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    सेवा कार्य के आग्रही के. सूर्यनारायण राव

    संघ में ‘सुरुजी’ के नाम से प्रसिद्ध वरिष्ठ प्रचारक श्री के. सूर्यनारायण राव का जन्म 20 अगस्त, 1924 को कर्नाटक के मैसूर नगर में हुआ था. वैसे यह परिवार इसी राज्य के ग्राम कोरटगेरे (जिला तुमकूर) का मूल निवासी था. उनके पिता श्री कोरटगेरे कृष्णप्पा मैसूर संस्थान में सहायक सचिव थे. उन्होंने पूज्य गोंडवलेकर महाराज से तथा उनकी पत्नी श्रीमती सुंदरप्पा ने ब्रह्मानंदजी से दीक्षा ली थी. अतः धर्म के प्रति प्रेम सुरुजी क ...

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    अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 13  

    नरेंद्र सहगल भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता के लिए चल रहे सभी आंदोलनों/संघर्षों पर डॉक्टर हेडगेवार की दृष्टि टिकी हुई थी,यही वजह रही कि डॉक्टर हेडगेवार ने अस्वस्थ रहते हुए भी अपनी पूरी ताकत संघ की शाखाओं में लाखों की संख्या में स्वयंसेवकों अर्थात् स्वतंत्रता सेनानियों के निर्माण कार्य में झोंक दी.भविष्य में होने वाले द्वितीय विश्वयुद्ध के समय ब्रिटिश साम्राज्यवाद की होने वाली पतली हालत को उन्होंने भांप लिया ...

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    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 8

    नरेंद्र सहगल देश की स्वतंत्रता के लिए प्रत्येक आंदोलन एवं प्रयास का गहराई से अध्ययन करने के लिए डॉक्टर हेडगेवार कोई भी अवसर नहीं छोड़ते थे. कांग्रेस के गर्म धड़े के नेता डॉक्टर मुंजे ने एक ‘रायफल एसोसिएशन’ बनाई जो युवकों को निकटवर्ती जंगलों में ले जाकर निशानेबाजी तथा सामने खड़े शत्रु का प्रतिकार करने का प्रशिक्षण देती थी. डॉक्टर हेडगेवार ने भी डॉ. मुंजे के साथ कई दिनों तक जंगलों में रहकर यह प्रशिक्षण प्राप्त क ...

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    अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 7

    नरेंद्र सहगल हिन्दू धर्म के सिद्धांतों और अधिकांश रीतिरिवाजों में डॉ. हेडगेवार पूर्ण निष्ठा रखते हुए जेल में अपनी दिनचर्या का निर्वाह करते थे. वे यज्ञोपवीत पहनते थे. जेल के नियमों के अनुसार जब उन्हें इसे उतारने के लिए कहा गया तो उन्होंने ऐसा करने से साफ इन्कार कर दिया ‘मैं इसे नहीं उतार सकता, यह मेरा धार्मिक हक है, इसमें दखलअंदाजी करने का आपका कोई अधिकार नहीं बनता’. उस समय जेल के पर्यवेक्षक एक आयरिश सज्जन थ ...

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    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 6

    नरेंद्र सहगल प्रखर राष्ट्रभक्ति की सुदृढ़ मानसिकता के साथ डॉक्टर हेडगेवार ने ‘कांग्रेसी’ कहलाना भी स्वीकार कर लिया. नागपुर अधिवेशन में अपना रुतबा जमाने के बाद वे महात्मा गांधी द्वारा मार्गदर्शित असहयोग आंदोलन को सफल बनाने के लिए जी जान से जुट गए. गांधी जी के आह्वान पर सारा देश अहसयोग आंदोलन में हर प्रकार से शिरकत करने को तैयार हो गया. पूर्व में अनुशीलन समिति द्वारा संचालित सशस्त्र क्रांति और बाद में 1857 जै ...

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    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 5

    नरेंद्र सहगल भारत में चल रहे सभी प्रकार के स्वतंत्रता-आंदोलनों, शस्त्रक्रांति के प्रयत्नों, समाज सुधार के लिए कार्यरत विभिन्न संस्थाओं तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के जागरण में जुटी सभी धार्मिक संस्थाओं का निकट से अध्ययन करने के लिए डॉक्टर साहब इनके सभी कार्यकलापों में यथासम्भव भागीदारी करते थे. उनका यह निश्चित मत था कि देश के शत्रुओं को जिस किसी भी मार्ग से भारत भूमि से निकाला जा सके, वही उचित तथा योग्य है. इ ...

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    राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका, विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का इतिहास और ‘राष्ट्र निर्माण’ में इसकी भूमिका को नागपुर स्थित एक विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने बीए (इतिहास) के द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम में आरएसएस के इतिहास को शामिल किया है. पाठ्यक्रम के तीसरे खंड में राष्ट्र निर्माण में आरएसएस की भूमिका का वर्णन है. प्रथम खंड में कांग्रेस की स्थापना और जवाहर लाल नेहरू ...

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    डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय दृष्टि जागृत कर समाज को संगठित करने का कार्य शुरू किया

    संघ संस्थापक के व्यक्तित्व को समझे बिना संघ को समझना संभव नहीं चुनाव के समय भारत में युद्ध सी स्थिति दिख रही थी. अब सारी धूल बैठने के बाद चित्र स्पष्ट हो गया है. देश की जनता ने राष्ट्रीय पक्ष को मज़बूत समर्थन दे कर सत्तासीन किया है. आरोप-प्रत्यारोप के घमासान में विभाजनवादी राजनीति करने वाले खेमे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी अकारण-आधारहीन आरोप लगते रहे. स्वातंत्र्यवीर सावरकर और द्वितीय सरसंघचालक माधव सदा ...

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    09 मार्च / पुण्यतिथि – नारी संगठन को समर्पित सरस्वती ताई आप्टे

    1925 में समाज के संगठन के लिए डॉ. हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य प्रारम्भ किया। संघ की शाखा में पुरुष ही आते थे। स्वयंसेवक परिवारों की महिलाएँ एवं लड़कियाँ डॉ. हेडगेवार जी से कहती थीं कि हिन्दू संगठन में महिलाओं का भी योगदान होना चाहिए। डॉ. हेडगेवार भी यह चाहते थे; पर शाखा में लड़के एवं लड़कियाँ एक साथ खेलें, यह उन्हें व्यावहारिक नहीं लगता था। इसलिए वे चाहते थे कि कोई महिला आगे बढ़कर महिलाओ ...

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    संघ समता युक्त-शोषण मुक्त समाज एवं अहंकार व स्वार्थ मुक्त व्यवस्था बनाने में लगा है – डॉ. मोहन भागवत

    देहरादून (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी जन्मजात देशभक्त थे. उनको लगा कि हमारे समाज का परिवर्तन या देश को स्वतन्त्रता सिर्फ सरकारों या नारों के माध्यम से नहीं मिलेगी तथा स्वतन्त्रता का लाभ तभी मिलेगा, जब हमारा समाज एकजुट होगा. इस उद्देश्य को लेकर उन्होंने सन् 1925 में संघ की स्थापना की और शाखा के माध्यम से व्यक्ति निर्माण व समाज सेवा क ...

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