करंट टॉपिक्स

अनुशासन का पालन करने वाले कार्यकर्ता समाज में अग्रणी भूमिका निभाते हैं – रमेश जी

चुनार. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना काल से ही व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के ध्येय को लेकर आगे बढ़ रहा है. संघ शिक्षा वर्ग के...

समाज सेवा के लिये गुणों का संवर्धन करना ही शिक्षा वर्ग का उद्देश्य – हनुमान सिंह जी

बूंदी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चित्तौड़ प्रांत प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी) व घोष वर्ग प्रारंभ हुआ. वर्ग अधिकारी अनिल जलवानया ने बताया कि 20...

राजस्थान में आठ स्थानों पर संघ शिक्षा वर्ग प्रारंभ

जयपुर. देशभर के 108 स्थानों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग प्रारंभ हो रहे हैं. इन वर्गों में विभिन्न आयु वर्ग के संघ...

संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर समाज में भी उत्सुकता

डॉ. मनमोहन वैद्य सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना को 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं. 1925 में नागपुर में संघ स्थापना हुई थी....

राष्ट्रीय विचार को लोगों तक पहुंचाना ही हमारा असली उद्देश्य – सुरेश सोनी जी

गुवाहाटी. वर्ष प्रतिपदा के अवसर शनिवार को नवनिर्मित पांच मंजिला भवन “सुदर्शनालय” में गृह प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित किया गया. गृह प्रवेश पर प्रातः से...

समाज को दुर्बल करने वाली शक्तियों से राष्ट्र का संरक्षण करना है – भय्याजी जोशी

कोटा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि हमें सद्गुणों से युक्त हिन्दू समाज बनाना है. समाज को...

पुण्य के कार्य में छोटा-सा सहभाग कई पीढ़ियों को गौरवान्वित करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

गाजीपुर, काशी (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि पुण्य के कार्य में की गयी छोटी सी सहभागिता कई...

परिवार के साथ हमें समाज को भी स्वस्थ व सुखी रखने की चिंता करनी होगी – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरक्ष. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कुटुम्ब प्रबोधन कार्यक्रम में कहा कि परिवार संरचना प्रकृति प्रदत्त है, इसलिये इसको सुरक्षित...

भारत बोध के विमर्श को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करेंगे – दत्तात्रेय होसबाले जी

कर्णावती. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारत के विमर्श को मजबूत करने का, उसे प्रभावी बनाने का कार्य आने...

‘स्व’ पर आधारित जीवनदृष्टि को पुनः स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध हों – दत्तात्रेय होसबाले जी

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव - स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर कर्णावती. भारत स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है. स्वतंत्रता आंदोलन सार्वदेशिक और सर्वसमावेशी था....