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मध्यप्रदेश – नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमले की दूसरी घटना

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भोपाल. कोरोना संक्रमण के चलते विभिन्न क्षेत्रों में नाइट र्फ्यू लगाया गया है. वहीं, नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं. हनुमानगंज थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुई घटना के पश्चात अब कोहेफिजा थाना क्षेत्र के खानूगांव में पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया.

एक सप्ताह पहले भोपाल के काजी कैंप में नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस कर्मियों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. एक चाय वाले और उसके बेटे ने पुलिसवालों पर खौलती चाय फेंक दी. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर धक्का-मुक्की भी की. दूसरी तरफ महिलाओं ने छत से पुलिसवालों पर पत्थर फेंके. इस हमले में ASI सहित 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने 16 आरोपियों पर मामला दर्ज किया था, मुख्य आरोपी जाहिर सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना शनिवार रात 11 बजे की है. दूसरी तरफ आरोपी के परिजनों ने भी पुलिस पर घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट करने का आरोप लगाया है.

वहीं, अब कोहेफिजा थाना क्षेत्र के खानूगांव में पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया. पुलिस जब वहां पहुंची, तो छह युवक मस्ती कर रहे थे. उनकी गाड़ी में राइफल भी थी. इससे पहले की पुलिसकर्मी साथियों को मदद के लिए बुलाते आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया. वारयलेस तोड़ते हुए पुलिस कर्मियों से मारपीट की. इसके बाद सभी आरोपी भाग गए. पुलिस ने जिप्सी तो जब्त कर ली है, लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लग पाया है.

कोहेफिजा TI अनिल वाजपेयी ने बताया कि बुधवार रात करीब 1:30 बजे गश्त के दौरान डायल-100 की टीम खानूगांव के आसपास थी. गांव में उन्हें एक जिप्सी संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी. वहां पहुंचने पर उसके अंदर 6 युवक बैठे हुए थे और अंदर ही एक राइफल भी नजर आई.

पुलिस कर्मियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरलेस से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने का प्रयास किया. इसी दौरान आरोपियों ने वायरलेस छीनकर उसे तोड़ दिया और पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की. जब तक पुलिसकर्मी और डायल-100 का चालक संभलता. आरोपी मौके से भाग चुके थे.

घटना के बाद मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्काल मोबाइल फोन से अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद देर रात आरोपियों की धरपकड़ का सिलसिला शुरू हुआ. इधर पुलिस को लावारिस हालत में जिप्सी तो मिल गई, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस जिप्सी नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है, लेकिन अब तक किसी का पता नहीं चल पाया है.

इसलिए ज्यादा गंभीर मामला

नाइट कर्फ्यू का पालन नहीं होने के कारण बुधवार रात पुलिस प्रशासन के अधिकारी सड़कों पर उतरे थे. अधिकारियों ने बल के साथ इलाकों में घूमकर दुकानों को न केवल बंद कराया, बल्कि लोगों को रात को बिना कारण घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी. अधिकारियों के निकलने के बाद इस तरह की घटना होना गंभीर मामला होने के साथ ही पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है.

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