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यूक्रेन संकट – भारतीयों को निकालने के लिए चार केंद्रीय मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों में जाएंगे

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यूक्रेन में चल रहे रूसी सैन्य अभियान के बीच फंसे भारतीयों को निकालने के लिए समन्वय हेतु यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भारत सरकार के चार केंद्रीय मंत्री जाएंगे. केंद्र सरकार ने यूक्रेन से फंसे छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजीजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ऑपरेशन गंगा के समन्वय और छात्रों की मदद करने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों की यात्रा करेंगे.

युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीयों को वापिस लाने का अभियान जोरों पर है और इसके पड़ोसी देशों से लगातार विमान भारत पहुंच रहे हैं. 240 फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लेकर छठी उड़ान ऑपरेशन गंगा के तहत हंगरी के बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई है.

केंद्र सरकार ने यूक्रेन से फंसे छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है. इसके अलावा यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने सूचित किया कि कीव में सप्ताहांत कर्फ्यू हटा लिया गया है. दूतावास ने कहा कि यूक्रेन रेलवे के जरिए निकासी के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है और सभी छात्रों को पश्चिमी भागों की यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन जाने की सलाह दी गई है.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सलाह को संशोधित किया, जिसमें यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों को कई छूट प्रदान की गईं. यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों को अनिवार्य नेगेटिव आरटीपीसीआर टेस्ट और टीकाकरण प्रमाणपत्र के साथ-साथ एयर-सुविधा पोर्टल पर प्रस्थान से पहले दस्तावेजों को अपलोड करने से छूट दी गई है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने बयान में कहा कि यदि कोई यात्री आगमन-पूर्व आरटीपीसीआर टेस्ट पेश करने में सक्षम नहीं है या उसने अपना कोविड-19 टीकाकरण पूरा नहीं किया है, तो उन्हें भारत आने के बाद 14 दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की खुद निगरानी करने की सलाह के साथ अपने सैंपल जमा करने की अनुमति है. 28 फरवरी, 2022 तक यूक्रेन से 1156 भारतीय भारत आ चुके हैं, जिनमें से किसी भी यात्री को आइसोलेशन में नहीं रखा गया है.

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