करंट टॉपिक्स

स्वाधीनता की चिंगारी, वीरांगना रानी अवंतीबाई

हेमेन्द्र क्षीरसागर अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति, वीरांगना रानी अवन्तीबाई ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे. अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए....

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव : भ्रान्तियों के निवारण का महापर्व – 2

अवनीश भटनागर एक और अटपटा किन्तु विचारणीय प्रश्न जब हम यह चर्चा कर रहे हों कि भारत पराधीन कब हुआ, तो यह विचार करना भी...

अमृत महोत्सव – ब्रिटिश ईसाईयों के विरुद्ध बस्तर के जनजातियों की भूमकाल क्रांति और उसके नायक वीर गुण्डाधुर

जब देशभर के क्रांतिकारियों द्वारा ब्रिटिश ईसाइयों के विरुद्ध स्वाधीनता का बिगुल फूंका जा रहा था, उस दौरान क्रांति की लौ केवल महानगरों एवं नगरों...

‘विनाशपर्व’ का अंत

प्रशांत पोळ गुरुवार, दिनांक २३ जून, १७५७ को अंग्रेजों ने बंगाल में प्लासी में युद्ध जीत लिया और पूरा बंगाल उनके कब्जे में आ गया....

अमृत महोत्सव – वीर सावरकर कृत ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक का इतिहास

रवि कुमार कहते हैं 1857 की क्रांति विफल हुई. क्या यह कहना सही है? नहीं.! 1857 का महासंग्राम उसके बाद की पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम...

अमृत महोत्सव – स्वदेशी स्वावलंबन के लिए बलिदान देने वाले हेमू कालाणी

अविभाजित भारत के सिंध प्रांत में एक युवा द्वारा अपनी किशोरावस्था में ही विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आग्रह किया...

मिशनरियों को आर्थिक सहायता देना सरकार की हिन्दू विरोधी मानसिकता का परिचायक – विहिप

  भुवनेश्वर. उड़ीसा सरकार द्वारा 4 जनवरी को मिशनरी ऑफ चैरिटी को मुख्यमंत्री रिलीफ़ फंड से 78 लाख 76 हजार की राशि प्रदान की गई,...

विनाशपर्व – अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन..? /१

प्रशांत पोळ ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज़, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख हैं....

लद्दाख प्रान्त की गलवान घाटी में क्या हो रहा है?

डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले कुछ दिनों से लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना आमने सामने है. 15 जून को दोनों...

कनाडा ने माना – खालिस्तानी आतंकी हैं

लगता है, आतंकवाद को लेकर कनाडा की नीति में बदलाव आ रहा है. वहां की सरकार ने पहली बार खालिस्तानियों को आतंकवादी माना है. वर्ष...