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देश, धर्म और समाज के लिए त्याग करने वाले मनीषियों का सम्मान होता है – हनुमान सिंह

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चित्तौड़. समाजसेवी, चिंतक, विचारक व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह हनुमान सिंह ने कहा कि हमारे देश में उनका स्थान सर्वोच्च है जो देश, धर्म और समाज के लिए त्याग करता है. ऐसे मनीषियों का हर जगह सम्मान होता है. वे मंगलवार को उदयपुर में अलका होटल में आयोजित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति की गोष्ठी में संबोधित कर रहे थे.

उदयपुर के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यवसायियों, समाज के प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी हमारे देश में सेवा का जो भाव दृष्टिगोचर हुआ, यह हमारी सनातन संस्कृति के संस्कारों में समाहित त्याग की भावना का परिचायक है. जो व्यक्ति समाज के प्रत्येग वर्ग के लिए सेवा और त्याग की भावना रखता है, समाज उसका हर जगह सम्मान करता है.

उन्होंने अयोध्या में बन रहे भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को राष्ट्रीय स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का प्रतीक बताते हुए कहा कि रामलला की जन्मभूमि के लिए 492 साल के संघर्ष में न जाने कितने ही रामभक्तों ने अपनी आहुति दी. रामभक्तों ने भगवान श्रीराम के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया. उनके इस बलिदान को आज नमन करने का अवसर मंदिर निर्माण के रूप में प्राप्त हुआ है. राम इस देश के हर व्यक्ति के मन में विराजमान हैं, ऐसे में हर व्यक्ति अपनी श्रद्धा का प्रकटीकरण किसी न किसी रूप में कर सके, सभी की इच्छा है. इसी भावना से संकल्पित होकर 15 जनवरी से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति की ओर से घर-घर समर्पण भाव जागरण व श्रद्धानुसार समर्पण को ग्रहण करने का अभियान शुरू किया जा रहा है. उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपनी श्रद्धानुसार अधिक से अधिक समर्पण करे.

गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उदयपुर महानगर संघचालक गोविन्द अग्रवाल ने कहा कि अब तक उदयपुर के प्रमुख लोगों ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए बढ़-चढ़ कर राशि समर्पण का संकल्प लिया है. अब तक समर्पण की यह राशि 12 करोड़ रुपये हो चुकी है. गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन, विभाग संघचालक हेमेन्द्र श्रीमाली आदि ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में अधिक से अधिक सहयोग का आह्वान किया. मंच का संचालन वीरेन्द्र डांगी ने किया.

उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी को संत-महंतों के आशीर्वाद से यह अभियान शुरू होगा. 30 जनवरी तक चलने वाले पहले चरण में प्रभात फेरियां, कलश यात्रा, वाहन रैली, मंदिर-स्थानों पर हनुमान चालीसा के पाठ आदि आयोजन होंगे. साथ ही निधि समर्पण की अलख जगाने घर-घर पत्रक वितरित किए जाएंगे. अभियान का दूसरा चरण 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रामभक्त घर-घर 10 रुपये, 100 रुपये व 1000 रुपये के कूपन लेकर पहुंचेंगे. जिस परिवार की जैसी श्रद्धा होगी, वे वैसा समर्पण सहयोग कर सकेंगे. दो हजार से अधिक की राशि पर 80-जी की छूट रहेगी.

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