एकात्मता का प्रतीक है संघ का सेवाकार्य: भय्या जी जोशी

एकात्मता का प्रतीक है संघ का सेवाकार्य: भय्या जी जोशी

लखनऊ. राहत कार्य संघ की कार्यपद्धति में ही शामिल है. जम्मू-कश्मीर में संघ द्वारा की गयी आपदा सहायता वस्तुतः एकात्मता की मिसाल है. समाज के दलित, पिछड़े वनवासी क्षेत्र में…

संघ धर्म के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करता: मनमोहनजी वैद्य

संघ धर्म के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करता: मनमोहनजी वैद्य

लखनऊ में अ.भा.कार्यकारिणी मण्डल की बैठक शुरू लखनऊ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मण्डल की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक शुक्रवार, 17 अक्टूबर को यहां शुरू हुई. संघ के…

साहित्य में भाव को लेकर अर्थ निकलता है: प्रो. चांद

साहित्य में भाव को लेकर अर्थ निकलता है: प्रो. चांद

देहरादून (विसंके). संस्कृत भारती देहरादून द्वारा विश्व संवाद केन्द्र धर्मपुर के विवेकानन्द सभागार में 12 अक्टूबर को एक दिवसीय संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि…

‘कारसेवकों का बलिदान नहीं होगा बेकार’

‘कारसेवकों का बलिदान नहीं होगा बेकार’

हरिद्वार(विसंके). श्रीप्रेमनगर आश्रम हरिद्वार में चल रहे बजरंग दल के राष्ट्रीय अधिवेशन में राम मंदिर कारसेवा में मारे गये कोठारी बंधुओं की माता और अमरनाथ श्राइन बोर्ड संघर्ष में शहीद…

प्रधानमंत्री द्वारा ”विराट पुरुष नानाजी” ग्रंथावली का विमोचन

प्रधानमंत्री द्वारा ”विराट पुरुष नानाजी” ग्रंथावली का विमोचन

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने शनिवार, 11 अक्टूबर को यहां विराट पुरूष नाना जी देशमुख नामक ग्रंथावली का विमोचन किया. यह ग्रंथ दीनदयाल अनुसंधान संस्‍थान द्वारा छह अंकों…

हिंदुत्व हिंदुओं की विरासत है, जागीर नहीं : मोहन भागवत

हिंदुत्व हिंदुओं की विरासत है, जागीर नहीं : मोहन भागवत

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने कहा है कि भारत के लोगों ने हिंदुत्व को अपनी जागीर नहीं माना है, बल्कि उन्होंने…

बिना नारी शक्ति को सम्मान दिये समाज की उन्नति असंभव – इन्द्रेश कुमार

बिना नारी शक्ति को सम्मान दिये समाज की उन्नति असंभव – इन्द्रेश कुमार

जोधपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री इन्द्रेश कुमार ने कहा कि जो समाज नारी रूपी शक्ति को सम्मान देता है वही समाज तरक्की करता है, शक्ति…

परिपूर्ण मानव – श्री गुरुजी

भारतीय जीवन-सिद्धांतों के संबंध में आज फिर से विचार करने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है. इसका कारण बड़ा स्पष्ट और सरल है. हमें पता है कि जब तक देश में एक परकीय राज्य था, तब लोगों में अपना देश, अपना राष्ट्र, अपना स्वत्व-यह विचार प्रबल था. लोग यह भी समझते थे कि अपने राष्ट्र के स्वातंत्र्य के लिये, पुनर्निर्माण के ल more ...

October 18, 2014 (0) comments

20 अक्तूबर/जन्म-दिवस : संघ सुगन्ध के विस्तारक शरद मेहरोत्रा

कन्नौज (उ.प्र.) के प्रसिद्ध इत्र निर्माता व नगर संघचालक श्री हरिहर नाथ एवं श्रीमती सरला के घर में 20 अक्तूबर, 1942 को शरद जी का जन्म हुआ. संघचालक होने के कारण संघ के कार्यकर्ताओं का प्रायः उनके घर आगमन होता था; पर वे अपनी किताबों में डूबे रहते थे. इस कारण कन्नौज में वे संघ से नहीं जुड़ पाये. सेठ वासुदेव सहाय more ...

October 20, 2014 (0) comments
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