हिन्दुत्व की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं है – डॉ. मोहन भागवत जी

हिन्दुत्व की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं है – डॉ. मोहन भागवत जी

लखनऊ (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हिन्दुत्व की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं है. किसी का द्वेष और विरोध हिन्दुत्व नहीं…

सभी संगठन राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिये समर्पित – डॉ. मोहन भागवत जी

सभी संगठन राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिये समर्पित – डॉ. मोहन भागवत जी

आगरा (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा 33 सम - विचारी संगठनों के स्वयंसेवक कार्यकर्ताओं की एक दिवसीय समन्वय बैठक सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की उपस्थिति में सम्पन्न हुई. समन्वय…

समाज में परिवर्तन सम्यक आचरण, बंधुत्व की भावना के आत्मीयतापूर्वक प्रबोधन से होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

समाज में परिवर्तन सम्यक आचरण, बंधुत्व की भावना के आत्मीयतापूर्वक प्रबोधन से होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

आगरा (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि वर्तमान में समाज परिवर्तन की आवश्यकता है और यह परिवर्तन समाज में सम्यक आचरण और बंधुत्व…

शिक्षा शोषण मुक्त व समरस समाज की सृष्टि करने वाली हो – डॉ. मोहन भागवत जी

शिक्षा शोषण मुक्त व समरस समाज की सृष्टि करने वाली हो – डॉ. मोहन भागवत जी

आगरा (विसंकें). शनिवार 20 अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ब्रजप्रांत द्वारा आयोजित महाविद्यालीय व विश्वविद्यालीय शिक्षक सम्मेलन में सहभागिता की. सम्मेलन के प्रथम सत्र…

ध्येय के प्रति समर्पित विश्वास के साथ चलने की प्रेरणा विश्वामित्र जी के जीवन से मिलती है – भय्याजी जोशी

ध्येय के प्रति समर्पित विश्वास के साथ चलने की प्रेरणा विश्वामित्र जी के जीवन से मिलती है – भय्याजी जोशी

नई दिल्ली (इंविसंके). लघु उद्योग भारती के संस्थापक सदस्य व प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय विश्वामित्र बहल के नाम पर पटेल नगर मेट्रो स्टेशन से पूर्वी पटेल नगर जाने वाले मुख्य मार्ग…

पाश्चात्य नेशन की कल्पना Exclusiveness, जबकि भारतीय राष्ट्र की कल्पना Inclusivness पर आधारित – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

पाश्चात्य नेशन की कल्पना Exclusiveness, जबकि भारतीय राष्ट्र की कल्पना Inclusivness पर आधारित – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत के शिक्षक का दायित्व बनता है कि भारतीय आध्यात्मिक दृष्टि से विद्यार्थियों को परिचित…

एकात्मता तथा सामाजिक समरसता ही हिन्दू समाज का प्राण है – सामाजिक सद्भाव सम्मेलन, गुजरात

एकात्मता तथा सामाजिक समरसता ही हिन्दू समाज का प्राण है – सामाजिक सद्भाव सम्मेलन, गुजरात

गुजरात (विसंकें). सामाजिक समरसता मंच, गुजरात ने बुधवार 03 अगस्त को सामाजिक अग्रणियों तथा संतों-महंतों की उपस्थिति में “ सामाजिक सद्भाव सम्मेलन “ का ऊना, भावनगर में आयोजन किया. इस…

एकात्म मानवदर्शन व ग्राम विकास

भारत में कृषि की प्रकृति पर निर्भरता लंबे समय से रही है. पहले, अल्प-वृष्टि वाले क्षेत्रों में किसान ऐसी फसलें लिया करते थे, जिनमें पानी की आवश्यकता अधिक न हो. देश के विभिन्न राज्यों में शासक अपने कर्तव्य के नाते सिंचाई के लिए ऐसी व्यवस्थाएं किया करते थे ताकि कम वर्षा की स्थिति में अकाल न पड़े. लेकिन विदेशी आक more ...

August 30, 2016 (0) comments

26 अगस्त / इतिहास स्मृति – चित्तौड़ का पहला जौहर

नई दिल्ली. जौहर की गाथाओं से भरे पृष्ठ भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं. ऐसे अवसर एक नहीं, कई बार आए हैं, जब हिन्दू ललनाओं ने अपनी पवित्रता की रक्षा के लिए ‘जय हर-जय हर’ कहते हुए हजारों की संख्या में सामूहिक अग्नि प्रवेश किया था. यही उद्घोष आगे चलकर ‘जौहर’ बन गया. जौहर की गाथाओं में सर्वाधिक चर्चित प्रसंग चि more ...

August 26, 2016 (0) comments
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