लोकतंत्र में अधिकार के साथ-साथ स्वनियमन का दायित्व भी अंगीकार करना चाहिए – दत्तात्रेय होसबाले जी

लोकतंत्र में अधिकार के साथ-साथ स्वनियमन का दायित्व भी अंगीकार करना चाहिए – दत्तात्रेय होसबाले जी

लखनऊ (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि बृजमंडल के केशव और आधुनिक केशव के कर्म में कोई अंतर नहीं है. धर्म की स्थापना…

केवल स्वतंत्रता दिवस पर भारत माता की जय बोल लेना पर्याप्त नहीं – सुरेश भय्या जी जोशी

केवल स्वतंत्रता दिवस पर भारत माता की जय बोल लेना पर्याप्त नहीं – सुरेश भय्या जी जोशी

इंदौर (विसंकें). स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर में प्रातः 8:00 बजे, शुभ कारज गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इस अवसर पर…

विश्व में हमारी पहचान हिन्दुत्व, भारतीय चिंतन एवं दर्शन पर आधारित है – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

विश्व में हमारी पहचान हिन्दुत्व, भारतीय चिंतन एवं दर्शन पर आधारित है – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

वाराणसी (विसंकें). स्वतंत्रता भवन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित रक्षा बन्धन उत्सव को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन…

केरल में आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या, माकपा का लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला – दत्तात्रेय होसबले जी

केरल में आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या, माकपा का लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला – दत्तात्रेय होसबले जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बस्ती कार्यवाह एस.एल. राजेश (34) की निर्मम हत्या ने एक बार पुन: माकपा द्वारा की जा रही हत्याओं की राजनीति की ओर सबका…

स्वदेशी भाव के बिना कोई भी साहित्य अधूरा है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

स्वदेशी भाव के बिना कोई भी साहित्य अधूरा है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने साहित्य में स्वदेश भाव विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि शकों और हूणों ने भी भारत…

एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तकों में हों यथा शीघ्र वांछित सुधार – अतुल कोठारी जी

एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तकों में हों यथा शीघ्र वांछित सुधार – अतुल कोठारी जी

नई दिल्ली. शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा एन.सी.ई.आर.टी की पाठ्यपुस्तकों में आवश्यक सुधार के लिए भेजे गए सुझावों पर कांस्टीट्यूशन क्लब में संवाद एवं चर्चा की गई. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और…

योग्य बनना है तो कर्तृत्व पर ध्यान दें – डॉ. मोहन भागवत जी

योग्य बनना है तो कर्तृत्व पर ध्यान दें – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि कर्तृत्व संपन्न लोगों के चरित्र लिखे जाते हैं. जिनको बाहरी जगत में करिश्माई नेता कहा जाता…

हिन्दू संस्कृति : व्यष्टि से परमेष्ठी की अविरल यात्रा

अपने देश को छोड़कर शेष दुनिया में समाज जीवन को संचालित करने का आधार कानून है, जबकि हमारे यहां धर्म संचालित समाज जीवन है. सृष्टि संचालन के नियमों को समझने में असफल पश्चिम ने समाज व्यवस्था के लिए कानून का सहारा लिया, जो कृत्रिम व्यवस्था है. रवींद्र नाथ ठाकुर कहते थे कि अपने घर में प्रकाश करने के लिए यदि दीपक जला more ...

June 29, 2017 (0) comments

12 जुलाई / पुण्यतिथि – संघव्रती, जुगल किशोर परमार जी

नई दिल्ली. मध्यभारत प्रांत की प्रथम पीढ़ी के प्रचारकों में से एक जुगल किशोर जी परमार का जन्म इंदौर के एक सामान्य परिवार में वर्ष 1919 में हुआ था. भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के कारण घर वालों को उनसे कुछ अधिक ही अपेक्षाएं थीं, पर उन्होंने संघव्रत अपनाकर आजीवन उसका पालन किया. जुगल जी किशोरावस्था में संघ के सम् more ...

July 12, 2017 (0) comments
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