हिन्दू समाज को जागृत व संगठित करने की आवश्यकता  – दत्तात्रेय जी

हिन्दू समाज को जागृत व संगठित करने की आवश्यकता – दत्तात्रेय जी

सिवान, बिहार (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि समाज को ठीक रखने के लिए समय-समय पर विचार-विमर्श करना भारतीय संस्कृति का प्रमुख कार्य…

भारतीय संस्कृति ही एक ऐसी संस्कृति है, जो मानव को जीने की राह बताती है – साध्वी दिवेशा भारती

भारतीय संस्कृति ही एक ऐसी संस्कृति है, जो मानव को जीने की राह बताती है – साध्वी दिवेशा भारती

हिसार, हरियाणा (विसंकें). विश्व हिन्दू परिषद के सेवा प्रकल्प भारत माता मंदिर हिसार के भूखंड प्रदाता स्व. चौ. फतेहचंद की पुण्य स्मृति, भारत माता मंदिर के स्थापना दिवस, विहिप के…

जम्मू कश्मीर समस्या को राजनैतिक चश्मे से देखना घातक – अरूण कुमार जी

जम्मू कश्मीर समस्या को राजनैतिक चश्मे से देखना घातक – अरूण कुमार जी

पटना (विसंकें). जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र दिल्ली के निदेशक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख अरुण कुमार जी ने कहा कि जम्मू कश्मीर की समस्या को…

संस्कृति दुनिया में केवल भारत के पास, शेष देशों में केवल सभ्यताएं – डॉ प्रणव पण्ड्या

संस्कृति दुनिया में केवल भारत के पास, शेष देशों में केवल सभ्यताएं – डॉ प्रणव पण्ड्या

भोपाल (विसंकें). अखिल विश्व गायत्री परिवार के निदेशक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि संस्कृति भारत के अलावा अन्य कहीं नहीं है. दुनिया…

मीडिया मनोरंजन के साथ सामाजिक विशेषताओं, संस्कारों के प्रति भी जागरूक करे – सुरेश भय्या जी जोशी

मीडिया मनोरंजन के साथ सामाजिक विशेषताओं, संस्कारों के प्रति भी जागरूक करे – सुरेश भय्या जी जोशी

कोच्चि (केरल). अगर मैं मलयालम में बोल पाता तो मुझे आपसे भी ज्यादा प्रसन्नता होती. लेकिन मैं अपने विचार आपके सामने हिन्दी में ही रखने जा रहा हूं. लोकार्पण समारोह,…

हिन्दुओं ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, बलात् धर्मांतरण पर हमारा विश्वास नहीं – डॉ कृष्ण गोपाल जी

हिन्दुओं ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, बलात् धर्मांतरण पर हमारा विश्वास नहीं – डॉ कृष्ण गोपाल जी

देहरादून (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि देशभर में 50 हजार शाखाओं, 15 हजार मासिक मिलन में सहभाग (जाने वाले) करने वाले…

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे बाबा साहेब आंबेडकर – डॉ कृष्ण गोपाल जी

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे बाबा साहेब आंबेडकर – डॉ कृष्ण गोपाल जी

काशी (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि जिस प्रकार किसी मंदिर में जाने से मन व आत्मा प्रफुल्लित होती है, वैसी ही…

सीमा पर रहने वाले भारतीय किसान हिन्दुस्तान की पहचान भी हैं

नई दिल्ली. दूर-दूर तक रेत के पहाड़ और उनके बीच निःशब्दता को भंग करती सिंधु और उसकी सहायक नदियां – श्योक और जंस्कार. श्योक और जंस्कार को भी समृद्ध करने वाली छोटी नदियां नुब्रा, सरू, डोडा और लुंगनक और छोटी-बड़ी जलधाराएं. भारत के सीमांत पर उत्तर-पश्चिम का लद्दाख क्षेत्र है यह. इन नदियों ने अपने साथ लायी मिट्टी स more ...

March 27, 2015 (0) comments

जन्मदिवस – विद्यार्थी परिषद की कार्यप्रणाली को आधार देने वाले यशवंत केलकर

नई दिल्ली. वे यशवंत वासुदेव केलकर ही थे, जिन्होंने ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ की कार्यप्रणाली को महत्वपूर्ण आधार दिया. उनका जन्म 25 अप्रैल, 1925 को पंढरपुर (महाराष्ट्र) में हुआ था. उनके पिता शिक्षा विभाग में नौकरी करते थे. वे रूढि़वादी थे, जबकि माता जानकीबाई जातिभेद से ऊपर उठकर सोचती थीं. यशवंत के मन पर म more ...

April 25, 2015 (0) comments
Scroll to top