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सनातन भारत का गौरव तथा आधुनिक भारत की चमक समारोहों में दिखनी चाहिए

नई दिल्ली. स्वतंत्रता के 75 वर्ष का समारोह, अमृत महोत्सव मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय समिति की पहली बैठक संपन्न हुई. राज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, मीडिया शख्सियतों, आध्यात्मिक नेताओं, कलाकारों तथा फिल्म से जुड़े व्यक्तियों, खिलाड़ियों तथा जीवन के अन्य क्षेत्रों के विख्यात व्यक्तियों सहित राष्ट्रीय समिति के विभिन्न सदस्यों ने बैठक में भाग लिया.

राष्ट्रीय समिति की बैक में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, नवीन पटनायक, मल्लिकार्जुन खड़गे, मीरा कुमार, सुमित्रा महाजन, जे.पी. नड्डा, मौलाना वहीदुद्दीन खान ने सुझाव दिए. समिति के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को “आजादी का अमृत महोत्सव” की योजना बनाने तथा इसके आयोजन के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने महोत्सव के दायरे को अधिक विस्तारित करने के लिए अपने सुझाव दिए. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी और अधिक बैठकें होंगी तथा आज प्राप्त हुए सुझावों पर विचार किया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश धूमधाम और उत्साह के साथ आजादी के 75 वर्ष का समारोह मनाएगा, जो ऐतिहासिक प्रकृति, गौरव और इस अवसर के महत्व के अनुकूल होगा. उन्होंने समिति के सदस्यों से प्राप्त होने वाले नए विचारों तथा विविध सोचों की सराहना की. उन्होंने आजादी के 75 वर्ष के महोत्सव को भारत के लोगों को समर्पित किया.

उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष का समारोह एक ऐसा समारोह होना चाहिए, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की भावना, बलिदानियों को श्रद्धांजलि तथा भारत के निर्माण के उनके संकल्प का अनुभव किया जा सके. इस समारोह को सनातन भारत के गौरव की झलकियों तथा आधुनिक भारत की चमक को भी साकार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस समारोह को संतों की आध्यात्मिकता की रोशनी तथा हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा और ताकत को भी परिलक्षित करना चाहिए. यह कार्यक्रम विश्व के सामने इन 75 वर्षों की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करेगा तथा अगले 25 वर्षों के लिए हमारे लिए संकल्प करने की एक रूपरेखा भी प्रदान करेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी संकल्प बिना समारोह के सफल नहीं है. जब कोई संकल्प समारोह का रूप ले लेता है तो लाखों लोगों की प्रतिज्ञा और ऊर्जा उसमें जुड़ जाती है. समारोह 130 करोड़ भारतीयों की भागीदारी के साथ किया जाना है तथा लोगों की यह भागीदारी इस समारोह के मूल में है. इस समारोह में 130 करोड़ देशवासियों की अनुभूतियां, सुझाव तथा सपने शामिल हैं.

75 वर्षों के समारोह के लिए पांच स्तंभों का निर्णय किया गया है. ये हैं – स्वतंत्रता संग्राम, 75 विचार, 75 उपलब्धियां, 75 कदम तथा 75 संकल्प. इन सभी को 130 करोड़ भारतीयों के विचारों तथा भावनाओं में शामिल किया जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कम ज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने तथा लोगों को उनकी कहानियों के बारे में भी बताने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि देश का हर कोना देश के बेटों और बेटियों के बलिदान से भरा हुआ है और उनकी कहानियां देश के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत होंगी. हमें प्रत्येक वर्ग के योगदान को सामने लाना है. ऐसे बहुत से लोग हैं, जो पीढ़ियों से देश के लिए बहुत महान कार्य कर रहे हैं, उनके योगदान, विचार तथा सोच को राष्ट्रीय प्रयासों के साथ समेकित किये जाने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समारोह स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरे करने, ऐसी ऊंचाई पर भारत को पहुंचाने, जिसकी उन्होंने कल्पना की थी, को लेकर है. देश ऐसी चीजें अर्जित कर रहा है, जिसके बारे में कुछ वर्ष पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था. यह समारोह भारत के ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप होगा.

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