देवर्षि नारद की तरह हर पत्रकार का ध्येय लोक कल्याण हो – जे. नंदकुमार जी

देवर्षि नारद की तरह हर पत्रकार का ध्येय लोक कल्याण हो – जे. नंदकुमार जी

पानीपत (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंद कुमार जी ने कहा कि पत्रकारिता आज बौद्धिक कैंसर से ग्रस्त हो चुकी है. इसका निदान करने…

लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों का तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष होना आवश्यक – डॉ. बजरंग लाल गुप्त जी

लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों का तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष होना आवश्यक – डॉ. बजरंग लाल गुप्त जी

नई दिल्ली ( इंविसंके). इन्द्रप्रस्थ विश्व संवाद केन्द्र के तत्वावधान में आदि पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में “नारद पत्रकार सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि वित्त, सूचना…

हम तो समाज को ही भगवान मानते हैं – श्रीगुरूजी

हम तो समाज को ही भगवान मानते हैं – श्रीगुरूजी

अनेकों बार कई कार्यकर्ताओं ने श्रीगुरुजी से वर्ण तथा जातिव्यवस्था के बारे में प्रश्न पूछे हैं. इन प्रश्नों के उत्तर में श्रीगुरुजी का वर्ण तथा जातिव्यवस्था के बारे में दृष्टिकोण…

माकपा छोड़ संघ में आना है हत्याओं की वजह

माकपा छोड़ संघ में आना है हत्याओं की वजह

केरल लंबे समय से मार्क्सवादी आतंकवाद की छाया में रहा है. जिस तरह रूस में स्टालिन के कार्यकाल में हत्या की राजनीति का जोर था, उसका प्रतिरूप कन्नूर में दिखा,…

संघ भारत की विविधता और उसमें समायी एकात्मता को अपने में समेटे हुए है – दत्तात्रेय होसबले जी

संघ भारत की विविधता और उसमें समायी एकात्मता को अपने में समेटे हुए है – दत्तात्रेय होसबले जी

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग की परम्परा, इतिहास और विशेषताएं अद्भुत है. यह वर्ग समयानुसार अधिक विकसित होता गया…

भारत को असहिष्णु कहने वाले गुलामी की मानसिकता से ग्रसित – इंद्रेश कुमार जी

भारत को असहिष्णु कहने वाले गुलामी की मानसिकता से ग्रसित – इंद्रेश कुमार जी

हिसार, हरियाणा (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार जी ने कहा कि जो लोग भारत को असहिष्णु देश बताते हैं, वो लोग गुलामी की…

प्राचीन एवं वर्तमान में संतुलन बनाकर कार्य करना होगा – सुरेश भय्या जी जोशी

प्राचीन एवं वर्तमान में संतुलन बनाकर कार्य करना होगा – सुरेश भय्या जी जोशी

भोपाल (विसंकें). निनौरा-उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय विचार महाकुंभ के दूसरे दिन 'कृषि एवं कुटीर' कुंभ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने कहा कि प्रकृति से अधिक से…

हम तो समाज को ही भगवान मानते हैं – श्रीगुरूजी

अनेकों बार कई कार्यकर्ताओं ने श्रीगुरुजी से वर्ण तथा जातिव्यवस्था के बारे में प्रश्न पूछे हैं. इन प्रश्नों के उत्तर में श्रीगुरुजी का वर्ण तथा जातिव्यवस्था के बारे में दृष्टिकोण बिल्कुल साफ हो जाता है. कुछ प्रश्न और श्रीगुरुजी द्वारा दिए गए उनके उत्तर इस प्रकार हैं - प्रश्न - यह हिंदू राष्ट्र है. इस सिद्धांत more ...

May 19, 2016 (0) comments

27 मई / पुण्यतिथि – कर्मवीर धर्मचंद नाहर

नई दिल्ली. धर्मचंद नाहर जी का जन्म राजस्थान में अजमेर से लगभग 150 किमी दूर स्थित ग्राम हरनावां पट्टी में वर्ष 1944 की कार्तिक कृष्ण 13 (धनतेरस) को हुआ था. जब वे केवल तीन वर्ष के थे, तब उनके पिता मिश्रीमल जी बच्चों की समुचित शिक्षा के लिये लाडनू आ गये. यह परिवार जैन मत के तेरापंथ से सम्बन्धित था. लाडनू उन दिनो more ...

May 27, 2016 (0) comments
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