की नहीं चिंता… जिन्हें देश के लिए कुछ करना होता है, उन्हें...

निमाड़-बड़वानी के स्वतंत्रता सेनानी भीमा नायक के बलिदान की प्रेरित करने वाली कहानी

वर्तमान मध्‍यप्रदेश के पश्चिमी हिस्‍से में निमाड़ क्षेत्र है. पहले यहां दो प्रमुख रियासतें थीं – झाबुआ और बड़वानी. बड़वानी रियासत में पंचपावली जंगल में...

वीरव्रतधारी – अमर बलिदानी लाल पद्मधर सिंह

कृष्णमुरारी त्रिपाठी सन् १८५८ के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम से लेकर १५ अगस्त सन् १९४७ को सम्पन्न हुए स्वातन्त्र्य यज्ञ में असंख्य वीर - वीरांगनाओं ने...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग 15

आधुनिक युग के छत्रपति शिवाजी थे क्रांति शिरोमणि वीर सावरकर नरेन्द्र सहगल भारत की सनातन संस्कृति के वैचारिक आधार ‘शस्त्र और शास्त्र’ को साक्षात अपने...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग 14

मातृभूमि के लिए बलिदान देकर अमर हो गए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव नरेन्द्र सहगल मां भारती के हाथों और पांवों में पड़ी हुई गुलामी...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग दस

[caption id="attachment_57941" align="aligncenter" width="1200"] चित्र साभार - इंडियन एक्सप्रेस[/caption] सामूहिक बलिदान का वीभत्स दृश्य जलियांवाला बाग नरसंहार, ऊधम सिंह ने लंदन जाकर लिया नरसंहार का...

अमृत महोत्सव लेखमाला – सशस्त्र क्रांति के स्वर्णिम पृष्ठ : भाग नौ

प्रथम विश्व युद्ध के समय महाविप्लव, 109 क्रांतिकारियों का बलिदान नरेन्द्र सहगल भारत में अपनी जड़ें जमा चुके ब्रिटिश साम्राज्यवाद को जड़-मूल से उखाड़ फेंकने...