You Are Here: Home » Posts tagged "स्वामी विवेकानंद"

    पी परमेश्वरन जी – प्रखर विचारवंत, भावपूर्ण कवि, स्थितप्रज्ञ कर्मयोगी

    केरल में वामपंथी तूफान के कारण अन्धेरा छाया हुआ था. वहां का हिन्दू समाज, हिन्दू राष्ट्र, हिन्दू धर्म के विषय में बोलने का आत्मविश्वास खो बैठा था. आदि शंकराचार्य की भूमि पर संस्कृत, योग, गीता, रामायण लुप्त होने लगे थे. ऐसे समय में एक प्रखर विचारवंत, लेखक, एक भावपूर्ण कवि, स्थितप्रज्ञ कर्मयोगी, एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में केरल के क्षितिज पर परमेश्वरन जी के रूप में सूर्य का उदय हुआ. स्वामी विवेकानन्द और म ...

    Read more

    #CAA के समर्थन में इंदौरवासियों ने निकाली विशाल रैली

    भारत सुरक्षा मंच इंदौर द्वारा #CAA के समर्थन में दशहरा मैदान में आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा एवं राष्ट्रगान को इंदौर की जनता का भरपूर समर्थन मिला. CAA के समर्थन में नारे लगाते हुए लोग दशहरा मैदान पर पहुंच रहे थे. हर उम्र का व्यक्ति CAA के समर्थन में सड़कों पर था. अंतिम समय में स्थान बदलने के बाद भी पूरा मैदान भरा हुआ था, इंदौर वासी सपरिवार CAA का समर्थन करने के लिए उपस्थित थे. कार्यक्रम ठीक 2 बजे प्रारंभ हुआ, ...

    Read more

    12 जनवरी जयंती पर विशेष – राष्ट्र भक्त सन्यासी स्वामी विवेकानंद की भविष्यवाणियां

    भविष्यदृष्टा स्वामी विवेकानंद एक ऐसे युवा सन्यासी हुए, जिन्होंने सारे संसार में भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म की विजय पताका फहरा कर भारत को गौरवान्वित किया था. उन्होंने भारतवासियों में राष्ट्रीय चेतना और स्वाभिमान जागृत करके परतंत्रता, अंधविश्वास और गरीबी के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया था. स्वामी विवेकानंद ने अपना आध्यात्मिक अभियान इन शब्दों से प्रारंभ किया था - “राष्ट्र ही हमारा देवता है, यह सब मनुष ...

    Read more

    भारत यानि ज्ञान रथ, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है – अरुण कुमार जी

    गुजरात (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गुजरात प्रांत द्वारा 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक आयोजित त्रिदिवसीय “समर्थ भारत युवा संगम” शिविर के समारोप समोराह में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार जी मुख्य वक्ता रहे. उन्होंने कहा कि आज का यह समापन का कार्यक्रम शायद जीवन में नई शुरुआत भी हो सकता है. देश में एक बड़ा वर्ग है जो मानता है कि विद्यार्थी यानि अनुशासनहीनता, मौज मस्ती आदि यह सामान्य समाज की युवाओं को द ...

    Read more

    28 अक्तूबर / जन्म दिवस – भारत की महान पुत्री भगिनी निवेदिता

    नई दिल्ली. स्वामी विवेकानन्द से प्रभावित होकर आयरलैण्ड की युवती मार्गरेट नोबेल ने अपना जीवन भारत माता की सेवा में लगा दिया. प्लेग, बाढ़, अकाल आदि में उन्होंने समर्पण भाव से जनता की सेवा की. ऐसे में भारत की महान बेटी कहा जाए तो गलत न होगा. 28 अक्तूबर, 1867 को जन्मी मार्गरेट के पिता सैम्युअल नोबेल आयरिश चर्च में पादरी थे. बचपन से ही मार्गरेट नोबेल की रुचि सेवा कार्यों में थी. वह निर्धनों की झुग्गियों में जाकर ...

