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कोचिंग सेंटर व वॉट्सएप ग्रुप के जरिए युवाओं को भड़काया गया

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नई दिल्ली. भारतीय सेना की अग्निवीर योजना को लेकर देश भर में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी की. बिहार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और तेलंगाना में भी आगजनी और तोड़फोड़ हुई. प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को निशाना बनाया. इसके अलावा सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया.

हिंसा के पश्चात गृह मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए 35 वॉट्सएप ग्रुप को बैन कर दिया है. इन वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से फेक न्यूज़ प्रसारित कर युवकों को भड़काने का काम किया गया. सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कोचिंग संस्थानों, राजनीतिक दलों या किसी अन्य के बहकावे में आकर या फिर खुद से ही मन बनाकर उत्पात मचाने वाले युवाओं को आजीवन सेना की नौकरी से बैन कर दिया जाएगा.

बिहार में अब तक 108 एफआईआर दर्ज हो चुके हैं. पुलिस का कहना है कि बिहार के कई कोचिंग संचालकों ने युवाओं को भड़काया था. जिसके बाद पूरे राज्य में हिंसा, प्रदर्शन, आगजनी हुई. जानकारी के अनुसार पटना के एक कोचिंग पर छापेमारी के दौरान पता चला कि युवाओं को हिंसा, प्रदर्शन के लिए भड़काया गया. पूरे मामले में एसएसपी का कहना है कि 17 जून को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं को उकसाया गया है. ट्रेन रोकने और हिंसक प्रदर्शन करने के लिए भी उकसाया है. आप ट्रेन नहीं रोक सकते हैं क्योंकि वो आपका भविष्य रोक रहे हैं. इस बार की क्रांति संपूर्ण क्रांति से भी बड़ी होगी.

इसके अलावा झिंझाना में एसडीएम ने कई कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया. पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि जिन लोगों को हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनके फोन खंगालने पर पता चला कि वॉट्सएप के जरिए कोचिंग सेंटर्स ने हिंसक प्रदर्शन और उकसाने के मैसेज और वीडियो भेजे हैं.

झारखंड में भी स्टूडेंट्स एसोसिएशन रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन सहित अन्य छात्र संगठनों ने अग्निवीर योजना का विरोध किया. भाकपा माले ने इस विरोध का समर्थन किया, छात्रों ने झारखंड बंद का ऐलान किया था.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने के आरोप में अब तक 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है. एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अग्निपथ योजना को लेकर हिंसा के बाद गिरफ्तार लोगों में से नौ कोचिंग संचालक हैं. अलीगढ़ के टप्पल, जट्टारी में हिंसक प्रदर्शन हुए. हिंसा के लिए युवाओं को कोचिंग सेंटरों के संचालकों ने व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर भड़काया था. इसके अलावा पुलिस ने फिरोजाबाद, नोएडा, गोरखपुर, संतकबीरनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अयोध्या, सुल्तानपुर, मऊ, और फतेहगढ़ में एक-एक एफआईआर, बलिया, आगरा, हरदोई, गाजीपुर में 2-2 एफआईआर, देवरिया में 3 एफआईआर, मिर्ज़ापुर में 4 एफआईआर, मथुरा में 5 एफआईआर, अलीगढ़ में 6 एफआईआर, चंदौली में 7 एफआईआर, वाराणसी कमिश्नरेट में 9 एफआईआर, जौनपुर में 11 एफआईआर दर्ज की हैं. इसके साथ ही चंदौली से सबसे ज्यादा 53 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है.

केंद्र सरकार की ओर से तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध के बीच सेना की ओर से उम्मीदवारों को साफतौर पर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर उनके खिलाफ FIR दर्ज होती है तो वह ‘अग्निवीर’ नहीं बन सकेंगे. भर्ती में शामिल होने वाले हर उम्मीदवार को लिखित में यह बताना होगा कि वे अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों में शामिल नहीं थे.

अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी कहा कि भारतीय सेना की नींव में अनुशासन है. आगजनी या तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है. प्रत्येक व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे. पुलिस सत्यापन अनिवार्य है, इसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है.

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