महाभारत बताता है क्या करें और क्या न करें: डा. कृष्णगोपाल

महाभारत बताता है क्या करें और क्या न करें: डा. कृष्णगोपाल

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डा. कृष्णगोपाल ने कहा है कि व्यास रचित महाभारत एक ऐसा अनुपम, अद्वितीय एवं शाश्वत ग्रंथ है जो जीवन के अनेकानेक द्वंदों के…

शैलेशभाई रावल को श्री रमणभाई शाह “साधना” पत्रकारिता गौरव पुरस्कार

शैलेशभाई रावल को श्री रमणभाई शाह “साधना” पत्रकारिता गौरव पुरस्कार

अहमदाबाद (विसंके). गुजरात विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और कर्नाटक के पदनामित राज्यपाल श्री वजुभाई वाला ने गत 31  अगस्त को श्री रमणभाई शाह साधना पत्रकारिता गौरव पुरस्कार इंडिया टुडे मैगज़ीन…

शिक्षा आयोग ऐसा बने जिसमें सिर्फ शिक्षाविद हों : दीनानाथ बत्रा

शिक्षा आयोग ऐसा बने जिसमें सिर्फ शिक्षाविद हों : दीनानाथ बत्रा

दिल्ली. शिक्षा बचाओ आन्दोलन समिति के संस्थापक तथा राष्ट्रीय संयोजक श्री दीनानाथ बत्रा ने ऐसे स्वायत्त शिक्षा आयोग के गठन की आवश्यकता रेखांकित की है जिसमें राजनितिज्ञों के बजाय केवल…

‘हिंदू लड़कियों की पीड़ा उन्हें दिखाई क्यों नहीं देती?’

‘हिंदू लड़कियों की पीड़ा उन्हें दिखाई क्यों नहीं देती?’

जितने तथाकथित सेकुलर या मानवाधिकारी संगठन हैं, उनको हिंदुओं की पीड़ा दिखाई नहीं देती. वे हिंदू के कष्ट को कष्ट नहीं मानते. हजारों हिंदू बालिकाओं का कष्ट उनके दिल को…

भागय्या जी ने संस्कारहीन आधुनिकता से किया सावधान

भागय्या जी ने संस्कारहीन आधुनिकता से किया सावधान

मेरठ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख भागय्या जी ने संस्कारहीन आधुनिकता की बढ़ती प्रवृत्ति को राष्ट्र के लिये घातक बताते हुये इस पर चिंता व्यक्त की है…

ईश्वरीय कार्य है संघ कार्य: इंद्रेश कुमार

ईश्वरीय कार्य है संघ कार्य: इंद्रेश कुमार

रोहतक. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यकारी मंडल के सदस्य इंद्रेश कुमार  ने संघ कार्य को ईश्वरीय कार्य बताते हुए सलाह दी कि इस विचार में गहन आस्था स्वर्ग और मोक्ष…

एक दिशा में साथ चलने से बनेगा समृद्ध भारत: इंद्रेश

एक दिशा में साथ चलने से बनेगा समृद्ध भारत: इंद्रेश

चंडीगढ़. (वि.सं.के.). राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री इंद्रेश जी ने राष्ट्रोत्थान के लिये सवा सौ करोड़ भारतीयों को एक दिशा में चलने का आह्वान किया…

क्या इस लव जिहाद को कबूल करेंगे?

दुनिया की नजरों में तुम भले ही मेरी पत्नी बन गई हो, किंतु मेरे लिये तुम तब तक मेरी बीवी नहीं, जब तक तुम तीन बार ‘मुझे कबूल है, कबूल है, कबूल है’ नहीं कह देती.’ हिंदू रीति-रिवाज से एक हिंदू लड़की विवाह करके जब पहली बार ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि जिस लड़के ने खुद को हिंदू बताकर उससे शादी की है, वह वास्तव में more ...

August 30, 2014 (0) comments

2 सितम्बर/जन्म-दिवस; आदर्श कार्यकर्ता रामेश्वर दयाल जी

श्री रामेश्वर दयाल शर्मा का जन्म दो सितम्बर, 1927 को अपनी ननिहाल फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था. इनके पिता पंडित नत्थीलाल शर्मा तथा माता श्रीमती चमेली देवी थीं. 1935 में इनके पिताजी का देहांत हो गया, अतः माताजी चारों बच्चों को लेकर अपने मायके फिरोजाबाद आ गयीं. इस कारण सब बच्चों की प्रारम्भिक शिक्षा फिरोज more ...

September 02, 2014 (0) comments
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