    Read more

    भारत विश्व गुरु बनने के पथ पर बढ़ चला है – उपराष्ट्रपति वेंकैय्या नायडू

    मुंबई. उपराष्ट्रपति वेंकैय्या नायडू जी ने कहा कि देश के युवकों को सकारात्मक एवं रचनात्मक वृत्ति से कार्य करने की आवश्यकता है. हर एक व्यक्ति अपना काम करे तो वह भी देश सेवा ही है. 130 करोड़ भारतीयों के एकत्रित प्रयत्नों के कारण भारत आज विश्वगुरू बनने की ओर तेज गति से बढ़ रहा है. वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित प्रथम स्व. यशवंतराव केलकर स्मृति व्याख्यान में संबोधित कर रहे थे. मुंबई में विशिष्ट आम ...

    Read more

    विवेकानंद शिला स्मारक के शिल्पी – एकनाथ रानाडे

    एकनाथ रानाडे का जन्म 19 नवम्बर, 1914 को ग्राम टिलटिला (जिला अमरावती, महाराष्ट्र) में हुआ था. पढ़ने के लिए वे अपने बड़े भाई के पास नागपुर आ गए. वहीं उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार से हुआ. बचपन से ही प्रतिभावान एवं शरारती थे. कई बार शरारतों के कारण उन्हें शाखा से निकाला गया; पर वे फिर जिदपूर्वक शाखा में शामिल हो जाते थे. इस स्वभाव के कारण वे जिस काम में हाथ डालते, उसे पूरा करके ही दम लेते थे. मैट्रिक की परीक्षा उत ...

    Read more

    15 अगस्त / जन्म दिवस – स्वतन्त्रता के उद्घोषक श्री अरविन्द

    नई दिल्ली. भारतीय स्वाधीनता संग्राम में श्री अरविन्द का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनका बचपन घोर विदेशी और विधर्मी वातावरण में बीता, पर पूर्वजन्म के संस्कारों के बल पर वे महान आध्यात्मिक पुरुष कहलाये. उनका जन्म 15 अगस्त, 1872 को डॉ. कृष्णधन घोष के घर में हुआ था. उन दिनों बंगाल का बुद्धिजीवी और सम्पन्न वर्ग ईसाइयत से अत्यधिक प्रभावित था. वे मानते थे कि हिन्दू धर्म पिछड़ेपन का प्रतीक है. भारतीय परम्पराएं अन्धवि ...

    Read more

    धर्म संसद में पारित प्रस्ताव – हिन्दू समाज के विघटन के षड्यंत्र

    धर्मसंसद दिनांक 31 जनवरी, 2019 सेक्टर-14, ओल्ड जी. टी. रोड, कुम्भ मेला क्षेत्र, प्रयागराज प्रस्ताव (2) - हिन्दू समाज के विघटन के षड्यंत्र हिन्दू समाज की एकता को तोड़ने के लिए इस्लामिक, चर्च तथा साम्यवादी संगठन हमेशा से कुचक्र रचते रहे हैं. अब कुछ राजनैतिक दल व अन्य संगठन भी अपने निहित स्वार्थों के कारण लोक लुभावने नारे देकर व हिंसा का सहारा लेकर इन षड्यंत्रों को तेजी से बढ़ा रहे हैं.  इनकी कार्य पद्धति देखकर ...

    Read more

    भारत में स्वाधीनता की चेतना के नायक हैं महाराणा प्रताप – डॉ. बालमुकुन्‍द

    गोरखपुर (विसंकें). मध्यकालीन भारत में महाराणा प्रताप स्वाधीन चेतना के वैसे ही नायक हैं जैसे बीसवीं शताब्दी में भगत सिंह, आजाद, बिस्मिल जैसे क्रान्तिकारी थे. महाराणा प्रताप हमारे वास्तविक नायक हैं, जिनका जीवन शौर्य, संप्रभुता, स्वतंत्रता, जातीय स्वाभिमान का प्रतिमान था. महाराणा प्रताप का नाम भारत के शिखर के अमर-सपूतों में दर्ज है. प्रताप भारत एवं भारतीयता के प्रतीक हैं. राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए प् ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top