-3 डिग्री तापमान में संघ का प्रशिक्षण ले रहे हैं स्वयंसेवक

-3 डिग्री तापमान में संघ का प्रशिक्षण ले रहे हैं स्वयंसेवक

शिमला. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कार्यकर्ता निर्माण के लिए वर्गों का विशेष महत्व है. ऐसे वर्गों से ही देश और समाज के लिए देशभक्त, अनुशासित, चरित्रवान और निःस्वार्थ भाव से…

हमें विश्व की सारी समस्याओं का समाधान करने वाले वैभवशाली एवं समर्थ भारत का निर्माण करना है – डॉ. मोहन भागवत जी

हमें विश्व की सारी समस्याओं का समाधान करने वाले वैभवशाली एवं समर्थ भारत का निर्माण करना है – डॉ. मोहन भागवत जी

14 जनवरी मकर संक्रांति के अवसर पर परेड ग्राउंड कोलकत्ता महानगर के स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण में सरसंघचालक जी का उद्बोधन कोलकत्ता (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत…

राष्ट्रीय विचारों की मजबूती के लिए राष्ट्रीय साहित्य का डिजिटाईजेशन आवश्यक – जे. नंद कुमार जी

राष्ट्रीय विचारों की मजबूती के लिए राष्ट्रीय साहित्य का डिजिटाईजेशन आवश्यक – जे. नंद कुमार जी

नई दिल्ली. इन्द्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र तथा नेशनल बुक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में विश्व पुस्तक मेले में राष्ट्रीय साहित्य एवं डिजिटल मीडिया विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गयी.…

परिवार हमारी संस्कृति का आधार है – डॉ. मोहन भागवत जी

परिवार हमारी संस्कृति का आधार है – डॉ. मोहन भागवत जी

हैदराबाद. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि ‘परिवार’ हमारी संस्कृति का आधार है, क्योंकि परिवार में ही माता-पिता के माध्यम से सभी को नैतिकता और…

यह देश करुणा, सामंजस्य, समन्वय, शान्ति और धर्म का है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

यह देश करुणा, सामंजस्य, समन्वय, शान्ति और धर्म का है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने ‘सामाजिक समरसता और हिन्दुत्व’ एवं ‘दत्तोपंत ठेंगड़ी जीवन दर्शन व एकात्म मानववाद – खंड 7 व 8’ नाम से तीन…

विश्व में भारत स्वाभिमान और गर्व के साथ खड़ा हो, यह समय की मांग है – सुरेश भय्याजी जोशी

विश्व में भारत स्वाभिमान और गर्व के साथ खड़ा हो, यह समय की मांग है – सुरेश भय्याजी जोशी

बेंगलूरु. आचार्य अभिनवगुप्त की सहस्त्राब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय विद्वत संगम के समापन समारोह को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि…

भारत की संस्कृति वेद-तंत्र-योग की त्रिवेणी का संगम है – जे. नंदकुमार जी

भारत की संस्कृति वेद-तंत्र-योग की त्रिवेणी का संगम है – जे. नंदकुमार जी

विद्वत संगम बैंगलुरु कश्मीर का युवा अपने अतीत से जुड़ेगा तो निश्चित ही नकारात्मक ताकतों को विफल करेगा – निर्मल सिंह जी बैंगलुरु. राष्ट्रीय विद्वत संगम का उद्घाटन आर्ट ऑफ…

समाज को सही दिशा में मोड़ने वाली नारी शक्ति..!

भारत में नारी शक्ति का सम्मान प्राचीन काल से रहा है. भारत की संस्कृति और सभ्यता को बनाये रखने में यहाँ की महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है. भारतीय समाज समय के साथ काफी बदला है. लेकिन इसके मूल्य आज भी वही हैं. समय के साथ भारतीय समाज में बदलाव लाने का काम यहाँ की महिलाओं ने किया है. प्राचीन काल से चली आ रही प more ...

November 27, 2016 (1) comments

20 जनवरी / बलिदान दिवस – छत्तीसगढ़ के अमर बलिदानी गेंदसिंह

नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है बस्तर. अंग्रेजों ने अपनी कुटिल चालों से बस्तर को अपने शिकंजे में जकड़ लिया था. वे बस्तर के वनवासियों का नैतिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण कर रहे थे. इससे वनवासी संस्कृति के समाप्त होने का खतरा बढ़ रहा था. अतः बस्तर के जंगल आक्रोश से गरमाने लगे. उन दिनों परलकोट के more ...

January 20, 2017 (0) comments
Scroll to top