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जहां-जहां मंदिर तोड़े गए, वहां उनका पुनर्निर्माण होना चाहिए – प्रमोद सावंत

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नई दिल्ली. साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य और ऑर्गनाइजर के 75 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली के द अशोक होटल में रविवार को आयोजित मीडिया महामंथन-2022 के पांचवें सत्र में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत विचार रखे. मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि गोवा में सड़क, बिजली, पानी और पर्यटन आदि क्षेत्र में जो विकास कार्य हुए हैं, उसी की वजह से विधानसभा चुनाव में जीत मिली है.

उन्होंने कहा कि देश 1947 में स्वतंत्र हुआ, जबकि गोवा को उसके 14 साल बाद 1961 में स्वतंत्रता मिली. इस देरी के लिए उस वक्त की सरकार जिम्मेदार है. तत्कालीन भारत सरकार को उस समय गोवा पर भी ध्यान रखना चाहिए था. गोवा करीब साढ़े चार सौ वर्ष तक गुलाम रहा. उस दौरान हिन्दू संस्कृति का विनाश किया गया. हमारे धार्मिक स्थलों और धरोहरों को नष्ट किया गया. अब हम फिर से उन्हें बनाने जा रहे हैं. इसके लिए हमने बजट भी जारी कर दिया है. मेरा तो मानना है कि जहां-जहां मंदिरों को तोड़ा गया है, वहां मंदिरों का पुनर्निर्माण होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है. हर गांव में एक-दो मंदिर होते हैं. हमें लोगों को समुद्र तट से मंदिर तक ले जाना है.

यूनिफॉर्म सिवित कोड को लेकर कहा कि गोवा में स्वतंत्रता के बाद से ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है. मुझे लगता है कि बाकी राज्यों को भी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना चाहिए. TMC के गोवा में फेल होने के सवाल पर कहा कि हम अपना काम करते रहेंगे और वो फेल होते रहेंगे. गोवा के लोग जानते हैं कि कौन हमारे लिए काम कर रहा है और कौन अपने लिए आया है. गोवा में जितना बीते 50 साल में काम नहीं हुआ, उतना पिछले 8 साल में हुआ है.

गोवा के विकास के लिए स्वयंपूर्ण गोवा कार्यक्रम शुरू किया गया है. इसके तहत हर ग्राम पंचायत में स्वयंपूर्ण मित्र कार्य कर रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचा रहे हैं. इसी के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में अधिकारी कैंप लगाकर लोगों के कागजात बनाने सहित उनकी समस्याएं सुनकर उसका समाधान कर रहे हैं.

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