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अनियोजित विकास से हिमालय को खतरा

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देहरादून (विसंके). श्रीनगर, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र व समाजकार्य विभाग तथा पर्वतीय विकास शोध केंद्र के तत्वावधान में हिमालय नीति अभियान के तहत आयोजित संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों ने कहा कि अनियोजित विकास हिमालय की दुर्दशा का कारण बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि 30-35 साल में हिमालय की भूगर्भीय संरचना के साथ जिस तरह अनियोजित विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, उसने हिमालय की कमर तोड़ दी है.

बिड़ला परिसर स्थित समाजशास्त्र विभाग में आयोजित हिमालय नीति संगोष्ठी को संबोधित करते मुख्य वक्ता और आइआइटी रुड़की के पूर्व प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र पैन्यूली ने कहा कि देहरादून में छरबा गांव की ग्रीन बेल्ट पर कोका कोला प्लांट तथा कीर्तिनगर में मलेथा की उपजाऊ भूमि पर क्रेशर प्लांट के जनविरोध ने स्पष्ट कर दिया है कि हिमालय क्षेत्र में मौजूदा विकास योजनाओं पर पुनर्विचार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, जलवायु परिवर्तन की घटनायें मानवजनित गलत विकास योजनाओं के कारण हैं.

हिमालय नीति अभियान के संयोजक सुरेश भाई ने कहा कि हिमालय क्षेत्र के लिये अलग विकास का मॉडल तैयार करने की आवश्यकता है. इसके तहत ही 12 अक्टूबर से गंगोत्री से गंगा सागर तक राष्ट्रीय हिमालय नीति अभियान चलाया जा रहा है. शाश्वत धाम लक्षमोली के संस्थापक स्वामी अद्वैतानंद महाराज ने कहा कि हिमालय के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को भी हिमालय नीति में शामिल किया जाना चाहिये. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ सोशल साइंस के संकाय अध्यक्ष प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि हिमालय नीति एवं गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये पर्याप्त शोध एवं अध्ययन कार्य हो रहे हैं. इन शोधों पर सरकार त्वरित कार्यवाही भी करे.

पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि हिमालय राष्ट्रीय अभियान तीन चरणों में संचालित किया जायेगा. प्रथम चरण में गंगोत्री से हरिद्वार, द्वितीय चरण में हरिद्वार से बनारस और तृतीय चरण में बनारस से गंगा सागर तक यह अभियान चलेगा. पूर्व पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी, गंगा आरती समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी और डॉ. जेपी भट्ट, मलेथा की श्रीमती विमला देवी ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया. इस मौके पर मलेथा के प्रधान शूरवीर सिंह बिष्ट, डडवा के प्रधान सोबन सिंह पंवार, लक्षमोली के प्रधान सुरेश सिंह नेगी, बगवान के क्षेत्र पंचायत सदस्य मीरा पंवार भी उपस्थित थे. संगोष्ठी का संचालन डॉ. किरन डंगवाल ने किया.

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