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गुरू गोबिंद सिंह जी के जीवन के स्मरण मात्र से पूरा जीवन प्रकाशमय हो जाएगा – डॉ. मोहन भागवत जी

गुरू गोबिंद सिंह जी का जीवन समाज को जोड़ने की सीख देता है – डॉ. मोहन भागवत जी नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने वालों में दशमेश गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज एक बड़ा कारण रहे हैं, इसलिए बच्चा- बच्चा उन्हें अपना आदर्श मानता है, उनके जैसा बनना चाहता है. यही कारण है भारत की पहचान विश्व में बताने वाले विवेकानंद जी ने कहा था - भारत के गौरव को पान ...

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ग्राम विकास एवं कुटुंब प्रबोधन के कार्यों को गति देगा संघ – सुरेश भय्या जी जोशी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में हुआ विचार भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो तिहाई शाखाएं गांव में और एक तिहाई नगरों में चलती हैं. चूँकि भारत में लगभग 60 प्रतिशत समाज गांव में बसता है. वर्तमान परिस्थितियों में ग्रामीण परिवेश के समक्ष अनेक प्रकार की चुनौतियां हैं. इसलिए संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में शाखाओं के माध्यम से गांवों में और अधिक कार्य करन ...

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संस्कृति, स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आत्मगौरव व वीरता भी आवश्यक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नई दिल्ली. भारत के अंतिम हिन्दू सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य के राज्याभिषेक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में समारोह आयोजित किया गया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे. इस अवसर पर इतिहास संकलन समिति के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बाल मुकुंद पाण्डेय जी तथा विश्व हिन्दू परिषद् के संयुक्त सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपाण्डेय जी मंच पर उपस्थित ...

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अध्यात्म के बिना भौतिक ज्ञान भी मार्ग से भटक जाएगा – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत एक है और अब वो जाग रहा है. भारत उठेगा और अपना स्थान हासिल करेगा, ऐसी आशाएं पल्लवित हो रही हैं. ज्ञान निधि प्रकट करने का समय आ गया है. हमें अपने आप को पहचानना होगा. वेद हमारी पहचान तो हैं, लेकिन उसे एक बार फिर लोगों के लिए आधुनिक युग के हिसाब से समझाना होगा. परमाणु क्षेत्र में हुए खोज का श्रेय भी वैज्ञानिक वेदों को ही देते रहे ह ...

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भारत का चिंतन प्रासंगिक नहीं, बल्कि सर्वकालिक और सभी के लिए है – सुरेश भय्याजी जोशी

रायपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा कि विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है, यह निरंतर बढ़ती रहेगी. किन्तु समक्ष की समस्याओं और देशहित के प्रश्नों  पर एकात्म भाव से प्रयास करें, यह भारत को परम वैभवशाली बनाने के लिए आवश्यक है. सरकार्यवाह जी विजयादशमी पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने देश की वर्तमान परिस्थितियों के संबंध में समाज को एकात्म होकर स ...

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संगठित और सक्रिय होकर संकट का सामना करना होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देश में भाषा, प्रान्त, पंथ-संप्रदाय, समूहों की स्थानीय तथा समूहगत महत्वाकांक्षाओं को हवा देकर समाज में राष्ट्र विरोधी शक्तियाँ अराजकता निर्माण करने का प्रयास कर रही हैं, समाज को संगठित और सक्रिय होकर इस संकट का सामना करना होगा. तब ही इस समस्या से सफलतापूर्वक निपटा जा सकेगा. सरसंघचालक जी विजयादशमी उत्सव में संबोधित कर रहे थे. ...

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सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के विजयादशमी उत्सव 2017 के अवसर पर दिया गया उद्बोधन……

इस वर्ष की विजयादशमी के पावन अवसर को संपन्न करने के लिये हम सब आज यहाँ पर एकत्रित हैं. यह वर्ष परमपूज्य पद्मभूषण कुषोक बकुला रिनपोछे (His eminence Kushok Bakula Rinpoche) की जन्मशती का वर्ष है, साथ ही स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध शिकागो अभिभाषण का 125वां वर्ष तथा उनकी शिष्या स्वनामधन्य भगिनी निवेदिता के जन्म का 150वाँ वर्ष है. पूज्य कुषोक बकुला रिनपोछे तथागत बुद्ध के 16 अर्हतों में से बकुल के अवतार थे, ऐसी ...

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युगानुकूल चिंतन से परंपरा का परिष्करण होना दीर्घजीवन के लिये आवश्यक – सुरेश भय्या जी जोशी

मुंबई (विसंकें). मुंबई के कांदिवली पूर्व के तेरापंथी भवन में 25 सितंबर को सायं 5 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने दीप प्रज्ज्वलन कर "दीनदयाळ कथा" कार्यक्रम के दूसरे दिन का शुभारंभ किया. यहाँ 24 सितंबर से रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी तथा दीनदयाळ शोध संस्थान संस्थाओं द्वारा दो दिवसीय "दीनदयाल कथा" का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली के प्रांत सह संघ ...

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मानव का सम्पूर्ण प्रकृति के साथ एकात्म संबंध स्थापित करना ही एकात्म मानव दर्शन – मदन दास देवी जी

चित्रकूट. राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख ने 1968 में पं. दीनदयाल उपाध्याय के निर्वाण के उपरांत दीनदयाल स्मारक समिति बनाकर उनके अधूरे कार्यो को पूर्ण करने के लिये दिल्ली में नींव रखी थी. श्रद्धेय नानाजी ने 42 वर्ष में दीनदयाल स्मारक समिति से लेकर दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना तक के सफर में पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन के विचारों को व्यावहारिक रूप से धरातल पर उतारने का काम सामूहिक पुरूषार्थ से करके दि ...

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अभावग्रस्तों की सेवा करना, उनकी सहायता करना हमारे जीवन मूल्यों में है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. एयरो सिटी नई दिल्ली, वरलक्ष्मी फाउंडेशन (जीएमआर ग्रुप) के सिल्वर जुबली समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का उद्बोधन....... वरलक्ष्मी फाउंडेशन और जीएमआर ग्रुप से संबन्धित सभी कर्मचारीगण, कार्यकर्तागण उपस्थित नागरिक सज्जन, माता और बहनों, मंत्री जी ने जो कहा, उससे मैं 100 प्रतिशत सहमत हूँ, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी, ये तीन शब्द आने के बहुत पहले से जो कमाते हो, उसमें से कितना देते हो, उस पर ...

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