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    19 जून / जन्मदिवस – आत्मविलोपी व्यक्तित्व श्रीपति शास्त्री जी

    संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता, इतिहास के प्राध्यापक तथा राजनीति, समाजशास्त्र, साहित्य आदि विषयों के गहन अध्येता श्रीपति सुब्रमण्यम शास्त्री जी का जन्म 19 जून, 1935 को कर्नाटक राज्य के चित्रदुर्ग जिले के हरिहर ग्राम में हुआ था. बालपन में ही वे स्वयंसेवक बने तथा अपने संकल्प के अनुसार अविवाहित रहकर अंतिम सांस तक संघ कार्य करते रहे. 1956 में वे मैसूर नगर कार्यवाह बने. उस दौरान उन्होंने मैसूर विवि से इतिहास में स्वर् ...

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    14 जून / जन्मदिवस – प्रसिद्धि से दूर : भाऊसाहब भुस्कुटे

    नई दिल्ली. संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी की दृष्टि बड़ी अचूक थी. उन्होंने ढूंढ-ढूंढकर ऐसे हीरे एकत्र किये, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और परिवार की चिन्ता किये बिना पूरे देश में संघ कार्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. ऐसे ही एक श्रेष्ठ प्रचारक थे 14 जून, 1915 को बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) में जन्मे गोविन्द कृष्ण भुस्कुटे, जो भाऊसाहब भुस्कुटे के नाम से प्रसिद्ध हुये. 18 वीं सदी में इनके अधिकांश पूर् ...

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    संकट के समय संघ के स्वयंसेवकों ने निभाई अहम भूमिका – सुरेश चंद्र जी

    अवध. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश चंद्र जी ने कहा कि देश व समाज के सामने जब भी बड़े सामाजिक संकट आए, उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने तन, मन, धन से देश व समाज को संकट से उबारने का प्रयास किया. चाहे युद्ध का समय रहा हो या आपातकाल का समय रहा हो, देश में संकट के समय कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया है. संघ के कार्यकर्ता स्थापनाकाल से ही जन जागरण का कार्य करते आ रहे है ...

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    राष्ट्र के प्रति समर्पण सिखाने वाली पाठशाला है संघ की शाखा – स्वान्त रंजन

    उदयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वान्त रंजन जी ने कहा कि संघ की शाखा केवल खेल खेलने का स्थान नहीं है. संघ के तृतीय सरसंघचालक बाला साहब देवरस ने कहा था कि संघ की शाखा सज्जनों की सुरक्षा का बिन बोले अभिवचन है, तरुणों को व्यसन मुक्त रखने वाला संस्कार पीठ है, आपत्ति-विपत्ति में त्वरित निरपेक्ष सहायता का आशा केन्द्र है, महिला सुरक्षा और सभ्य आचरण का आश्वासन है, दुष ...

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    08 जून / जन्मदिवस – तपस्वी प्रचारक : मधुसूदन देव जी

    नई दिल्ली. यूं तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में पले-बढ़े सभी प्रचारक परिश्रम, सादगी, प्रेमभाव और सरलता की प्रतिमूर्ति होते हैं, पर उनमें से कुछ के तपस्वी जीवन की छाप सामान्य कार्यकर्त्ता के मन-मस्तिष्क पर बहुत गहराई से अंकित हो जाती है. मधुसूदन गोपाल देव जी ऐसे ही एक प्रचारक थे. कार्यकर्ताओं में वे ‘देव जी’ के नाम से लोकप्रिय थे. देव जी का जन्म आठ जून, 1918 को धन्तोली, नागपुर में गोपाल देव जी एवं उ ...

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    माउंट एवरेस्ट पर फहराया भगवा

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुरादाबाद के सह महानगर कार्यवाह एवं पर्वतारोही विपिन चौधरी जी ने 22 मई की सुबह माउंट एवरेस्ट को फतह किया. उन्होंने वहां तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया. विपिन जी 27 वर्ष के हैं. मिशन माउंट एवरेस्ट पर 2 अप्रैल को रवाना हुए थे. टीम में कुल 12 लोग शामिल थे. विपिन जी 22 मई को सुबह 9 बजे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के साथ ही भगवा भी लहराया. विपिन जी माउंट एवरेस्ट फतह करने से पहले एल ...

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    24 मई / पुण्यतिथि – आतंकवाद में दृढ़ चट्टान विश्वनाथ जी

    नई दिल्ली. अस्सी के दशक में जब पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था, उन दिनों बड़ी संख्या में लोग पंजाब छोड़कर अन्य प्रान्तों में जा बसे थे. ऐसे में पंजाब प्रान्त प्रचारक विश्वनाथ जी ने सबको हिम्मत से वहीं डटे रहने का आग्रह किया. वे स्वयं साहसपूर्वक गाँव-गाँव घूमे और स्वयंसेवकों तथा सामान्य नागरिकों का उत्साह बढ़ाया. विश्वनाथ जी का जन्म 1925 में अमृतसर के पास सिख पन्थ के तीसरे गुरु श्री अमरदास जी द्वारा स्थापित ...

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    14 मई / पुण्यतिथि – उत्कृष्ट लेखक भैया जी सहस्रबुद्धे

    नई दिल्ली. प्रभावी वक्ता, उत्कृष्ट लेखक, कुशल संगठक, व्यवहार में विनम्रता व मिठास के धनी प्रभाकर गजानन सहस्रबुद्धे का जन्म खण्डवा (मध्य प्रदेश) में 18 सितम्बर, 1917 को हुआ था. उनके पिताजी वहां अधिवक्ता थे. वैसे यह परिवार मूलतः ग्राम टिटवी (जलगाँव, मध्य प्रदेश) का निवासी था. भैया जी जब नौ वर्ष के ही थे, तब उनकी माताजी का देहान्त हो गया. इस कारण तीनों भाई-बहिनों का पालन बदल-बदलकर किसी सम्बन्धी के यहां होता रह ...

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    संघ और राजनीति

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना के समय से ही स्वयं को सम्पूर्ण समाज का संगठन मानता, बताता रहा है. स्वतंत्रता के पश्चात भी संघ की इस भूमिका में कोई अंतर नहीं आया. इसलिए स्वतंत्रता के पश्चात 1949 में संघ का जो संविधान बना उस में भी यह स्पष्ट है कि यदि कोई स्वयंसेवक राजनीति में सक्रिय होना चाहता है तो वह किसी भी राजनैतिक दल का सदस्य बन सकता है. यह संविधान भारतीय जनसंघ की स्थापना के पहले बना है. जनसंघ की स्थापन ...

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    जनता को तय करना है किसे वोट दे – इंद्रेश कुमार

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि सामाजिक और धार्मिक सौहार्द के साथ-साथ देश की प्रगति के लिए इस सरकार की वापसी जरूरी है. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा भारत की आजादी में अहम योगदान का दावा करती है, लेकिन यह असत्य है. कांग्रेस नहीं, बल्कि भगत सिंह जैसे महान नेताओं की बदौलत देश को आजादी मिली. उन्होंने ‘वोट फॉर नेशन’ जागरूकता अभियान को संबोध ...

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