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पुलवामा हमले के बलिदानियों के परिवार की सहायता हेतु आह्वान

14 फरवरी को कश्मीर घाटी के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए आत्मघाती हमले में 45 से अधिक वीर सुरक्षाबलों का बलिदान हुआ है. पूरा देश इससे व्यथित है. वस्तुतः यह अप्रत्यक्ष युद्ध जैसी स्थिति है, जिसमें देश के किसी न किसी भाग में प्रतिदिन सुरक्षा बल बलिदान दे रहे हैं ताकि हम शांति से रह सकें. मातृभूमि की रक्षा में अपने जीवन न्यौछावर करने वाले बलिदानियों के परिजनों की पीड़ा में हम सभी उनके साथ हैं. उन्होंने देश क ...

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शबरीमला मंदिर में महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं होता – जे. नंदकुमार

नई दिल्ली (इंविसंकें). शबरीमाला मंदिर में युवतियों के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में केरल सरकार अय्यप्पा भक्तों पर अत्याचार कर रही है. उनके धार्मिक और मानवाधिकारों का हनन कर रही है. केरल सरकार इस बात पर तुली हुई है कि किसी भी तरह अय्यप्पा मंदिर में युवतियों का प्रवेश करा दिया जाए भले ही वह पोर्न स्टार रेहाना फातिमा ही क्यों न हो, जिसका हिन्दू धर्म और भक्ति से कोई सम्बन्ध नहीं है. राष्ट्रीय ...

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‘कुंभ मेला’ भारतीय जीवन का प्रतीक – सुरेश भय्याजी जोशी

मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा कि कुंभ मेला भारतीय जीवन का प्रतीक है. जनवरी माह से आयोजित होने वाले कुंभ मेले में पवित्र स्नान कर सभी को लाभ उठाना चाहिए. भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनोखे संगम संस्कृति कुंभ का भव्य आयोजन बुधवार को मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर के सभागृह में किया गया. जिसमें सरकार्यवाह ने उपस्थितजनों को संबोधित किया. कार्यक्रम में चित्रपट ...

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भारत का अध्यात्म एवं दर्शन ही भारत का परिचय है – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

जबलपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि भारत की मूल धारा अध्यात्म है, इसलिए हिन्दू समाज में सबके प्रति स्वीकार्यता है. ये प्राचीन भारतीय दर्शन का सार है. धर्म एक विशुद्ध भारतीय शब्द है, जिसका अर्थ पूजा पद्धति नहीं है. धर्म का अर्थ है - जीवन के संतुलन को बनाए रखना. और ये संतुलन जब बिगड़ता है, तब धर्म की हानि होती है. सह सरकार्यवाह जी संघ के स्वयंसेवकों के राष्ट ...

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‘मुसलमानों ने बर्बरता की हदें पार कीं’

बात उन दिनों की है, जब मेरे बड़े भाईसाहब सेना मुख्यालय से जुड़े एक सरकारी दफ्तर में काम करते थे. कुछ दिन बाद उनका स्थानांतरण लाहौर हो गया. उस समय मैं मैट्रिक पास कर चुका था. तो भाईसाहब ने कहा कि गांव से लाहौर चले आओ तो यहां नौकरी मिल जाएगी. मुझे याद है कि मैं 8 जुलाई,1946 को लाहौर पहुंच गया. भाई की मदद से दो-तीन दिन बाद ही नौकरी मिल गयी. कुछ दिन कार्य करने के बाद 01 अक्तूबर,1946 को मुझे एक विदेशी कंपनी में बा ...

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‘रास्ते में बिछी थीं लाशें’

बंटवारे के दिनों के बारे में जब भी सोचता हूं तो एक अजीब सी उलझन होने लगती है. उन दिनों पाकिस्तान में जहां भी हिन्दू रह रहे थे, वे सभी डरे हुए थे कि कब क्या हो जाए. मेरी माता जी का देहांत हो जाने के कारण मेरा लालन-पालन बुआ जी के पास हुआ. तब मेरी उम्र 8 वर्ष थी. अचानक एक दिन हमारे मुहल्ले में भी हालात खराब हो गए. स्थिति इतनी ज्यादा खराब थी कि पलायन ही एक मात्र रास्ता सभी को सूझ रहा था क्योंकि आस-पास के हिन्दू ...

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समाज में संगठन नहीं, अपितु संपूर्ण समाज का संगठन ही हमारा लक्ष्य – दुर्गादास जी

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों पर आधारित पुस्तक माला ‘कृतिरूप संघ दर्शन’ का विमोचन गुरुवार को उत्तर पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख दुर्गादास जी ने किया. ज्ञान गंगा प्रकाशन की ओर से भारती भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जयपुर प्रांत के संघचालक डॉ. रमेश जी ने की. इस अवसर पर क्षेत्र प्रचार प्रमुख दुर्गादास जी ने कहा कि संघ 1925 में अपनी स्थापना से ही समाज को एकात्मता के आधार ...

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‘जो कुछ हूं संघ की बदौलत हूं’

बंटवारे के दौर की रातों को पाकिस्तान से आना वाला कोई भी हिन्दू नहीं भूल सकता, हिन्दुओं के घरों को आग लगा दी जाती थी, बहन-बेटियों का अपहरण कर लिया जाता था. हत्याएं होती थीं.. मैं उस समय 8 वर्ष था. मेरे बड़े भाई एवं चाचा मुल्तान के पास स्थित डेरा इस्माइल खान में संघ की शाखा लगाया करते थे. पांच वर्ष का होने पर मैं भी शाखा में जाने लगा. मुझे याद है बंटवारे के समय जब ज्यादा माहौल खराब होने लगा तो हमारे चाचा जी स् ...

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‘नहीं भूलते बंटवारे के दिन’

बंटवारे के वक्त मैं नागपुर में संघ का तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था. इस बीच पाकिस्तान की ओर से हिन्दुओं के पलायन की खबरें आनी शुरू हुर्इं. संघ अधिकारियों ने वर्ग को जल्दी समाप्त कर दिया ताकि सीमापार रहने वाले स्वयंसेवक अपने परिवार की मदद कर सकें. नागपुर से मैं फगवाड़ा आया, जहां संघ का शिविर लगा हुआ था और पूज्य गुरुजी वहां आए हुए थे. पाकिस्तान के हालात को देखकर शुरुआत में गुरुजी का आग्रह था कि लोग ...

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हमें विश्व को प्रकाश देने वाला आदर्श बनना है – डॉ. मोहन भागवत जी

मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत को धर्म का अधिष्ठान है. यह देश भविष्य में विश्व शक्ति बनेगा. विश्व में अनेक राष्ट्र आए और गए. परंतु, भारत जैसा था, वैसा ही है. भारत का यह सनातन धर्म है, जिसे हिन्दुत्व कहा जाता है. हम भारत-भू की छाया में पले-बड़े हुए हैं. हमें जगविजेता सिकंदर या चंगेज़ खान नहीं बनना है. बल्कि विश्व को प्रकाश देने वाला आदर्श बनना है. यह बा ...

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